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Ambala News: चार वर्षों में स्थापित होंगी मदर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 04:50 AM IST
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Mother Special New Born Care Unit will be established in four years
अंबाला सिटी। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को मां के साथ समय व्यतीत करने दिया जाए तो उनकी जीवन जीने की क्षमता अधिक बढ़ जाती है। यह खुलासा एक शोध में हुआ है। अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में बुधवार को नई दिल्ली से स्वास्थ्य अनुसंधान और विकास केंद्र में वैज्ञानिक डॉ. वीके आनंद अपनी टीम के साथ पहुंचे।
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उन्होंने यहां मदर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एमएसएनसीयू) की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने एक शोध का जिक्र करते हुए बताया कि समय से पहले जन्म लेने वाले जिन बच्चों के साथ उनकी माताओं को रखा उन बच्चों में जीवन जीने की क्षमता 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। जबकि पहले की प्रक्रियाओं में कम वजनी बच्चों को चिकित्सकों की देखरेख में रखा जाता था। अब चिकित्सा विज्ञान अपनी प्रक्रिया को बदल रही है।
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अब देशभर के नागरिक अस्पतालों में एक मदर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित होंगी, जिससे कि बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सके। हरियाणा में अंबाला में पहली मदर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट शुरू की गई है। इस यूनिट को विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमों के अनुसार तैयार किया है। आगामी चार वर्षों में देशभर के विभिन्न नागरिक अस्पतालों में यह सुविधा स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान पीएमओ डॉ संगीता गोयल, डॉ पवनीश कुमार, समन्वयक श्रुतिका और सुपरवाइजर डकियाल भी मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अनुसंधान विकास केंद्र से डॉ. तरुण ने बताया कि इस वार्ड में बच्चे के साथ माता की मदद के लिए कोई एक पारिवारिक सदस्य मौजूद रहेगी। इसके साथ ही माता के खाने के लिए अलग से जगह बनाई है। जहां पर माता बाहर जाने की बजाय अस्पताल परिसर में खाना खा सके। नहाने धोने के लिए स्वच्छ बाथरूम भी बनाए गए है। उन्होंने बताया कि बच्चे को अगर ऑक्सीजन पर भी रखा जाता है तो भी उसे माता के साथ ही रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि माता के स्पर्श से बच्चे का तनाव भी दूर होता है और उसे जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी। इसके कंगारू मदर केयर बोलते है। जिस प्रकार कंगारू अपने बच्चे को रखता है उसी प्रकार एम एसएनसीयू में भी मां अपने बच्चे के साथ रहेगी। जिससे नवजातों में होने वाली मौतों में कमी आएगी। नागरिक अस्पताल में जब भी कोई अढ़ाई किलो से कम का बच्चा जन्म लेगा उसे माता के साथ ही एमएसएनसीयू में भर्ती किया जाएगा।
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