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बिल्डिंग ब्रांच का सारा रिकार्ड ठेकेदार के पास, इंस्पेक्टर ने लिखकर दिया रखने के लिए नहीं जगह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 01:33 AM IST
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nagar nigam - फोटो : Ambala
अंबाला। नगर निगम में तमाम प्रापर्टी और टैक्स के रिकार्ड के साथ बिल्डिंग ब्रांच का सारा रिकार्ड भी ठेकेदार के पास ही है। हैरत की बात तो यह है कि इस रिकार्ड को ठेकेदार को रखने की अनुमति खुद बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टर ने ही दी है। बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टर ने लिखित में ठेकेदार को कहा है कि उनके पास रिकार्ड रखने की जगह नहीं है इसीलिए रिकार्ड अपने पास ही रखें। अलबत्ता यह रिकार्ड यदि ठेकेदार के पास से चोरी हो गया या फिर जल गया या इसका दुरुपयोग हुआ तो इसका कौन जिम्मेदार होगा? नगर निगम में इस बात का जवाब देने वाला कोई नहीं है। बता दें कि नगर निगम ने प्रफेक्ट वेबटेक का तमाम रिकार्ड स्कैन करने और उसे आनलाइन अप टू डेट करने का ठेका वर्ष 2017 में दिया था लेकिन इसके बाद से अब तक ठेकेदार से बिल्डिंग ब्रांच ने यह रिकार्ड लेना लाजमी ही नहीं समझा।
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सभी ब्रांच को जारी हो चुके हैं लेटर
बता दें कि नगर निगम के अधिकारियों ने सभी ब्रांच को लेटर लिखकर अपना रिकार्ड ठेकेदार से लेकर उसे खुद मैंटेन करने के आदेश भी पारित किए थे लेकिन संबंधित शाखा इंचार्ज को इनकी कोई परवाह नहीं है। यही कारण है कि तमाम रिकार्ड ठेकेदार के पास ही है। ठेकेदार मयंक से जब इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिल्डिंग ब्रांच का सारा रिकार्ड हैंड ओवर करने के लिए बातचीत की गई थी। इस पर बिल्डिंग ब्रांच इंस्पेक्टर ने उन्हें लिखकर दिया है कि उनके पास रिकार्ड रखने के लिए जगह नहीं है।
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बिल्डिंग इंस्पेक्टर जवाबदेही से बचते नजर आए
बता दें कि रिकार्ड स्कैन करने से पहले भी वह बिल्डिंग ब्रांच में ही था। ऐसे में अब ऐसा क्या हो गया कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने लिखित में ठेकेदार को सारा रिकार्ड अपने पास रखने का आग्रह किया? इस बारे में जब बिल्डिंग ब्रांच इंस्पेक्टर भीम सिंह से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने 10 काल करने के बाद भी फोन नहीं उठाया। उन्हें टेक्स मैसेज किया गया और इस बारे में पूछा गया तो भी उन्होंने जवाब देना लाजमी नहीं समझा।
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90 हजार रूपये के बिजली बिल का कौन करेगा भुगतान
बता दें कि ठेकेदार को सारा रिकार्ड स्कैन करने का जिम्मा नगर निगम ने दिया था। इसकी एवज में ठेकेदार को ईओ की सरकारी कोठी अधिकारियों ने दे दी। ठेकेदार ने यहीं पर काम किया। बिजली का बिल 90 हजार रुपये बना जोकि करीब डेढ़ साल से किसी ने नहीं भरा। जब ईओ के लिए कोठी खाली करवाई गई तो ईओ को बिजली सप्लाई देने के लिए सब मीटर का प्रयोग किया गया और पुराने मीटर का कनेक्शन कटवा दिया गया।

मीटर के भुगतान के बारे में मैंने संबंधित शाखा को लिख दिया था। मुझे तो सब मीटर से सप्लाई दी गई है। बिल्डिंग ब्रांच मेरे पास नहीं है। सभी शाखाओं के इंचार्ज इसके लिए जवाबदेह हैं। उन्हें पत्राचार करके कहा गया था कि अपना सारा रिकार्ड ठेकेदार से लेकर उसे मैंटेन करें। बिल्डिंग इंस्पेक्टर यदि रिकार्ड रखने के लिए जगह नहीं होने की बात कह रहे हैं तो वह गलत है। स्कैन होने से पहले भी तो रिकार्ड वहीं था।
-विरेंद्र सहारन, ईओ नगर निगम।
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