अंबाला। श्रीमद् भावगत ज्ञान कथा यज्ञ के पांचवें दिन महंत सोमदत्त ने भगवान की बाल रूप एवं लीलाओं के साथ-साथ गोपियों की कान्हा के प्रति प्राकृतिक लगाव का वर्णन करते हुए भजनों के माध्यम से समां बांधा। भजन झूलना झूलो मेरो श्याम, बड़ भागी झूला, यशोदा मईया दे दो री मुझको बधाईयां, बृज में हो रही जय जयकार, आज तो बधाई बाजे नन्द भवन में, माखन खा गयो बिहारी हमरो हंस-हंस के और आरती के बाद लेके जाना हरि का नाम थोड़ा थोड़ा आदि पर श्रद्घालु भाव विभोर होकर झूमने लगे।
महंत ने बताया कि भगवान का स्वभाव किसी को मारना नहीं अपितु उसे उसके कर्मों अनुसार फल प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य भगवान के लिए पागल हो जाते है वह वहीं लोग होते है जो भगवान को पा लेते है। इससे पहले सभा के महासचिव रमेश धीमान एवं प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने कथा में आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। महंत ने निस्वार्थ योग संस्थान के राकेश वर्मा एवं प्रधान अशोक सिंगला एवं आये अन्य श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। कथा के शुरुआत में रमेश गुप्ता, जंग बहादुर उप्पल, रमेश धीमान, चंद्र मोहन, ओम प्रकाश शर्मा द्वारा पूजा अर्चना की गई। महाराज के साथ राजेंद्र, पंडित विजय जोशी पंडित नरेश शर्मा ने एवं रणवीर सिंह ने अपने सुंदर-सुंदर प्रभु की भक्ति के प्रति गाए भजनों में साथ देकर समय बांध दिया। कथा में गोविंद चावला, रंजना, कांता दुआ, शशी, संजय गौरी, नितिन शर्मा, चंद्रप्रभा, राजरानी, सतीश, पुष्पा गुप्ता, चंद्र मोहन लता गुप्ता आदि मौजूद रहे।