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अधर्म का नाश करने के लिए प्रभु लेते हैं अवतार : रेनू भारती
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नारायणगढ़ के काला आम्ब में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवचन करती साध्वियां। प्रवक्ता
- फोटो : संस्थान
- दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से काला आम्ब में आयोजित हुई श्रीराम कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। हुसैनी रोड स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम की ओर से काला आम्ब में चार दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास साध्वी रेनू भारती ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म और अहंकार बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेकर अधर्मियों का विनाश करते हैं।
साध्वी ने प्रभु श्रीराम के जन्म प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि त्रेता युग में सूर्यवंशी राजा दशरथ और माता कौशल्या के आंगन में भगवान विष्णु ने अपने सातवें अवतार के रूप में जन्म लिया। इक्ष्वाकु वंश में जन्म लेने के कारण उन्हें रघुवंशी भी कहा जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वरीय न्याय में देर है, अंधेर नहीं, इसलिए मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
हनुमान जी की महिमा का वर्णन
कथा के दौरान हनुमान जी की महिमा का विशेष वर्णन किया गया। साध्वी ने रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से बताया कि माता सीता ने हनुमान जी को अजर-अमर होने का आशीर्वाद दिया था। उन्होंने कहा कि हनुमान जी हर युग में विद्यमान हैं, त्रेता में उन्होंने श्रीराम की सेवा की, द्वापर में अर्जुन के रथ की रक्षा की और आज कलयुग में भी वे अपने भक्तों के संकट हर रहे हैं। भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य यजमानों द्वारा आरती की गई और श्री कृष्ण लाल द्वारा प्रसाद वितरण की सेवा निभाई गई। कथा में काफी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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नारायणगढ़। हुसैनी रोड स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम की ओर से काला आम्ब में चार दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास साध्वी रेनू भारती ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म और अहंकार बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेकर अधर्मियों का विनाश करते हैं।
साध्वी ने प्रभु श्रीराम के जन्म प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि त्रेता युग में सूर्यवंशी राजा दशरथ और माता कौशल्या के आंगन में भगवान विष्णु ने अपने सातवें अवतार के रूप में जन्म लिया। इक्ष्वाकु वंश में जन्म लेने के कारण उन्हें रघुवंशी भी कहा जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वरीय न्याय में देर है, अंधेर नहीं, इसलिए मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
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हनुमान जी की महिमा का वर्णन
कथा के दौरान हनुमान जी की महिमा का विशेष वर्णन किया गया। साध्वी ने रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से बताया कि माता सीता ने हनुमान जी को अजर-अमर होने का आशीर्वाद दिया था। उन्होंने कहा कि हनुमान जी हर युग में विद्यमान हैं, त्रेता में उन्होंने श्रीराम की सेवा की, द्वापर में अर्जुन के रथ की रक्षा की और आज कलयुग में भी वे अपने भक्तों के संकट हर रहे हैं। भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य यजमानों द्वारा आरती की गई और श्री कृष्ण लाल द्वारा प्रसाद वितरण की सेवा निभाई गई। कथा में काफी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

नारायणगढ़ के काला आम्ब में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवचन करती साध्वियां। प्रवक्ता- फोटो : संस्थान
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