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Ambala News: मिड डे मिल वर्करों ने किया प्रदर्शन
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मिड डे मिल वर्करों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : मिड डे मिल वर्करों ने किया प्रदर्शन
बोले- पूरे साल काम करवाकर दिया जाता है 10 माह का वेतन, हमारे साथ भेदभाव क्यों
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मिड डे मील वर्कर यूनियन ने वीरवार को अपनी मांगों को लागू न करने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने फव्वारा पार्क में सभा की और फिर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। यूनियन कर्मचारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे साल काम करवाती है पर वेतन केवल 10 माह का देती है। शिक्षकों को पूरे 12 माह का वेतन मिलता है। यह भेदभाव स्वीकार नहीं है। जिला प्रधान शिमला ने बताया कि मिड डे मील केंद्रीय योजना है। केंद्र और राज्य सरकार ने 11 साल से मानदेय नहीं बढ़ाया है। वर्करों को मात्र सात हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है। यह राशि पर्याप्त नहीं है।
प्रमुख मांगें
यूनियन ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 साल करने और सेवानिवृत्ति पर दो लाख रुपये देने की मांग की। वर्करों को पक्का करने, वेतन 30 हजार रुपये करने और पूरे 12 माह का वेतन देने की भी मांग है। उन्होंने वर्दी के लिए दो हजार रुपये, मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये देने की मांग की। हटाए गए कुक को दोबारा लगाने की मांग भी रखी गई। यूनियन ने 4 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पर रैली और 10 अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मिड डे मील वर्कर यूनियन ने वीरवार को अपनी मांगों को लागू न करने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने फव्वारा पार्क में सभा की और फिर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। यूनियन कर्मचारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे साल काम करवाती है पर वेतन केवल 10 माह का देती है। शिक्षकों को पूरे 12 माह का वेतन मिलता है। यह भेदभाव स्वीकार नहीं है। जिला प्रधान शिमला ने बताया कि मिड डे मील केंद्रीय योजना है। केंद्र और राज्य सरकार ने 11 साल से मानदेय नहीं बढ़ाया है। वर्करों को मात्र सात हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है। यह राशि पर्याप्त नहीं है।
प्रमुख मांगें
यूनियन ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 साल करने और सेवानिवृत्ति पर दो लाख रुपये देने की मांग की। वर्करों को पक्का करने, वेतन 30 हजार रुपये करने और पूरे 12 माह का वेतन देने की भी मांग है। उन्होंने वर्दी के लिए दो हजार रुपये, मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये देने की मांग की। हटाए गए कुक को दोबारा लगाने की मांग भी रखी गई। यूनियन ने 4 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पर रैली और 10 अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है।
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