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Kisan Andolan: 3877 ट्रेनें प्रभावित, 1550 रद्द, शंभू बॉर्डर पर बनेगा पक्का मंच, एक साथ बैठेंगे सैकड़ों किसान
Fri, 10 May 2024 11:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 May 2024 11:57 PM IST
सार
सर्वोदय एक्सप्रेस 20 घंटे की देरी से अंबाला पहुंची है। यात्री बोले 17 घंटे तक उद्धोषणा नहीं हुई है। कई यात्री अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर 20 घंटे से ट्रेन के इंतजार में बैठे हुए हैं। ये यात्री एक तरफ किसानों को कोस रहे हैं तो दूसरी तरफ देरी से चल रही ट्रेनों को।
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शंभू बॉर्डर पर शैड लगाने के लिए जेसीबी से हुई खाेदाई
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब के शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइन पर बैठे किसानों की वजह से रेलवे को आर्थिक नुकसान होने के साथ यात्रियों को भी काफी परेशानी हो रही है। वहीं किसान आंदोलन को शुरु हुए 24 दिन हो चुके हैं। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है, हालांकि अभी इसका आंकलन अभी नहीं किया गया।
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जबकि 17 अप्रैल से शुरु हुए किसान आंदोलन की वजह से अब तक 3877 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो चुका है। सुरक्षा कारणों व एकल मार्ग को देखते हुए रेलवे ने 1550 ट्रेनों को रद्द किया है, वहीं 1546 मेल व एक्सप्रेस और 479 मालगाड़ियों को बदले मार्ग से चलाया जा रहा है। जबकि 202 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित किया जा रहा है।
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यात्रियों के गुस्से का शिकार रेलवे अधिकारी और कर्मचारी भी हो रहे हैं। ऐसी एक झुंझलाहट और गुस्से से भरी शिकायत लेकर हिमाचल प्रदेश के मंडी से आए एक समूह ने जब स्टेशन अधीक्षक राम से की तो उन्होंने बेहद ही सरल स्वभाव में उन्हें ट्रेन की जानकारी दी और उनके सामने ही चंडीगढ़ स्टेशन पर भी फोन मिलाकर पूछताछ की तो जानकारी मिली कि ट्रेन अभी खरड़ रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। वहीं यात्रियों ने बताया कि उज्जैन में उनके एक परिजन की मौत हो गई है और वो वीरवार दोपहर 3 बजे से ही स्टेशन पर डटे हुए हैं।
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वहीं रात 8 बजे से दोपहर एक बजे तक ट्रेन के संबंध में एक बार भी उद्घोषणा नहीं हुई। जबकि पूछताछ केंद्र पर जाते हैं तो दो घंटे बोलकर ही आश्वासन दिया जा रहा है। इसके अलावा 17 अप्रैल से शुरु हुआ किसान आंदोलन 5 मई को 24 वें दिन में प्रवेश कर गया। शुक्रवार को भी अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से निकलने वाली 156 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान 69 ट्रेनों को बदले मार्ग से और 12 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: चलाया गया, जबकि 65 ट्रेनों को पूर्णतौर पर रद्द रखा गया।
शंभू रेलवे स्टेशनों पर बैठे किसानों की वजह से रेलवे ने आगामी तीन दिन यानी 11 से 13 मई तक 200 ट्रेनों के संबंध में सूची जारी की है। इसके तहत 101 ट्रेनों को अलग-अलग दिन बदले मार्ग से, 32 को बीच रास्ते रोककर पुन: संचालित और 67 ट्रेनों को पूर्णतौर पर रद्द रखा जाएगा।
किसान आंदोलन के कारण अब तक 3877 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो चुका है। रेलवे ने आगामी तीन दिन यानी 13 मई तक 200 ट्रेनों की सूची जारी कर दी है। यात्री हेल्पलाइन नंबर 139 पर जानकारी लेने के बाद ही स्टेशन पर आएं ताकि उनकी परेशानी कुछ हद तक कम हो सके। -नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
शंभू बॉर्डर पर बनेगा पक्के मंच, एक साथ शेड के नीचे बैठ सकेंगे सैकड़ों किसान
हरियाणा-पंजाब की सीमा शंभू बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन 87 वें दिन में प्रवेश कर गया है। एक ओर किसान बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं तो वहीं 23 दिन से रेलवे ट्रैक पर भी डटे हैं। उधर, शंभू बॉर्डर पर किसानों ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए पक्का मंच लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। जेसीबी मशीन के जरिए फ्लाईओवर पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं और सामान भी पहुंचना शुरू हो गया है। ये शेड काफी बड़ा लगाया जाएगा। इसके नीचे हजारों किसान बैठकर धूप व बरसात में भी अपना आंदोलन जारी कर सकेंगे।
जानकारी के अनुसार पहले खुले आसमान के नीचे मंच लगा हुआ था। फिर टैंट लगाया गया था। ऐसे में काफी परेशानी होती थी। वहीं, पक्के मंच से किसान सरकार को भी चेता रहे हैं कि उनका आंदोलन ओर मजबूत हो रहा है। उधर, जेसीबी से खुदाई शुरू करने की एक वीडियो भी वायरल हो रही है। इसमें दिखाई दे रहा है कि एक तरफ किसान खुदाई करवा रहे हैं और पुलिस के जवान भी देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को मान नहीं लेती है उनका आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।
शंभू बॉर्डर पर पक्का मंच लगाया जा रहा है। एक साथ सैकड़ों किसान इस शेड के नीचे बैठ सकेंगे। जेसीबी से खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है और सामान भी आ गया है। तेजवीर सिंह पंजोखरा, प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह