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Ambala News: हरियाणा में वक्फ बोर्ड में आधे से ज्यादा प्रशासनिक पद रिक्त

Sun, 20 Apr 2025 02:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Apr 2025 02:01 AM IST
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More than half of the administrative posts in Wakf Board in Haryana are vacant
अंबाला। वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद यह मामला अदालत में जरूर चला गया हो मगर वक्फ बोर्ड के प्रदेश में हालात कुछ खास अच्छे नहीं हैं। वक्फ बोर्ड हरियाणा के प्रदेश के प्रत्येक जिले में कार्यालय हैं, मगर यहां कार्य करने वाले काफी कम हैं।
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इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वक्फ बोर्ड हरियाणा के पास प्रशासनिक कार्यों के लिए कुल 229 स्वीकृत पद हैं। इसमें से करीब 130 पद खाली हैं। इन पदों पर कार्य करने वाले सेवानिवृत्त हो गए या उनका देहांत हो गया। ऐसे में आधे से भी अधिक पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए पहले भी हरियाणा सरकार से पत्राचार किया जा चुका है। मगर हकीकत में लगभग 11 वर्षों से नई भर्तियां नहीं हुई हैं।
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मुख्यालय में भी बड़े पद रिक्त
वक्फ बोर्ड हरियाणा का अंबाला छावनी के सैन्य क्षेत्र में मुख्यालय है। जहां से हरियाणा के सभी जिलों के वक्फ कार्यालयों और उनके कार्यों की मॉनीटरिंग की जाती है। इस कार्यालय में सीईओ के अलावा अकाउंट अफसर वर्ष 2020 से, लॉ ऑफिसर की 2018 से, प्रशासनिक अधिकारी का पद वर्ष 2020 से खाली है। ऐसे में इन पदों के कार्य मौजूदा कर्मचारी देख रहे हैं। जबकि मुख्यालय पर एस्टेट ऑफिसर, लॉ आफिसर, एडमिन ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, सेक्शन ऑफिसर, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि पद होते हैं। इसी प्रकार जिला के कार्यालयों में ईओ, रेंट कलेक्टर, कंप्यूटर ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि पद कई स्थानों पर खाली हैं। वहीं करीब चार वर्ष पहले वक्फ बोर्ड की हालत ऐसी हो गई थी कि वह पांच महीनों तक कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रहे थे। तब सरकार से अनुमति लेकर करीब पांच करोड़ रुपये का ऋण लिया था। जो अभी तक चुकता नहीं हुआ है।
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पहले भर्तियों पर हुआ था विवाद
पूर्व में हरियाणा वक्फ बोर्ड के तत्कालीन प्रशासन ने प्रदेश सरकार से एक बड़ी मात्रा में नए पदों की स्वीकृति ले ली थी। जबकि इतने पदों की आवश्यकता ही नहीं थी। इस मामले ने विवाद की शक्ल अख्तियार कर ली। ऐसे में सरकार भी ऐहतियात बरतने लगी। इसके बाद बोर्ड का प्रशासन बदला तो इस गड़बड़ी को दूर कर दोबारा से पद स्वीकृत कराए गए। मगर इसके बाद वक्फ बोर्ड नुकसान में चला गया। इनकी आय कम हो गई। तब से अभी तक भर्तियां झूल रही हैं। वर्ष 2014 में बोर्ड ने भर्तियों के लिए विज्ञापन निकाला था, परीक्षा भी ली थी मगर इस भर्ती को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। तब से किसी ने भी आगे भर्तियां नहीं निकाली। एक-एक प्रशासनिक अधिकारी पर तीन तीन विभागों की जिम्मेदारी है। इसे साथ ही प्रदेशभर में 423 इमामों के पद हैं। इनमें से कई पद खाली हैं। इसके साथ वक्फ बोर्ड हरियाणा पानीपत और अंबाला कैंट में प्राथमिक स्कूल संचालित करता है। इसके साथ ही नूंह में इंजीनियरिंग कॉलेज भी संचालित करता है। यहां भी कई पद रिक्त हैं।


भर्ती की ये है प्रक्रिया
हरियाणा वक्फ बोर्ड वैसे तो स्वायत्त संस्था है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के सोशल जस्टिस विभाग के तहत आती है। भर्तियां करने को वक्फ बोर्ड के पास खुद के नियम कानून हैं। अगर नया पद को सृजित करना हो तो वह सरकार से अनुमति लेते हैं। इसके बाद विज्ञापन जारी कर विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे जाते हैं। विभिन्न पदों के लिए तय सरकारी मानकों के अनुसार ही भर्ती की जाती है। वहीं मस्जिदों में इमाम आदि को अनुबंध पर रखा जाता है। इन सभी को वक्फ अपनी आय से भुगतान करता है।
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