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मेरा पुत जगतार...बोल फफक-फफक कर रो पड़ी मां, बोली- दे गया धोखा
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अंबाला। पति के पार्थिव शरीर को देख विलाप करते हुए उसकी पत्नी ढांढस देते परिजन अन्य।
- फोटो : Ambala
पटना के सासाराम रेलवे ट्रैक पर मिले कैप्टन जगतार सिंह के शव का सोमवार को सेना ने राजकीय सम्मान के साथ संस्कार कर अंतिम विदाई दी। फूलों से सजे ट्रक में शव को सम्मान के साथ मिल्ट्री अस्पताल से छावनी के श्याम नगर जगतार के घर लाया गया। करीब दो घंटा रखने के बाद छावनी के रामबाग में लेकर पहुंचे। जहां सेना के जवानों ने पहले शस्त्र झुकाएं रखे और पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि दी। वहीं, संस्कार के दौरान हवा में 17 राउंड फायर भी किए गए। इस दौरान जैसे ही अंतिम दर्शन के लिए परिजन आगे आए तो मां, हाय मेरा पुत जगतार...बोलकर फफक-फफक कर रोने लगी और बोली कि धोखा दे गया।
इसी बीच पति के अंतिम दर्शन कर पत्नी भी गश खाकर गिर पड़ी। परिजनों ने पत्नी को संभाला। गोरखपुर एयरफोर्स में विंग कमांडर भाई बलविंद्र राज ने करीब सवा साल के दोनों जुड़वा बच्चों के हाथ लगवाकर भाई को मुखाग्नि दी। महज 40 वर्ष की उम्र में हुए इस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया था।
हादसा या हत्या, परिजनों में संशय, सेना अथॉरिटी जांच में जुटी
कैप्टन जगतार देहरादून से ढाई माह पहले ही गया की ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में ट्रांसफर हुए थे। एक माह पहले ही वह अपनी पत्नी और सवा साल के दो जुड़वा बच्चों को अंबाला छोड़कर गए थे। छुट्टी वाले दिन वह लापता हो गए। कैप्टन का शव ओटीए से 120 किलोमीटर दूर मिला और कार ओटीए से सात किलोमीटर जीआरपी की पार्किंग में मिली। यह सभी बातें जांच का विषय हैं कि आखिर यह हत्या है या हादसा। सेना अथॉरिटी जांच में जुट गई है।
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इसी बीच पति के अंतिम दर्शन कर पत्नी भी गश खाकर गिर पड़ी। परिजनों ने पत्नी को संभाला। गोरखपुर एयरफोर्स में विंग कमांडर भाई बलविंद्र राज ने करीब सवा साल के दोनों जुड़वा बच्चों के हाथ लगवाकर भाई को मुखाग्नि दी। महज 40 वर्ष की उम्र में हुए इस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया था।
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हादसा या हत्या, परिजनों में संशय, सेना अथॉरिटी जांच में जुटी
कैप्टन जगतार देहरादून से ढाई माह पहले ही गया की ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी में ट्रांसफर हुए थे। एक माह पहले ही वह अपनी पत्नी और सवा साल के दो जुड़वा बच्चों को अंबाला छोड़कर गए थे। छुट्टी वाले दिन वह लापता हो गए। कैप्टन का शव ओटीए से 120 किलोमीटर दूर मिला और कार ओटीए से सात किलोमीटर जीआरपी की पार्किंग में मिली। यह सभी बातें जांच का विषय हैं कि आखिर यह हत्या है या हादसा। सेना अथॉरिटी जांच में जुट गई है।
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