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Ambala News: 24 वर्ष पहले सरकार बनाने वाला इनेलो तलाश रहा जमीन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2024 02:13 AM IST
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INLD, which formed the government 24 years ago, is looking for land
पूर्व विधायक स्वर्गीय रिसाल सिंह।
सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। वर्ष 2000 में सरकार बनाने वाला इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) सत्ता से बाहर है। इस बार इनेलो-बसपा गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में है। अंबाला की चार विधानसभा सीट पर अंबाला शहर और नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी ने प्रत्याशी उतारे हैं और छावनी और मुलाना सीट पर इनेलो के प्रत्याशी मैदान में हैं।
इस बार चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा कम नजर आ रहा है। वहीं, इनेलो अपना खोई जमीन तलाश रही है। वर्ष 2000 में इनेलो ने सरकार बनाई थी। इनेलो ने नारायणगढ़, मुलाना और नग्गल (2005 परिसीमन में खत्म हुई सीट) सीट जीती थी। नारायणगढ़ सीट से वर्ष 2000 में पवन कुमार, मुलाना से रिसाल सिंह, नग्गल सीट पर जसबीर मलौर विधायक बने थे, हालांकि 2009 में राजबीर सिंह बराड़ा मुलाना से इनेलो विधायक बने थे। वहीं, अंबाला शहर और अंबाला छावनी सीट पर इनेलो का अभी तक खाता नहीं खुला। इन दोनों सीट पर भाजपा और कांग्रेस का ही दबदबा रहा है।
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इनेलो-बसपा गठबंधन में लड़ रहे चुनाव
इस बार इनेलो-बसपा गठबंधन से चुनाव मैदान में है। शहर सीट पर बहुजन समाज पार्टी से मलकीत सिंह भानोखेड़ी, छावनी सीट पर इंडियन नेशनल लोकदल से ओंकार सिंह, नारायणगढ़ सीट पर बहुजन समाज पार्टी से हरबिलास सिंह, मुलाना सीट पर इंडियन नेशनल लोकदल से प्रकाश भारती चुनाव मैदान में हैं। दो सीट पर बसपा और दो सीट पर इनेलो के प्रत्याशी मैदान में हैं।
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मुलाना सीट पर 2, नारायणगढ़, नग्गल सीट पर एक-एक बार बने विधायक

नग्गल सीट : वर्ष 2000 में जसबीर मलौर इनेलो से विधायक बने थे। मलौर को 53 हजार 884 वोट मिले थे और कांग्रेस के निर्मल सिंह को 35 हजार 111 वोट मिले थे। तब मलौर 18 हजार 773 वोट से जीतकर विधायक बने थे। इस सीट पर ही 2005 में निर्मल सिंह ने अपनी हार का बदला लेते हुए जसबीर मलौर को हराया था। निर्मल सिंह को 52 हजार 579 वोट मिले थे और जसबीर मलौर को 47 हजार 87 वोट मिले थे। निर्मल सिंह 5 हजार 492 वोट से जीते थे। इस सीट पर यह अंतिम चुनाव था। 2005 के परिसिमन में यह सीट खत्म हो गई। कुछ एरिया मुलाना और कुछ एरिया अंबाला शहर विधानसभा सीट में आ गया। इस सीट पर इन दोनों नेताओं का दबदबा रहा। अब यह दोनों नेता एक साथ कांग्रेस में हैं।
-नारायणगढ़ सीट : इस सीट पर वर्ष 2000 में इनेलो से पवन कुमार विधायक बने थे। पवन कुमार ने कांग्रेस के लाल सिंह को हराया था। पवन कुमार को 32 हजार 92 वोट मिले थे और लाल सिंह को 24 हजार 659 वोट मिले थे। पवन कुमार 7 हजार 433 वोट से जीते थे।


-मुलाना सीट : वर्ष 2000 में रिसाल सिंह इनेलो से विधायक बने थे। रिसाल सिंह 40 हजार 682 वोट मिले थे और कांग्रेस के फूलचंद मुलाना को 35 हजार 560 वोट मिले थे। रिसाल सिंह 5 हजार 122 वोट से जीते थे। इस सीट पर वर्ष 2009 में राजबीर सिंह बराड़ा भी इनेलो से जीते थे। राजबीर सिंह को 47 हजार 185 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के फूलचंद मुलाना को 44 हजार 248 वोट मिले थे। राजबीर सिंह 2 हजार 937 वोट से जीते थे।

पूर्व विधायक स्वर्गीय रिसाल सिंह।

पूर्व विधायक स्वर्गीय रिसाल सिंह।

पूर्व विधायक स्वर्गीय रिसाल सिंह।

पूर्व विधायक स्वर्गीय रिसाल सिंह।

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