फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Neha is shaping the future of slum children

Ambala News: झोपड़ी के बच्चों का भविष्य संवार रहीं नेहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
Neha is shaping the future of slum children
अब तक 188 जरूरतमंद बच्चों का सहारा बनीं मेंटल हेल्थ काउंसलर, आईआईटी तक पहुंच रहे छात्र
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। अंबाला छावनी के गणेश विहार की रहने वाली नेहा प्रवीण ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। पेशे से मेंटल हेल्थ काउंसलर नेहा 11 वर्षों से झोपड़ी में रहने वाले बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। इनके पढ़ाए बच्चे आईआईटी तक तक पहुंच गए हैं। वह इद्रीश फाउंडेशन नाम से संस्था चलाती हैं, जिसके माध्यम से टांगरी नदी के किनारे रहने वाले गरीब बच्चों को कक्षाओं में पढ़ाती हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षक तक रख रखे हैं। इसके साथ ही 38 बच्चों को गोद भी लिया है। उनकी फीस, यूनिफार्म, स्टेशन आदि का खर्चा वह समाज की मदद से उठाती हैं।
12वीं से शुरू हुआ सफर
नेहा के समाज सेवा का सफर 12वीं से ही शुरू हो गया था। शुरुआती दौर में उन्हें गांधी मैदान की झोपड़ियों में अभद्रता का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। शनिवार और रविवार को बच्चों को जागरूक कर उन्होंने 25 बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया। वर्ष 2017 में पिता के निधन के बाद नेहा ने उनके नाम पर इद्रीश फाउंडेशन का पंजीकरण कराया। आज यह संस्था दो केंद्रों के माध्यम से 188 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रही है। फाउंडेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि टांगरी बांध निवासी मुस्कान है, जो आज आईआईटी झारखंड में शिक्षा ग्रहण कर रही है। इसके अतिरिक्त, दो छात्र अंबाला इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहे हैं और कई अन्य नीट की तैयारी में जुटे हैं। नेहा ने प्रोजेक्ट केयर के तहत 38 ऐसे बच्चों को गोद लिया है जिनके पिता नहीं हैं। उनकी फीस से लेकर यूनिफॉर्म तक का खर्च दानी सज्जनों के सहयोग से उठाया जा रहा है।
विज्ञापन


लाइब्रेरी और पैड बैंक की पहल
शिक्षा के साथ-साथ नेहा बेटियों के स्वास्थ्य के प्रति भी सजग हैं। वह झुग्गियों में सैनिटरी पैड बैंक और पुरानी किताबों के लिए प्रोजेक्ट लाइब्रेरी भी संचालित कर रही हैं। इस नेक कार्य में उन्हें विनय मल्होत्रा, सोमदेव और कपिल भटेजा जैसे दानदाताओं का निरंतर सहयोग मिल रहा है। नेहा की यह मुहिम आज अंबाला की झुग्गियों में शिक्षा का उजियारा फैला रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed