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जेईई मैंस : जसलीन कौर जिले में अव्वल, पाए 99.83 परर्सेंटाइल
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अंशुल।
अंशुल, वाशु और त्रिमनजोत ने भी पाई सफलता, साझा किए सफलता के मंत्र
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मैंस) के परिणाम में जिले में सर्वाधिक अंक पाकर जसलीन कौर अव्वल रहीं, वहीं अंशुल, वाशु और त्रिमनजोत ने अपनी सफलता की कहानियां साझा की हैं। इन सफल छात्रों में ज्यादातर ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी, रिवीजन पर विशेष ध्यान और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अभ्यास किया। किसी ने 12 से 13 घंटे की पढ़ाई को अपनी सफलता का मंत्र बताया तो किसी ने कोचिंग के साथ सेल्फ-स्टडी और खुद को छोटा लक्ष्य दिया।
मोबाइल से बनाई दूरी, रिवीजन पर दिया जोर
बलदेव नगर के पास बरनाला गांव निवासी जसलीन कौर ने जेईई मैंस में जिले में सर्वाधिक 99.83 परर्सेंटाइल प्राप्त कर माता-पिता व शिक्षकों का नाम रोशन किया। जसलीन बताती हैं कि वह भविष्य में इंजीनियरिंग कर यूपीएससी के लिए प्रयास करेंगी। यूपीएससी निकालना उनका सपना है। जसलीन ने जेईई के लक्ष्य को पाने के लिए कोचिंग और घर पर पढ़ाई दोनों को महत्ता दी। उन्होंने रिवीजन पर भी जो दिया। साथ ही मोबाइल फोन से दूरी ने उन्हें लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। जसलीन के पिता गुरप्रीत सिंह प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं तो माता बलजिंदर कौर नौकरीपेशा हैं।
12 से 13 घंटे की पढ़ाई
कैंट की डिफेंस कॉलोनी निवासी अंशुल कुमार ने 99.19 परर्सेंटाइल प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि वह 11वीं से ही इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। आर्मी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई और कोचिंग के बाद वह घर पर भी उतना ही ध्यान देते थे। उनके भाई कुनाल कुमार पहले से आईआईटी दिल्ली में पढ़ रहे हैं। उन्होंने भी मार्गदर्शन किया। दिनभर में 12 से 13 घंटे की पढ़ाई में उन्होंने यह मुकाम पाया। अंशुल ने बताया कि उनके पिता कृष्ण पाल सेना में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं तो माता सुदेश गृहिणी हैं।
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अधिक से अधिक प्रश्न किए हल
कैंट के सदर बाजार निवासी वाशु चावला ने जेईई मेंस में 98.97 परर्सेंटाइल प्राप्त किए हैं। उनके पिता सुमित चावला ग्राफिक डिजाइनिंग का कार्य करते हैं। माता सीमा चावला बिजनेस करती हैं। उन्होंने बताया कि कोचिंग इंस्टीट्यूट ने तैयारी कराने में काफी मदद की। पिछले वर्षों में आए प्रश्नों को वहां अच्छे से कराया गया। इसके साथ ही घर पर पढ़ाई की। इस परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए पिछले ट्रेंड को जरूर देखना चाहिए। जितने प्रश्न हो सकते हैं जरूर करने चाहिए।
खुद के लिए तय करें लक्ष्य
अंबाला सिटी निवासी त्रिमनजोत सिंह ने 97.61 परर्सेंटाइल प्राप्त किए हैं। उनके पिता गुरमीत सिंह व्यापारी हैं। वहीं माता गुरप्रीत कौर गृहिणी हैं। त्रिमननजोत ने बताया कि कोचिंग में आपको मार्गदर्शन मिलता है। जीत हासिल करने का तरीका मिलता है मगर आपको उसके लिए खुद को तैयार करना होता है। अब जेईई एडवांस परीक्षा में अच्छा स्कोर करने का लक्ष्य है। बच्चों को अपने आप को ऐसे लक्ष्य देते रहना चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मैंस) के परिणाम में जिले में सर्वाधिक अंक पाकर जसलीन कौर अव्वल रहीं, वहीं अंशुल, वाशु और त्रिमनजोत ने अपनी सफलता की कहानियां साझा की हैं। इन सफल छात्रों में ज्यादातर ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी, रिवीजन पर विशेष ध्यान और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अभ्यास किया। किसी ने 12 से 13 घंटे की पढ़ाई को अपनी सफलता का मंत्र बताया तो किसी ने कोचिंग के साथ सेल्फ-स्टडी और खुद को छोटा लक्ष्य दिया।
मोबाइल से बनाई दूरी, रिवीजन पर दिया जोर
बलदेव नगर के पास बरनाला गांव निवासी जसलीन कौर ने जेईई मैंस में जिले में सर्वाधिक 99.83 परर्सेंटाइल प्राप्त कर माता-पिता व शिक्षकों का नाम रोशन किया। जसलीन बताती हैं कि वह भविष्य में इंजीनियरिंग कर यूपीएससी के लिए प्रयास करेंगी। यूपीएससी निकालना उनका सपना है। जसलीन ने जेईई के लक्ष्य को पाने के लिए कोचिंग और घर पर पढ़ाई दोनों को महत्ता दी। उन्होंने रिवीजन पर भी जो दिया। साथ ही मोबाइल फोन से दूरी ने उन्हें लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। जसलीन के पिता गुरप्रीत सिंह प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं तो माता बलजिंदर कौर नौकरीपेशा हैं।
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12 से 13 घंटे की पढ़ाई
कैंट की डिफेंस कॉलोनी निवासी अंशुल कुमार ने 99.19 परर्सेंटाइल प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि वह 11वीं से ही इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। आर्मी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई और कोचिंग के बाद वह घर पर भी उतना ही ध्यान देते थे। उनके भाई कुनाल कुमार पहले से आईआईटी दिल्ली में पढ़ रहे हैं। उन्होंने भी मार्गदर्शन किया। दिनभर में 12 से 13 घंटे की पढ़ाई में उन्होंने यह मुकाम पाया। अंशुल ने बताया कि उनके पिता कृष्ण पाल सेना में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं तो माता सुदेश गृहिणी हैं।
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अधिक से अधिक प्रश्न किए हल
कैंट के सदर बाजार निवासी वाशु चावला ने जेईई मेंस में 98.97 परर्सेंटाइल प्राप्त किए हैं। उनके पिता सुमित चावला ग्राफिक डिजाइनिंग का कार्य करते हैं। माता सीमा चावला बिजनेस करती हैं। उन्होंने बताया कि कोचिंग इंस्टीट्यूट ने तैयारी कराने में काफी मदद की। पिछले वर्षों में आए प्रश्नों को वहां अच्छे से कराया गया। इसके साथ ही घर पर पढ़ाई की। इस परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए पिछले ट्रेंड को जरूर देखना चाहिए। जितने प्रश्न हो सकते हैं जरूर करने चाहिए।
खुद के लिए तय करें लक्ष्य
अंबाला सिटी निवासी त्रिमनजोत सिंह ने 97.61 परर्सेंटाइल प्राप्त किए हैं। उनके पिता गुरमीत सिंह व्यापारी हैं। वहीं माता गुरप्रीत कौर गृहिणी हैं। त्रिमननजोत ने बताया कि कोचिंग में आपको मार्गदर्शन मिलता है। जीत हासिल करने का तरीका मिलता है मगर आपको उसके लिए खुद को तैयार करना होता है। अब जेईई एडवांस परीक्षा में अच्छा स्कोर करने का लक्ष्य है। बच्चों को अपने आप को ऐसे लक्ष्य देते रहना चाहिए।

अंशुल।

अंशुल।

अंशुल।