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Ambala News: साकार नहीं हुआ आईएमटी का सपना
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वैभव शर्मा
अंबाला सिटी। अंबाला में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) का सपना अब तक अपना नहीं बन पाया है। अंबाला में आईएमटी का सपना दिखाकर वर्षों तक राजनीति होती रही है। हर बार चुनाव में इस मुद्दे को भुनाकर पार्टियां वोट लेती रही हैं।
इस बार प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद करीब दो महीने पहले सरकार ने जब अपना पहला बजट पेश किया तो अंबाला में आईएमटी बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद अंबाला में खुशी की लहर दाैड़ गई थी। मगर बजट आने के दो महीने बाद भी हालात ये हैं कि अंबाला के आईएमटी की फाइल टस से मस नहीं हुई। विभागों को इंतजार है कि सरकार से कोई निर्देश आएंगे तो इस पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होनी थी शुरू
प्रदेश सरकार ने आईएमटी परियोजना के प्रथम चरण के लिए 800 एकड़ जगह पर कार्य शुरू करने का बजट में तय किया था। इस कार्य के लिए जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) विभाग को दी है। मगर अभी तक इस संबंध में सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण के लिए जिला राजस्व विभाग के पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। विभागीय अधिकारी भी निर्देश आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत की जा सकेगी और ई-भूमि पोर्टल पर भू स्वामियों से आवेदन प्राप्त किए जा सकेंगे। एचएसआईआईडी के पास भी इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है।
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कांग्रेस सरकार में हुई थी आईएमटी की घोषणा
कई वर्ष पहले कांग्रेस सरकार में अंबाला में आईएमटी बनाने की घोषणा की गई थी। तब दावा किया था कि अंबाला में सभी इंडस्ट्री आईएमटी बनने से एक स्थान पर आ जाएंगी। इससे अंबाला और आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके बाद भाजपा सरकार आई तो उन्होंने भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की। मगर इस परियोजना पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की सरकार में भी अंबाला में आईएमटी की फाइल अंबाला से चंडीगढ़ तक दौड़ लगाती रही, मगर कुछ नहीं हुआ। अब दोबारा से सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सरकार बनी तो इस बार पहली दफा बजट में आईएमटी को कागजों में लाया गया। मगर करीब दो माह होने वाले हैं अभी तक विभागीय स्तर पर कोई अपडेट नहीं है।
वर्जन
बजट में सरकार ने आईएमटी को कागजों में उतारा है। जल्द ही विभागों के पास निर्देश भी आ जाएंगे। अभी किस स्तर पर है इसकी जानकारी ली जा रही है।
-मनदीप राणा, जिलाध्यक्ष।सरकार की दो इंडस्ट्रियल पॉलिसी अपना लक्ष्य ही पूरा नहीं कर सकीं। न तो निवेश आया और न ही रोजगार पैदा हुआ। आईएमटी अंबाला के लिए बड़ी परियोजना है यही हाल उसका है। प्रदेश में सरकार के दावे अधिक हैं मगर धरातल पर वह नहीं उतर रहे हैं।
-वरुण मुलाना, सांसद, अंबाला लोकसभा।
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अंबाला सिटी। अंबाला में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) का सपना अब तक अपना नहीं बन पाया है। अंबाला में आईएमटी का सपना दिखाकर वर्षों तक राजनीति होती रही है। हर बार चुनाव में इस मुद्दे को भुनाकर पार्टियां वोट लेती रही हैं।
इस बार प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद करीब दो महीने पहले सरकार ने जब अपना पहला बजट पेश किया तो अंबाला में आईएमटी बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद अंबाला में खुशी की लहर दाैड़ गई थी। मगर बजट आने के दो महीने बाद भी हालात ये हैं कि अंबाला के आईएमटी की फाइल टस से मस नहीं हुई। विभागों को इंतजार है कि सरकार से कोई निर्देश आएंगे तो इस पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
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भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होनी थी शुरू
प्रदेश सरकार ने आईएमटी परियोजना के प्रथम चरण के लिए 800 एकड़ जगह पर कार्य शुरू करने का बजट में तय किया था। इस कार्य के लिए जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) विभाग को दी है। मगर अभी तक इस संबंध में सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण के लिए जिला राजस्व विभाग के पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। विभागीय अधिकारी भी निर्देश आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत की जा सकेगी और ई-भूमि पोर्टल पर भू स्वामियों से आवेदन प्राप्त किए जा सकेंगे। एचएसआईआईडी के पास भी इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है।
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कांग्रेस सरकार में हुई थी आईएमटी की घोषणा
कई वर्ष पहले कांग्रेस सरकार में अंबाला में आईएमटी बनाने की घोषणा की गई थी। तब दावा किया था कि अंबाला में सभी इंडस्ट्री आईएमटी बनने से एक स्थान पर आ जाएंगी। इससे अंबाला और आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके बाद भाजपा सरकार आई तो उन्होंने भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की। मगर इस परियोजना पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की सरकार में भी अंबाला में आईएमटी की फाइल अंबाला से चंडीगढ़ तक दौड़ लगाती रही, मगर कुछ नहीं हुआ। अब दोबारा से सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सरकार बनी तो इस बार पहली दफा बजट में आईएमटी को कागजों में लाया गया। मगर करीब दो माह होने वाले हैं अभी तक विभागीय स्तर पर कोई अपडेट नहीं है।
वर्जन
बजट में सरकार ने आईएमटी को कागजों में उतारा है। जल्द ही विभागों के पास निर्देश भी आ जाएंगे। अभी किस स्तर पर है इसकी जानकारी ली जा रही है।
-मनदीप राणा, जिलाध्यक्ष।सरकार की दो इंडस्ट्रियल पॉलिसी अपना लक्ष्य ही पूरा नहीं कर सकीं। न तो निवेश आया और न ही रोजगार पैदा हुआ। आईएमटी अंबाला के लिए बड़ी परियोजना है यही हाल उसका है। प्रदेश में सरकार के दावे अधिक हैं मगर धरातल पर वह नहीं उतर रहे हैं।
-वरुण मुलाना, सांसद, अंबाला लोकसभा।