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उपचार के लिए लंबी कतार, मर्ज बढ़ाता रहा लाइन में खड़े लोगों का इंतजार
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Long queue for treatment, increasing the merge, waiting for people standing in line
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों का मर्ज कम होने के बजाए उन्हें दर्द देता रहा। कारण मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें और अस्पताल कर्मचारियों द्वारा कंप्यूटर के स्थान पर हाथ से पर्चियां काटना रहा। कुछ बुजुर्ग घंटों लाइन में खडे़-खडे़ थककर बैठ गए तो कुछ लाइन में लगकर घंटों अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। किसी को उपचार मिला तो कोई लंबी लाइन देखकर वापस हो गया।
नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी पंजीकरण खिड़की पर अव्यवस्थाएं बनी रहीं। लोग सुबह से अपने मर्ज का उपचार करवाने के लिए पर्ची कटवाने के लिए कतारों में खड़े नजर आए वहीं कंप्यूटर दूसरे दिन भी खराब होने के चलते कर्मचारियों को हाथों से कार्ड पर नंबर लगाना पड़ा। मरीजों व तीमारदारों की कतार सुबह 9 बजे तक ही इतनी लंबी हो गई कि पंजीकरण खिड़की पर पुरुषों, महिलाओं व बुजुर्गों की कतार में अंतिम छोर पर खड़ा मरीज यह सोचने पर मजबूर हो गया कि क्या आज मेरा नंबर भी आ पाएगा कि नहीं। क्योंकि पंजीकरण खिड़की पर सुबह 12 बजे तक ही कार्ड बनाया जाता है। ऐसे में कई मरीज तो मरीजों की कतार को देखते हुए अगले दिन आने की बात कहकर बिना उपचार के ही वापस लौट गए।
कुछ इस तरह से मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन के आदेशानुसार पुराने मरीजों का यूएचआईडी नंबर नोट करना था। उसके बाद उसे संबधित विशेषज्ञ के पास भेजना जो कि कर्मचारियों के लिए इतनी भीड़ का कार्ड 12 बजे तक बनाना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य था। वहीं कर्मचारियों को यह नहीं समझ आ रहा था कि जो मरीज अस्पताल में पहली बार आ रहे हैं उन्हें यूएचआईडी नंबर कैसे दें, जिससे कि अस्पताल प्रशासन के पास उन मरीजों का रिकॉर्ड बना रहे।
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पंजीकरण खिड़की पर चल रहे कंप्यूटर की बिजली सप्लाई इन्वर्टर से दी जा रही थी। क्योंकि उन सिस्टम की बैटरियां पुरानी हो चुकी हैं, जिसके कारण इन्वर्टर ने काम करना बंद कर दिया। अब नई बैटरियों के लिए बोला गया है। जल्द ही नई बैटरियां आ जाएंगी इसके बाद कार्ड बनाने का काम फिर से कंप्यूटर से शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉक्टर राजेश गोयल, आरएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला।
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नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी पंजीकरण खिड़की पर अव्यवस्थाएं बनी रहीं। लोग सुबह से अपने मर्ज का उपचार करवाने के लिए पर्ची कटवाने के लिए कतारों में खड़े नजर आए वहीं कंप्यूटर दूसरे दिन भी खराब होने के चलते कर्मचारियों को हाथों से कार्ड पर नंबर लगाना पड़ा। मरीजों व तीमारदारों की कतार सुबह 9 बजे तक ही इतनी लंबी हो गई कि पंजीकरण खिड़की पर पुरुषों, महिलाओं व बुजुर्गों की कतार में अंतिम छोर पर खड़ा मरीज यह सोचने पर मजबूर हो गया कि क्या आज मेरा नंबर भी आ पाएगा कि नहीं। क्योंकि पंजीकरण खिड़की पर सुबह 12 बजे तक ही कार्ड बनाया जाता है। ऐसे में कई मरीज तो मरीजों की कतार को देखते हुए अगले दिन आने की बात कहकर बिना उपचार के ही वापस लौट गए।
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कुछ इस तरह से मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन के आदेशानुसार पुराने मरीजों का यूएचआईडी नंबर नोट करना था। उसके बाद उसे संबधित विशेषज्ञ के पास भेजना जो कि कर्मचारियों के लिए इतनी भीड़ का कार्ड 12 बजे तक बनाना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य था। वहीं कर्मचारियों को यह नहीं समझ आ रहा था कि जो मरीज अस्पताल में पहली बार आ रहे हैं उन्हें यूएचआईडी नंबर कैसे दें, जिससे कि अस्पताल प्रशासन के पास उन मरीजों का रिकॉर्ड बना रहे।
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पंजीकरण खिड़की पर चल रहे कंप्यूटर की बिजली सप्लाई इन्वर्टर से दी जा रही थी। क्योंकि उन सिस्टम की बैटरियां पुरानी हो चुकी हैं, जिसके कारण इन्वर्टर ने काम करना बंद कर दिया। अब नई बैटरियों के लिए बोला गया है। जल्द ही नई बैटरियां आ जाएंगी इसके बाद कार्ड बनाने का काम फिर से कंप्यूटर से शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉक्टर राजेश गोयल, आरएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला।