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मानव तस्करी की सूचना पर खंगाली कर्मभूमि एक्सप्रेस, 15 बच्चों का किया रेस्क्यू
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फोटो नंबर - 35
कर्मभूमि एक्सप्रेस से 15 बच्चों का किया रेस्क्यू
मानव तस्करी की मिली थी सूचना, सहारनपुर से आरपीएफ कर रही थी ट्रेन में जांच, मैसेज मिलते ही अंबाला में खंगाली ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर बृहस्पतिवार दोपहर को पहुंची कर्मभूमि एक्सप्रेस 12407 के विभिन्न कोच से 15 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बचपन बचाओ आंदोलन, चाइल्डलाइन और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान एजेंटों की भी तलाश की गई, लेकिन सभी फरार हो गए थे।
बताया जाता है कि एजेंट इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए पंजाब ले जा रहे थे। बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने अपने संरक्षण में लिया है। इन सभी बच्चों को शेल्टर होम भेजा गया है, जहां इनकी काउंसलिंग की जाएगी। बचपन बचाओ आंदोलन ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दी थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस से काफी संख्या में बच्चों को बाल श्रम के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है। इन बच्चों को अलग-अलग कोच में बिठाया गया है। इसी सूचना पर रेलवे चाइल्डलाइन, बचपन बचाओ आंदोलन और आरपीएफ की टीमों ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सतर्क हो गई। प्लेटफार्म नंबर छह पर ट्रेन के रुकते ही नाबालिग का रेस्क्यू करवाया। हालांकि 18 बच्चों को संरक्षण में लिया था लेकिन तीन बालिग थे तो उन्हें छोड़ दिया।
बॉक्स
बच्चों को शेल्टर होम लाया गया, सहारनपुर से चल रहा था सर्च अभियान
रेस्क्यू किए गए बच्चों को अंबाला छावनी के बाल भवन स्थित शेल्टर होम लाया गया है। इन बच्चों का मेडिकल कराने के बाद इनके स्वजनों को बुलाया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सहारनपुर की आरपीएफ टीम ट्रेन में सर्च अभियान चलाती आ रही थी। सभी डिब्बों को खंगाला और उसमें बैठे सभी यात्रियों से पूछताछ की। इस दौरान उन्हें 18 बच्चों को शक हुआ और अंबाला ट्रेन में रूकने पर उनका रेस्क्यू करवाया।
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पहले भी कई बार इसी ट्रेन से हो चुका है रेस्क्यू
कर्मभूमि एक्सप्रेस से मानव तस्करी की सूचना के बाद की गई कार्रवाई कोई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार सभी टीमें संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाकर रेस्क्यू कर चुकी है। अभी तक करीब सौ बच्चों का रेस्क्यू हुआ लेकिन बाद में उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाता है। बाद में फिर इस तरह से बच्चों का मिलने का सिलसिला चलता रहा है। बताया जाता है कि पंजाब के कांट्रेक्टर फैक्ट्रियों व खेतों में काम करने के लिए इन बच्चों के परिजनों को पैसों का झांसा देते हैं और बच्चों को अपने पास बुला लेते हैं।
बॉक्स
प्राथमिक बातचीत में बच्चों ने उलझाया
रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसिलिंग से पहले प्राथमिक पूछताछ की गई तो बच्चों ने टीम को उलझा दिया। कोई अपने रिश्तेदार के घर जाने की बात बोलने लगा तो किसी ने दूसरे के रिश्तेदार और सगे संबंधी से मिलने की बात कहीं। टीम ने सभी से बातचीत कर उनके घरों का पता नोट कर लिया। कहा कि उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें अंबाला बुलाया जाएगा। गहनता से जांच पड़ताल के बाद बच्चों को उनके सुपूर्द किया जाएगा।
कोट
कर्मभूमि से करीब 15 बच्चों को रेस्क्यू करवाया है। सहारनपुर आरपीएफ की टीम ट्रेन में सूचना मिलने के बाद सर्च अभियान चलाती आ रही थी। अंबाला ट्रेन के रूकने पर रेस्क्यू करवा लिया गया है।
जावेद खान, आरपीएफ थाना प्रभारी, रेलवे स्टेशन अंबाला
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कर्मभूमि एक्सप्रेस से 15 बच्चों का किया रेस्क्यू
मानव तस्करी की मिली थी सूचना, सहारनपुर से आरपीएफ कर रही थी ट्रेन में जांच, मैसेज मिलते ही अंबाला में खंगाली ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर बृहस्पतिवार दोपहर को पहुंची कर्मभूमि एक्सप्रेस 12407 के विभिन्न कोच से 15 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बचपन बचाओ आंदोलन, चाइल्डलाइन और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इस दौरान एजेंटों की भी तलाश की गई, लेकिन सभी फरार हो गए थे।
बताया जाता है कि एजेंट इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए पंजाब ले जा रहे थे। बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने अपने संरक्षण में लिया है। इन सभी बच्चों को शेल्टर होम भेजा गया है, जहां इनकी काउंसलिंग की जाएगी। बचपन बचाओ आंदोलन ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दी थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस से काफी संख्या में बच्चों को बाल श्रम के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है। इन बच्चों को अलग-अलग कोच में बिठाया गया है। इसी सूचना पर रेलवे चाइल्डलाइन, बचपन बचाओ आंदोलन और आरपीएफ की टीमों ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सतर्क हो गई। प्लेटफार्म नंबर छह पर ट्रेन के रुकते ही नाबालिग का रेस्क्यू करवाया। हालांकि 18 बच्चों को संरक्षण में लिया था लेकिन तीन बालिग थे तो उन्हें छोड़ दिया।
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बच्चों को शेल्टर होम लाया गया, सहारनपुर से चल रहा था सर्च अभियान
रेस्क्यू किए गए बच्चों को अंबाला छावनी के बाल भवन स्थित शेल्टर होम लाया गया है। इन बच्चों का मेडिकल कराने के बाद इनके स्वजनों को बुलाया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सहारनपुर की आरपीएफ टीम ट्रेन में सर्च अभियान चलाती आ रही थी। सभी डिब्बों को खंगाला और उसमें बैठे सभी यात्रियों से पूछताछ की। इस दौरान उन्हें 18 बच्चों को शक हुआ और अंबाला ट्रेन में रूकने पर उनका रेस्क्यू करवाया।
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पहले भी कई बार इसी ट्रेन से हो चुका है रेस्क्यू
कर्मभूमि एक्सप्रेस से मानव तस्करी की सूचना के बाद की गई कार्रवाई कोई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार सभी टीमें संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाकर रेस्क्यू कर चुकी है। अभी तक करीब सौ बच्चों का रेस्क्यू हुआ लेकिन बाद में उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाता है। बाद में फिर इस तरह से बच्चों का मिलने का सिलसिला चलता रहा है। बताया जाता है कि पंजाब के कांट्रेक्टर फैक्ट्रियों व खेतों में काम करने के लिए इन बच्चों के परिजनों को पैसों का झांसा देते हैं और बच्चों को अपने पास बुला लेते हैं।
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प्राथमिक बातचीत में बच्चों ने उलझाया
रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसिलिंग से पहले प्राथमिक पूछताछ की गई तो बच्चों ने टीम को उलझा दिया। कोई अपने रिश्तेदार के घर जाने की बात बोलने लगा तो किसी ने दूसरे के रिश्तेदार और सगे संबंधी से मिलने की बात कहीं। टीम ने सभी से बातचीत कर उनके घरों का पता नोट कर लिया। कहा कि उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें अंबाला बुलाया जाएगा। गहनता से जांच पड़ताल के बाद बच्चों को उनके सुपूर्द किया जाएगा।
कोट
कर्मभूमि से करीब 15 बच्चों को रेस्क्यू करवाया है। सहारनपुर आरपीएफ की टीम ट्रेन में सूचना मिलने के बाद सर्च अभियान चलाती आ रही थी। अंबाला ट्रेन के रूकने पर रेस्क्यू करवा लिया गया है।
जावेद खान, आरपीएफ थाना प्रभारी, रेलवे स्टेशन अंबाला
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