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Ambala News: एमएसएमई के भुगतान में देरी का सांसद ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा
Tue, 10 Feb 2026 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 10 Feb 2026 06:05 AM IST
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अंबाला सिटी। राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने संसद में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बकाया भुगतान का राज्य सभा में मुद्दा उठाया। उन्होंने बड़े कॉरपोरेट्स और सरकारी विभागों द्वारा भुगतान में होने वाली देरी पर सरकार से जवाब मांगा।
सरकार ने डेटा साझा करते हुए बताया कि सीपीएसई द्वारा देय 17,400.13 करोड़ में से 14,744.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 4 फरवरी 2026 तक 2,655.60 करोड़ रुपये बकाया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि भुगतान में 45 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उसे आयकर में छूट नहीं मिलेगी। साथ ही, विलंब पर आरबीआई बैंक दर से तीन गुना चक्रवर्ती ब्याज देना अनिवार्य होगा। समाधान के लिए सरकार ने ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम और डिजिटल विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत किया है। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि एमएसएमई की विफलता का मुख्य कारण क्षमता नहीं, बल्कि नकदी प्रवाह में रुकावट है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर भुगतान ही इन उद्योगों की जीवनरेखा है, जिससे रोजगार और सप्लाई चेन सुरक्षित रहेगी। संवाद
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सरकार ने डेटा साझा करते हुए बताया कि सीपीएसई द्वारा देय 17,400.13 करोड़ में से 14,744.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 4 फरवरी 2026 तक 2,655.60 करोड़ रुपये बकाया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि भुगतान में 45 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उसे आयकर में छूट नहीं मिलेगी। साथ ही, विलंब पर आरबीआई बैंक दर से तीन गुना चक्रवर्ती ब्याज देना अनिवार्य होगा। समाधान के लिए सरकार ने ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम और डिजिटल विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत किया है। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि एमएसएमई की विफलता का मुख्य कारण क्षमता नहीं, बल्कि नकदी प्रवाह में रुकावट है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर भुगतान ही इन उद्योगों की जीवनरेखा है, जिससे रोजगार और सप्लाई चेन सुरक्षित रहेगी। संवाद
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