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झोपड़ियों के साथ जिंदा जला मासूम
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Sat, 10 May 2014 11:33 PM IST
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मुलाना कस्बे के गांव धनौरा स्थित मारकंडा नदी क्षेत्र में सब्जी उत्पादक किसानोें की झोपड़ियों में आग लग गई। इस आग में जहां झोपड़ियों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया,
वहीं एक नौ साल का बच्चा भी जिंदा जल गया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। हादसे की सूचना मुलाना पुलिस को दी गई। मुलाना थाना प्रभारी महिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमएम अस्पताल में रखवाया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में दुख की लहर है।
जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के जिले शाहजहांपुर के गांव जलालाबाद के रहने वाला इकबाल और बरेली के निवासी गुलामनबी काफी साल से मुलाना क्षेत्र में सब्जी लगाने का काम करते हैं। इस बार भी इन लोगों ने गांव धनौरा के मारकंडा नदी के क्षेत्र में सब्जी लगा रखी है और अपने-अपने परिवारों के रहने के लिए झोपड़ियां बनाई हैं।
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शनिवार को इकबाल और गुलामनबी का परिवार खेतों में सब्जी तोड़ने में व्यस्त था। इकबाल का नौ साल का बेटा इरफानुदीन और पांच साल की बेटी मुस्कान झोपड़ी में सो रहे थी। करीब तीन बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग लगते ही पांच साल की मुस्कान तो झोपड़ी से बाहर आ गई, लेकिन इरफानुदीन झोपड़ी में ही सोता रह गया। इतने में इकबाल ने झोपड़ी से धुआं उठता देखा और सारे लोग झोपड़ी की ओर दौड़ पड़े।
जब तक वे मौके पर पहुंच पाते, तब तक दोनों झोपड़ियों में आग तेज हो चुकी थी। जब तक आग बुझा पाते तब तक सब कुछ तबाह हो गया था। झोपड़ी की राख से नो साल के इरफानुदीन का कंकाल मिला है। इकबाल ने बताया कि उन्होंने कर्जा लेकर सब्जी की फसल लगाई है। उसकी दो लड़कियां भी हैं। आग से झोपड़ियों में रखा सामान, नकदी और गहने आदि भी जल गए।
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वहीं एक नौ साल का बच्चा भी जिंदा जल गया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। हादसे की सूचना मुलाना पुलिस को दी गई। मुलाना थाना प्रभारी महिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमएम अस्पताल में रखवाया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में दुख की लहर है।
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जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के जिले शाहजहांपुर के गांव जलालाबाद के रहने वाला इकबाल और बरेली के निवासी गुलामनबी काफी साल से मुलाना क्षेत्र में सब्जी लगाने का काम करते हैं। इस बार भी इन लोगों ने गांव धनौरा के मारकंडा नदी के क्षेत्र में सब्जी लगा रखी है और अपने-अपने परिवारों के रहने के लिए झोपड़ियां बनाई हैं।
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शनिवार को इकबाल और गुलामनबी का परिवार खेतों में सब्जी तोड़ने में व्यस्त था। इकबाल का नौ साल का बेटा इरफानुदीन और पांच साल की बेटी मुस्कान झोपड़ी में सो रहे थी। करीब तीन बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग लगते ही पांच साल की मुस्कान तो झोपड़ी से बाहर आ गई, लेकिन इरफानुदीन झोपड़ी में ही सोता रह गया। इतने में इकबाल ने झोपड़ी से धुआं उठता देखा और सारे लोग झोपड़ी की ओर दौड़ पड़े।
जब तक वे मौके पर पहुंच पाते, तब तक दोनों झोपड़ियों में आग तेज हो चुकी थी। जब तक आग बुझा पाते तब तक सब कुछ तबाह हो गया था। झोपड़ी की राख से नो साल के इरफानुदीन का कंकाल मिला है। इकबाल ने बताया कि उन्होंने कर्जा लेकर सब्जी की फसल लगाई है। उसकी दो लड़कियां भी हैं। आग से झोपड़ियों में रखा सामान, नकदी और गहने आदि भी जल गए।