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जच्चा की मौत का मामला : स्वास्थ्य विभाग ने गठित की जांच कमेटी, दर्ज हुए स्टाफ के बयान
Sat, 27 Sep 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 27 Sep 2025 11:24 PM IST
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मृतका उषा की फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी द्वारा महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवाने व स्टाफ की लापरवाही से जच्चा की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी। तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी में एसएमओ डॉ. रचना बंसल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील, आरएमओ डॉॅ. जितेंद्र शामिल है।
शुक्रवार को जांच कमेटी ने प्रसूति विभाग में 21 सितंबर को ड्यूटी पर तैनात दो नर्सिंग ऑफिसर सहित पांच महिला स्टाफ के बयान दर्ज किए। पूछा कि आखिर उस समय क्या हुआ था और जो आरोप लगे हैं क्या वह सही है। ऐसे में स्टाफ ने सभी आरोपों को नकारते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही। अस्पताल प्रबंधन अब 21 सितंबर की फुटेज को खंगालेगा ताकि पता चल सके कि उस समय चतुर्थी श्रेणी ने डिलीवरी की या फिर नर्सिंग ऑफिसर ने। कैंट के नागरिक अस्पताल में अंटाला गांव निवासी उषा (28) की 21 सितंबर को डिलीवरी हुई थी, उसके बाद तबीयत बिगड़ने पर रेफर कर दिया था। जच्चा की एमएम सद्दोपुर में 22 सितंबर को मौत हो गई थी।
यह था पूरा मामला
पीड़ित अंटाला गांव निवासी गौरव ने बताया कि 20 सितंबर को कैंट के नागरिक अस्पताल में आया था। दोपहर 4 बजे तक बेड न मिलने के कारण पत्नी वेटिंग एरिया की कुर्सी पर बैठी रही। देर शाम को बेड मिला। 21 सितंबर की शाम को स्टाफ ने बोला कि सब नार्मल हो जाएगा। रात के समय पत्नी के दर्द होने लगा तो स्टाफ ने बोलकर खुद के लिए अस्पताल से चाय मंगाई। इस बीच ज्यादा दर्द उठने पर स्टाफ को जांच के लिए बोला तो उनका कहना था कि पहले चाय पिएंगे, फिर मरीज को देखेंगे। कुछ ही देर में डॉक्टर के बिना डिलीवरी हो गई। जोकि चतुर्थी कर्मचारी ने की थी। नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची ने जन्म लिया। पत्नी का काफी खून बहने लगा तभी स्टाफ बोल रही थी कि पेंटा छुट गया है। उसके बाद मरीज के हाथ डालकर पेंटा चेक कर रहे थे। इस बीच दौरा पड़ने की बात बोलकर एमएम सद्दोपुर रेफर कर दिया था। मृतका का पति 25 सितंबर को ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री विज के समक्ष फूट-फूट कर रोया था और कार्रवाई की मांग की थी।
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इस मामले की गहनता से जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। प्रसूति विभाग स्टाफ के भी बयान दर्ज किए गए है। टीम की रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला
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अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी द्वारा महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवाने व स्टाफ की लापरवाही से जच्चा की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी। तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी में एसएमओ डॉ. रचना बंसल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील, आरएमओ डॉॅ. जितेंद्र शामिल है।
शुक्रवार को जांच कमेटी ने प्रसूति विभाग में 21 सितंबर को ड्यूटी पर तैनात दो नर्सिंग ऑफिसर सहित पांच महिला स्टाफ के बयान दर्ज किए। पूछा कि आखिर उस समय क्या हुआ था और जो आरोप लगे हैं क्या वह सही है। ऐसे में स्टाफ ने सभी आरोपों को नकारते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही। अस्पताल प्रबंधन अब 21 सितंबर की फुटेज को खंगालेगा ताकि पता चल सके कि उस समय चतुर्थी श्रेणी ने डिलीवरी की या फिर नर्सिंग ऑफिसर ने। कैंट के नागरिक अस्पताल में अंटाला गांव निवासी उषा (28) की 21 सितंबर को डिलीवरी हुई थी, उसके बाद तबीयत बिगड़ने पर रेफर कर दिया था। जच्चा की एमएम सद्दोपुर में 22 सितंबर को मौत हो गई थी।
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यह था पूरा मामला
पीड़ित अंटाला गांव निवासी गौरव ने बताया कि 20 सितंबर को कैंट के नागरिक अस्पताल में आया था। दोपहर 4 बजे तक बेड न मिलने के कारण पत्नी वेटिंग एरिया की कुर्सी पर बैठी रही। देर शाम को बेड मिला। 21 सितंबर की शाम को स्टाफ ने बोला कि सब नार्मल हो जाएगा। रात के समय पत्नी के दर्द होने लगा तो स्टाफ ने बोलकर खुद के लिए अस्पताल से चाय मंगाई। इस बीच ज्यादा दर्द उठने पर स्टाफ को जांच के लिए बोला तो उनका कहना था कि पहले चाय पिएंगे, फिर मरीज को देखेंगे। कुछ ही देर में डॉक्टर के बिना डिलीवरी हो गई। जोकि चतुर्थी कर्मचारी ने की थी। नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची ने जन्म लिया। पत्नी का काफी खून बहने लगा तभी स्टाफ बोल रही थी कि पेंटा छुट गया है। उसके बाद मरीज के हाथ डालकर पेंटा चेक कर रहे थे। इस बीच दौरा पड़ने की बात बोलकर एमएम सद्दोपुर रेफर कर दिया था। मृतका का पति 25 सितंबर को ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री विज के समक्ष फूट-फूट कर रोया था और कार्रवाई की मांग की थी।
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इस मामले की गहनता से जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। प्रसूति विभाग स्टाफ के भी बयान दर्ज किए गए है। टीम की रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला