{"_id":"6702facbee976d80a806cf97","slug":"municipal-council-will-collect-information-about-dilapidated-roads-ambala-news-c-36-1-amb1001-130752-2024-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कंडम सड़कों की जानकारी जुटाएगा नगर परिषद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कंडम सड़कों की जानकारी जुटाएगा नगर परिषद
विज्ञापन
अंबाला-साहा हाइवे पर स्थित नागरिक अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क के हालात। संवाद
अंबाला। कंडम सड़कों को दुरुस्त करवाने के लिए नगर परिषद जल्द ही कार्रवाई आरंभ करेगा। सड़कों को दुरुस्त करने से पहले वार्ड स्तर पर टीम भेजी जाएगी जोकि सड़कों का आंकड़ा जुटाएंगी। इसके आधार पर ही सड़क के नवनिर्माण सहित पैचवर्क की योजना तैयार की जाएगी जिससे लोगों को राहत मिल सके।
नगर परिषद ने आचार संहिता से पहले इस योजना पर कार्रवाई को लेकर तैयारी आरंभ कर थी जोकि आचार संहिता के बाद रोक दी गई थी, लेकिन अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए नगर परिषद ने नए सिरे से यह कार्रवाई करने की तैयारी आरंभ कर दी है।
इसके अलावा नगर परिषद ने जिस प्रकार अन्य समस्याओं के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया हुआ है। वहीं अब टूटी सड़कों व पैचवर्क की शिकायत भी हेल्प डेस्क पर बैठे कर्मचारी लेंगे। जल्द ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। प्राप्त जानकारी अनुसार यह योजना इसलिए तैयार की गई थी जिससे अगर सड़कों का नए सिरे से निर्माण न हो पाए तो तो कम से कम पैचवर्क सुनकर सड़क के हालात दुरुस्त किए जा सकें।
विज्ञापन
रोजाना हो रहे हादसे
अंबाला छावनी में अधिकांश सड़कें बरसों पुरानी हैं। हालांकि प्रमुख बाजारों की सड़कों को बेशक नए सिरे से तैयार कर दिया गया है, लेकिन अभी भी कुछ बाजार इस सुविधा से वंचित हैं। वहीं रिहायशी क्षेत्रों की बात करें तो अधिकांश जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स से निर्मित सड़कों की हालत काफी बद्दतर हो चुकी है जोकि कई जगह से उखड़ भी गई हैं। इसमें सबसे बुरी हालात रामबाग रोड से एकता विहार की तरफ जाने वाले सड़क की है।
दूसरी सबसे खराब सड़क महेशनगर से दयालबाग की है जो बरसों बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाई, हालांकि खानापूर्ति के नाम पर इस सड़क पर कई बार पैचवर्क भी हुआ, बावजूद इसके सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई।
आचार संहिता से पहले अंबाला छावनी की सड़कों को दुरुस्त करने योजना तैयार की गई थी ताकि जहां नई सड़क के बनने की जरूरत है, वहां नई सड़क बनाई जाए और जहां पैचवर्क की जरूरत है, वहां पैचवर्क किया जा सके। लेकिन आचार संहिता के कारण यह योजना रोक दी गई थी, लेकिन अब इस पर नए सिरे से जल्द ही काम शुरु किया जाएगा।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।
विज्ञापन
नगर परिषद ने आचार संहिता से पहले इस योजना पर कार्रवाई को लेकर तैयारी आरंभ कर थी जोकि आचार संहिता के बाद रोक दी गई थी, लेकिन अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए नगर परिषद ने नए सिरे से यह कार्रवाई करने की तैयारी आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
इसके अलावा नगर परिषद ने जिस प्रकार अन्य समस्याओं के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया हुआ है। वहीं अब टूटी सड़कों व पैचवर्क की शिकायत भी हेल्प डेस्क पर बैठे कर्मचारी लेंगे। जल्द ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। प्राप्त जानकारी अनुसार यह योजना इसलिए तैयार की गई थी जिससे अगर सड़कों का नए सिरे से निर्माण न हो पाए तो तो कम से कम पैचवर्क सुनकर सड़क के हालात दुरुस्त किए जा सकें।
विज्ञापन
रोजाना हो रहे हादसे
अंबाला छावनी में अधिकांश सड़कें बरसों पुरानी हैं। हालांकि प्रमुख बाजारों की सड़कों को बेशक नए सिरे से तैयार कर दिया गया है, लेकिन अभी भी कुछ बाजार इस सुविधा से वंचित हैं। वहीं रिहायशी क्षेत्रों की बात करें तो अधिकांश जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स से निर्मित सड़कों की हालत काफी बद्दतर हो चुकी है जोकि कई जगह से उखड़ भी गई हैं। इसमें सबसे बुरी हालात रामबाग रोड से एकता विहार की तरफ जाने वाले सड़क की है।
दूसरी सबसे खराब सड़क महेशनगर से दयालबाग की है जो बरसों बीत जाने के बाद भी नहीं बन पाई, हालांकि खानापूर्ति के नाम पर इस सड़क पर कई बार पैचवर्क भी हुआ, बावजूद इसके सड़क दुरुस्त नहीं हो पाई।
आचार संहिता से पहले अंबाला छावनी की सड़कों को दुरुस्त करने योजना तैयार की गई थी ताकि जहां नई सड़क के बनने की जरूरत है, वहां नई सड़क बनाई जाए और जहां पैचवर्क की जरूरत है, वहां पैचवर्क किया जा सके। लेकिन आचार संहिता के कारण यह योजना रोक दी गई थी, लेकिन अब इस पर नए सिरे से जल्द ही काम शुरु किया जाएगा।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।