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सीएम का प्रोग्राम साढ़े दस बजे, न्यौता मिला पौने बारह
अंबाला
Updated Sun, 27 Oct 2013 04:30 PM IST
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अंबाला नगर निगम के मेयर को जिला प्रशासन शहर के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों का न्योता ही समय पर नहीं देता है। कार्यक्रम खत्म होने या शुरू होने के बाद मेयर के टेबल पर न्यौता और अन्य जरूरी डाक पहुंचती है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, कई बार हो चुका है। इसी के चलते मेयर ने डीसी अंबाला को एक बार फिर एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बातें मेयर पद की प्रतिष्ठा को आहत करती हैं।
इसके लिए निगम के कौन कर्मचारी जिम्मेदार हैं, मालूम किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि अकसर ऐसा क्यों होता है।
सीएम कार्यक्रम के निमंत्रण का इंतजार करते रहे मेयर
दरअसल, 23 अक्तूबर को साहा में एक कार्यक्रम का आयोजन था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री केएच मुनियप्पा, मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा, केंद्रीय मंत्री और अंबाला सांसद कुमारी सैलजा ने 100 करोड़ की लागत से टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन करना था।
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जिला प्रशासन के आला अफसर सभी वहां मौजूद थे। लेकिन कार्यक्रम का न्योता मेयर रमेश लाल मल को मिला ही नहीं। मेयर निमंत्रण का इंतजार करते रहे। बाद में कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र उन्हें मिला। जिस पर मेयर ने कड़ी नाराजगी जताई और डीसी केएम पांडुरंग को चिट्ठी लिखी।
मेयर की गरिमा को नहीं समझ रहा प्रशासन: रमेश मल
मेयर की गरिमा को जिला प्रशासन के अफसर समझ ही नहीं रहे हैं। कई कार्यक्रम ऐसे होते हैं, जिसकी उन्हें सूचना ही नहीं दी जाती। सीएम, सैजला कार्यक्रम के अलावा भी यदि डाक में उन्हें नाम कोई शिकायत देता है, तो वो भी 13 से 15 दिनों बाद तक पहुंचती है।
मेयर ने कहा कि जनता ने पार्षदों को चुना है और पार्षदों ने मेयर को चुना है। यानी में यहां बैठकर लोगों की नुमाइंदगी करता हूं, लेकिन प्रशासनिक अफसर मेरी अनदेखी करके सीधे-सीधे जनता के प्रतिनिधि की अनदेखी कर रहा है।
प्रशासन का कार्यक्रम नहीं था: डीसी
साहा में जो कार्यक्रम था वो प्रशासन का कार्यक्रम नहीं था। वो एमएसएमई विभाग का कार्यक्रम था। ऐसी बात नहीं है, मेयर को निमंत्रण भिजवाया गया था। अब यह नहीं मालूम की निमंत्रण लेट कैसे हुआ। अन्य डाक भी यदि मेयर को लेट पहुंच रही है, तो ये गलत बात है।
नगर निगम के अफसरों से मैं इस बारे में बात करूंगा। ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। मेयर को सारी बातें बताई जाती हैं, जो उनसे लिंक होती है। मेयर की अनदेखी करने वाली कोई बात नहीं है।
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, कई बार हो चुका है। इसी के चलते मेयर ने डीसी अंबाला को एक बार फिर एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बातें मेयर पद की प्रतिष्ठा को आहत करती हैं।
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इसके लिए निगम के कौन कर्मचारी जिम्मेदार हैं, मालूम किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि अकसर ऐसा क्यों होता है।
सीएम कार्यक्रम के निमंत्रण का इंतजार करते रहे मेयर
दरअसल, 23 अक्तूबर को साहा में एक कार्यक्रम का आयोजन था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री केएच मुनियप्पा, मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा, केंद्रीय मंत्री और अंबाला सांसद कुमारी सैलजा ने 100 करोड़ की लागत से टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन करना था।
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जिला प्रशासन के आला अफसर सभी वहां मौजूद थे। लेकिन कार्यक्रम का न्योता मेयर रमेश लाल मल को मिला ही नहीं। मेयर निमंत्रण का इंतजार करते रहे। बाद में कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र उन्हें मिला। जिस पर मेयर ने कड़ी नाराजगी जताई और डीसी केएम पांडुरंग को चिट्ठी लिखी।
मेयर की गरिमा को नहीं समझ रहा प्रशासन: रमेश मल
मेयर की गरिमा को जिला प्रशासन के अफसर समझ ही नहीं रहे हैं। कई कार्यक्रम ऐसे होते हैं, जिसकी उन्हें सूचना ही नहीं दी जाती। सीएम, सैजला कार्यक्रम के अलावा भी यदि डाक में उन्हें नाम कोई शिकायत देता है, तो वो भी 13 से 15 दिनों बाद तक पहुंचती है।
मेयर ने कहा कि जनता ने पार्षदों को चुना है और पार्षदों ने मेयर को चुना है। यानी में यहां बैठकर लोगों की नुमाइंदगी करता हूं, लेकिन प्रशासनिक अफसर मेरी अनदेखी करके सीधे-सीधे जनता के प्रतिनिधि की अनदेखी कर रहा है।
प्रशासन का कार्यक्रम नहीं था: डीसी
साहा में जो कार्यक्रम था वो प्रशासन का कार्यक्रम नहीं था। वो एमएसएमई विभाग का कार्यक्रम था। ऐसी बात नहीं है, मेयर को निमंत्रण भिजवाया गया था। अब यह नहीं मालूम की निमंत्रण लेट कैसे हुआ। अन्य डाक भी यदि मेयर को लेट पहुंच रही है, तो ये गलत बात है।
नगर निगम के अफसरों से मैं इस बारे में बात करूंगा। ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। मेयर को सारी बातें बताई जाती हैं, जो उनसे लिंक होती है। मेयर की अनदेखी करने वाली कोई बात नहीं है।