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प्राचीन श्रीराम मंदिर भवन पुन: निर्माण के लिए बैठक अगले माह
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अंबाला सिटी। बीते 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम लला का भव्य मंदिर तैयार कर देशवासियों को समर्पित किया है। मगर जिला के प्राचीन श्रीराम मंदिर की कोई भी सुध लेने वाला नहीं हैं। अंबाला-राजपुरा नेशनल हाईवे स्थित मनमोहन नगर के बिल्कुल सामने भगवान श्रीराम मंदिर है, जो करीब 100 वर्ष पुराना है।
बताया जाता है कि करीब आठ दशक पहले इस मंदिर का भव्य सुंदर निर्माण कार्य किया था। उस समय के दौर में भगवान श्रीराम लला के मंदिर को देखने के लिए भक्तजन अंबाला से ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल सहित विभिन्न राज्यों से भगवान श्रीराम लला के मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते थे।
मंदिर में हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई थी। भक्तजनों व संत महात्माओं के ठहरने से लेकर, स्नान घर, रसोई, भंडारा घर, भजन कीर्तन करने के लिए बहुत बड़ा हाल तैयार किया गया था। उस समय के दौर में संसाधनों की कमी के चलते ज्यादातर भक्तजन व संत महात्मा कईं-कईं दिनों तक मंदिर भवन में ठहरते थे, मगर वर्तमान में मंदिर भवन काफी खस्ता हालात में है। मंदिर परिसर की बिल्डिंग पुरानी होने के साथ-साथ मेन रोड से करीब आठ फीट नीचे हो गई है।
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मंदिर का मुख्यद्वार भी काफी जर्जर हालात में है। बरसात के दिनों में मंदिर भवन में पानी घुस जाता है। हालांकि मंदिर परिसर क्षेत्र के अंतर्गत पांच एकड़ भूमि है। यदि जिला प्रशासन, समाजसेवी संस्थाएं व मंदिर ट्रस्ट इस मामले में संज्ञान ले तो, अंबाला जिला का सबसे प्राचीन श्रीराम मंदिर देखने योग्य स्थल साबित हो सकता है।
आगामी बैठक में की जाएगी विशेष चर्चा
करीब पांच एकड़ भूमि क्षेत्र में बने भगवान श्रीराम मंदिर भवन का पुन: निर्माण को लेकर मंदिर ट्रस्ट द्वारा मास्टर प्लान तैयार करने पर विचार-विर्मश किया जा रहा है। ट्रस्टी पदाधिकारियों की मानें तो अगले महीने मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होगी। जिसमें मंदिर भवन के पुन: निर्माण कार्य सहित अन्य विभिन्न कार्यों से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि मंदिर भवन निर्माण कार्य पर होने वाला खर्च करोड़ों में रहेगा। मंदिर तैयार करने के लिए खर्च होने वाले फंड को कैसे एकत्रित किया जाएगा। इस पर भी बैठक में विचार-विर्मश किया जाएगा। भगवान श्रीराम मंदिर भवन को लेकर क्या कुछ रहेगा। इस पर आगामी बैठक के पश्चात ही पता चलेगा, हालांकि समाजसेवी सदस्यों का यह कहना है कि यदि श्रीराम मंदिर भवन का पुन: निर्माण कार्य करने का फैसला बैठक में लिया गया, तो समाजसेवी संस्थाएं व श्रीराम भक्त बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे। भगवान श्रीराम लला का भव्य सुंदर मंदिर तैयार करने के लिए फंड की व्यवस्था करने के हर संभव प्रयास करेंगे।
फोटो नंबर- 48
दीवान मंगतराय रामा चैरिटेबल ट्रस्ट श्रीराम मंदिर की देखरेख कर रही है। मंदिर परिसर के कुछ कार्यों के लिए सिटी विधायक असीम गोयल ने 85 लाख का बजट पास किया। यह बजट मंदिर भवन के बाहरी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट व इंटरलॉकिंग टाइल्स पर खर्च किया जाएगा। बीते कुछ दिनों पहले मंदिर ट्रस्ट की ओर से सिटी विधायक से चहारदीवारी और पार्किंग बनाने के लिए और बजट की डिमांड की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही उस कार्य के लिए भी बजट पास कर दिया जाएगा।
-नरेश अग्रवाल, प्रधान दीवान मंगतराय रामा चैरिटेबल ट्रस्ट श्रीराम मंदिर अंबाला सिटी
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बताया जाता है कि करीब आठ दशक पहले इस मंदिर का भव्य सुंदर निर्माण कार्य किया था। उस समय के दौर में भगवान श्रीराम लला के मंदिर को देखने के लिए भक्तजन अंबाला से ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल सहित विभिन्न राज्यों से भगवान श्रीराम लला के मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचते थे।
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मंदिर में हर प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई थी। भक्तजनों व संत महात्माओं के ठहरने से लेकर, स्नान घर, रसोई, भंडारा घर, भजन कीर्तन करने के लिए बहुत बड़ा हाल तैयार किया गया था। उस समय के दौर में संसाधनों की कमी के चलते ज्यादातर भक्तजन व संत महात्मा कईं-कईं दिनों तक मंदिर भवन में ठहरते थे, मगर वर्तमान में मंदिर भवन काफी खस्ता हालात में है। मंदिर परिसर की बिल्डिंग पुरानी होने के साथ-साथ मेन रोड से करीब आठ फीट नीचे हो गई है।
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मंदिर का मुख्यद्वार भी काफी जर्जर हालात में है। बरसात के दिनों में मंदिर भवन में पानी घुस जाता है। हालांकि मंदिर परिसर क्षेत्र के अंतर्गत पांच एकड़ भूमि है। यदि जिला प्रशासन, समाजसेवी संस्थाएं व मंदिर ट्रस्ट इस मामले में संज्ञान ले तो, अंबाला जिला का सबसे प्राचीन श्रीराम मंदिर देखने योग्य स्थल साबित हो सकता है।
आगामी बैठक में की जाएगी विशेष चर्चा
करीब पांच एकड़ भूमि क्षेत्र में बने भगवान श्रीराम मंदिर भवन का पुन: निर्माण को लेकर मंदिर ट्रस्ट द्वारा मास्टर प्लान तैयार करने पर विचार-विर्मश किया जा रहा है। ट्रस्टी पदाधिकारियों की मानें तो अगले महीने मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होगी। जिसमें मंदिर भवन के पुन: निर्माण कार्य सहित अन्य विभिन्न कार्यों से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि मंदिर भवन निर्माण कार्य पर होने वाला खर्च करोड़ों में रहेगा। मंदिर तैयार करने के लिए खर्च होने वाले फंड को कैसे एकत्रित किया जाएगा। इस पर भी बैठक में विचार-विर्मश किया जाएगा। भगवान श्रीराम मंदिर भवन को लेकर क्या कुछ रहेगा। इस पर आगामी बैठक के पश्चात ही पता चलेगा, हालांकि समाजसेवी सदस्यों का यह कहना है कि यदि श्रीराम मंदिर भवन का पुन: निर्माण कार्य करने का फैसला बैठक में लिया गया, तो समाजसेवी संस्थाएं व श्रीराम भक्त बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे। भगवान श्रीराम लला का भव्य सुंदर मंदिर तैयार करने के लिए फंड की व्यवस्था करने के हर संभव प्रयास करेंगे।
फोटो नंबर- 48
दीवान मंगतराय रामा चैरिटेबल ट्रस्ट श्रीराम मंदिर की देखरेख कर रही है। मंदिर परिसर के कुछ कार्यों के लिए सिटी विधायक असीम गोयल ने 85 लाख का बजट पास किया। यह बजट मंदिर भवन के बाहरी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट व इंटरलॉकिंग टाइल्स पर खर्च किया जाएगा। बीते कुछ दिनों पहले मंदिर ट्रस्ट की ओर से सिटी विधायक से चहारदीवारी और पार्किंग बनाने के लिए और बजट की डिमांड की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही उस कार्य के लिए भी बजट पास कर दिया जाएगा।
-नरेश अग्रवाल, प्रधान दीवान मंगतराय रामा चैरिटेबल ट्रस्ट श्रीराम मंदिर अंबाला सिटी