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अंबाला में बढ़ने लगीं लाडो की किलकारियां
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2015 12:53 AM IST
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जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से कन्या भ्रू्ण हत्या और भ्रू्ण जांच की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के फलस्वरूप अंबाला में महिला-पुरूष लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया है। इस वर्ष जनवरी से जून तक के सर्वे के मुताबिक एक हजार लड़कों ने जन्म लिया है तो उसके साथ ही 902 लड़कियां भी जन्मी हैं।
अफसरों में भी जबरदस्त उत्साह
इस दौरान चौड़मस्तपुर गांव ने तो कमाल ही कर दिया। इस कमाल को लेकर सीएमओ समेत अन्य अफसर भी बहुत खुश है। इस गांव में लड़कियां लड़कों से भी ज्यादा हो गई है। सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता ने बताया कि चौड़मस्तपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में जनवरी से जून तक 1000 लड़कों की तुलना में 1070 लड़कियों ने जन्म लिया है।
इसी प्रकार माजरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में यह आंकड़ा 942, नग्गल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में 1067, पंजोखरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1034, मुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 961, नहौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1211, अंबली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1033 का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
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इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में अम्बाला शहर सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में 908, नारायणगढ़ सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में 969 जबकि अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में एक हजार लड़कों के पीछे 857 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया है।
यहां है थोड़ी टेंशन
सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता ने बताया कि जिला में ऐसे 24 गांव की पहचान की गई है जहां लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अत्याधिक कम है। डेरा सलीमपुर में यह अनुपात एक हजार की तुलना में 750, उगाड़ा में 454, भानोखेड़ी में 600, सौंडा में 636, माजरी में 556, चंद्रपुरी में 571, बरनाला में 545, धूलकोट में 521, फतेहगढ़ में 666, सूभरी में 529, अधोया में 666, थम्बड़ में 555, धनौरा में 733, महमूदपुर में 454, बिहटा में 750, सबगा में 538, नगला में 555, बोह में 592, नसीरपुर में 667, खुड्डा खुर्द में 636, जोली में 600, बधौली में 727, बड़ा गांव में 571 और केसरी गांव में एक हजार लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या 451 दर्ज की गई है। जून तक के इस सर्वे के तहत जिन गांवों में लिंगानुपात कम पाया गया है उन गांवों में भ्रूण जांच और कन्या भ्रू्ण हत्या की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जायेगी।
लोग कन्या भ्रूण हत्या जैसे कानून और समाज विरोधी कार्य को रोकने में सहयोग कर सकते हैं। ऐसी सूचनाएं देने वाले व्यक्ति की सूचना सही पाए जाने पर उसे विभाग की ओर से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा और उसका नाम और पता पूरी तरह गुप्त रखा जायेगा।
कन्या भ्रूण हत्या करना तथा गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच करना व कराना पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कानूनी अपराध है जिसके तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार
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अफसरों में भी जबरदस्त उत्साह
इस दौरान चौड़मस्तपुर गांव ने तो कमाल ही कर दिया। इस कमाल को लेकर सीएमओ समेत अन्य अफसर भी बहुत खुश है। इस गांव में लड़कियां लड़कों से भी ज्यादा हो गई है। सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता ने बताया कि चौड़मस्तपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में जनवरी से जून तक 1000 लड़कों की तुलना में 1070 लड़कियों ने जन्म लिया है।
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इसी प्रकार माजरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में यह आंकड़ा 942, नग्गल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले गांवों में 1067, पंजोखरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1034, मुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 961, नहौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1211, अंबली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत 1033 का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
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इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में अम्बाला शहर सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में 908, नारायणगढ़ सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में 969 जबकि अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल के तहत आने वाले क्षेत्र में एक हजार लड़कों के पीछे 857 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया है।
यहां है थोड़ी टेंशन
सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता ने बताया कि जिला में ऐसे 24 गांव की पहचान की गई है जहां लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अत्याधिक कम है। डेरा सलीमपुर में यह अनुपात एक हजार की तुलना में 750, उगाड़ा में 454, भानोखेड़ी में 600, सौंडा में 636, माजरी में 556, चंद्रपुरी में 571, बरनाला में 545, धूलकोट में 521, फतेहगढ़ में 666, सूभरी में 529, अधोया में 666, थम्बड़ में 555, धनौरा में 733, महमूदपुर में 454, बिहटा में 750, सबगा में 538, नगला में 555, बोह में 592, नसीरपुर में 667, खुड्डा खुर्द में 636, जोली में 600, बधौली में 727, बड़ा गांव में 571 और केसरी गांव में एक हजार लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या 451 दर्ज की गई है। जून तक के इस सर्वे के तहत जिन गांवों में लिंगानुपात कम पाया गया है उन गांवों में भ्रूण जांच और कन्या भ्रू्ण हत्या की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जायेगी।
लोग कन्या भ्रूण हत्या जैसे कानून और समाज विरोधी कार्य को रोकने में सहयोग कर सकते हैं। ऐसी सूचनाएं देने वाले व्यक्ति की सूचना सही पाए जाने पर उसे विभाग की ओर से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा और उसका नाम और पता पूरी तरह गुप्त रखा जायेगा।
कन्या भ्रूण हत्या करना तथा गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच करना व कराना पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कानूनी अपराध है जिसके तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार