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मंत्री के विभाग में भी ‘गांधीजी’ का अपमान, चश्मा गायब

Mon, 16 Jan 2017 12:37 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला अंबाला
मोहित धुपड़/अमर उजाला अंबाला Updated Mon, 16 Jan 2017 12:37 AM IST
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Minister in the Department of "Gandhi" insulting, glasses disappear, Ambala Cantt
मंत्री के विभाग में भी ‘गांधीजी’ का अपमान, चश्मा गायब - फोटो : Amar Ujala

 एक ओर जहां स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर विवादास्पद बयान देकर अपने और परायों की नाराजगी मोल ले ली है, वहीं अंबाला से ताल्लुक रखने वाले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह नगर के जिला स्वास्थ्य मुख्यालय में भी लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की फजीहत हो रही है। महीनों इस मूर्त की कोई सुध नहीं लेता, लेकिन ताज्जुब की बात यह कि तमाम स्वास्थ्य अफसरों की आवाजाही व कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद यहां गांधी जी की मूर्त पर लगा चश्मा भी गायब हो गया है। लेकिन आज तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।

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उल्लेखनीय है कि अंबाला सिटी में जिला स्वास्थ्य महकमे का मुख्यालय मौजूद हैं। जहां सिविल सर्जन समेत अन्य विंगों के अफसर बैठते हैं और जिले भर की स्वास्थ्य संबंधी एक्टिविटी को ऑपरेट करते हैं। इसी वजह से रोजाना यहां आवाजाही भी बढ़िया रहती है। किसी वक्त ये परिसर पुराना सिविल अस्पताल हुआ करता था। लेकिन सिविल अस्पताल की नई बहुमंजिला बिल्डिंग बनने के बाद अस्पताल तो नये भवन में शिफ्ट हो गया और इस भवन को स्वास्थ्य महकमे का मुख्यालय बना दिया गया। यह गांधीजी की प्रतिमा भी तभी से यहां लगी हुई है।
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आज ये है गांधी की मूर्त के हालात
यहां इस मूर्त का रखरखाव इतना खराब है कि कोई इस प्रतिमा की सुध ही नहीं लेता। रोजाना यहां अफसर व कर्मचारी इस मूर्त के आगे से गुजरते हैं, लेकिन किसी कोई इसकी सुध नहीं रहती। इस मूर्त को यहां एक छोटे घासनुमा जमीन के टुकड़े में बना रखा है। जिसके आसपास कंटीली तारें लगाई गई है। लेकिन आज आलम यह है कि ये घास का मैदान बहुत ही ज्यादा खराब हो चुका है। बारिशों के दिनों में इसी हिस्से में जलभराव हो जाता है, जो कई दिनों तक रहता है। पानी सड़ता रहता है, यहां मच्छर पनपते रहते हैं और गांधी जी की प्रतिमा इसी बीच खड़ी रहती है। इतना ही नहीं अब ये प्रतिमा भुरने लगी है, कई जगह से इसमें दरारें भी आने लगी है। जबकि गांधीजी का चश्मा भी गायब हो चुका है। इस मूर्त पर मिट्टी की परत जमी रहती है, कभी बारिश आ जाए तो परत धूल जाती है, वरना इस मूर्त को साफ करने की जहमत भी कोई नहीं उठाता।
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इससे तो अच्छा हटा दो गांधीजी की प्रतिमा: शुक्ला
स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी के साथी रहे स्वतंत्रता सेनानी पंडित भगत राम शुक्ला के पौत्र एवं हरियाणा प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार जनकल्याण  समिति के प्रदेशाध्यक्ष आनंद मोहन शुक्ला ने कहा कि मंत्री अनिल विज ने तो अपने बयान से राष्ट्रपिता के समर्थकों को आहत किया ही है, वहीं ये बात ज्यादा पीड़ादायक व अफसोस जनक है कि स्वास्थ्य महकमे के गृहनगर में उन्हीं के अधीनस्थ स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालय में गांधी जी की प्रतिमा का अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मूर्त पर लगा गांधीजी का  चश्मा गायब हो गया है, उनमें दरारें आ रही है, मूर्त भुरकर खराब हो रही है, कोई ध्यान नहीं दे रहा है...इससे तो अच्छा यह है कि स्वास्थ्य महकमा गांधीजी की प्रतिमा को ही हटा दें। आनंद मोहन शुक्ला ने डीसी अंबाला से मांग की है कि या तो इस मूर्त को उसका सम्मान दे दिया जाए या फिर इस मूर्त को यहां से हटवा दिया जाए।

कैंट में भी गांधी की मूर्त रामभरोसे
सिटी की तरह अंबाला कैंट के इंदिरा गांधी पार्क में भी बरसों से गांधी जी प्रतिमा लगी हुई है। लेकिन ये प्रतिमा भी राम भरोसे हैं। अरसा हो गया, इस मूर्त को भी पेंट हुए। इस मूर्त पर भी धूल की परत चढ़ी रहती है। बारिश आए तभी धूल हटती है, वरना इस मूर्त की देखरेख करने वाला कोई नहीं। गांधी जयंती या गांधीजी की बरसी के दिन यदि कोई यहां श्रद्धांजलि देने आ जाए, तो संबंधित संस्था ही गांधी जी की प्रतिमा को साफ करती है। स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता। उसके बाद गांधी जी के गले में पड़े हार कई दिनों पड़े सड़ जाते हैं।

कार्यालयों में सरकार के साथ बदलती है तस्वीरें
उधर, अंबाला के अधिकतर कार्यालयों में सरकारी कैलेंडर व तस्वीरें लगी है। लेकिन उनमें गांधी जी नहीं है। एक विभाग के आला अफसर कहते हैं कि ये सरकारी कैलेंडर और अफसरों के कमरों में लगी नेताओं की प्रतिमाएं तो सरकार के साथ बदलती रहती है। पांच साल कैलेंडर व तस्वीरों पर वो नेता रहते हैं, जिनकी केंद्र व राज्य में सरकार होती है। इन दिनों कैलेंडर की शान पीएम मोदी, खट्टर, हरियाणा के गवर्नर व संबंधित महकमे से संबंधित केबिनेट मंत्री की फोटो बनी हुई है। पांच साल यदि सरकार बदलती तो तस्वीरों व कैलेंडरों के नेता भी बदल जाते हैं। लेकिन इन तस्वीरों में कहीं गांधी जी नहीं होते।


गांधीजी की प्रतिमा को पेंट करवाया था। विभाग में प्रतिमा का ख्याल रखते हैं, किसी प्रकार का अपमान नहीं होता। प्रतिमा को देख लेंगे यदि प्रतिमा के हालात थोड़े खराब हो रहे हैं, तो उसे दुरुस्त करवाया जाएगा। गांधी जी का चश्मा जो कि गायब है, उसे भी लगवाया जाएगा। सभी गांधीजी का सम्मान करते हैं, अनदेखी का प्रश्न नहीं उठता।
-डॉ. विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला स्वास्थ्य विभाग

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