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Ambala News: शादी के बाद अनैतिक संबंध डाल रहे रिश्तों में दरार
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अंबाला सिटी। शादी के बाद अनैतिक संबंध रिश्तों में दरार ला रहे हैं। कोरोना के बाद से ऐसे मामलों में इजाफा हुआ है। ऐसे ही पारिवारिक विवादों की एक लंबी सूची शहर के नागरिक अस्पताल में चल रहे सुकून केंद्र के पास है।
इन विवादों में दोनों पक्षों को समझाकर केंद्र के सलाहकार रिश्तों को पाटने का काम कर रहे हैं। अहम बात यह है केंद्र के सामने ऐसे भी मामले आ रहे हैं, जिसमें शादी के बाद पति ने किसी और महिला से प्रेम संबंध बना लिया और अब वह अपनी पत्नी को छोड़ना चाहता है।
ऐसे मामलों का बढ़ना हर किसी को चिंता में डाल रहा है। गौरतलब है कि घरेलू विवादों और यौन हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को सुकून केंद्र में डाक्टरी जांच, खानपान, शिकायत संबंधी मदद, सरकारी सेवाएं, अधिकारों की जानकारी और कानूनी मदद भी मिल रही है। इसके साथ ही मामला शांत होने के बाद भी केंद्र की टीम की ओर से महिला से संपर्क बनाया जाता है और उसके बारे में फॉलोअप लिया जाता है। इससे भविष्य में भी कोई विवाद होता है तो उसका पता लगाया जा सके।
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नशा, बेरोजगारी, इंटरनेट बिगाड़ रहा रिश्ता
कोरोना काल के बाद से महिलाओं के साथ होने वाले घरेलू विवादों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका मुख्य कारण नशा और बेरोजगारी है। नशे की आदत से अक्सर ही पति पैसों के लिए महिला और उसके परिजनों पर पैसों के लिए दबाव बनाता और महिला के साथ मारपीट करता है। वहीं इंटरनेट के माध्यम से पति किसी गैर महिला के साथ अवैध संबंध बना लेता है। जिसके चलते पति पत्नी के बीच मन मुटाव बढ़ जाते है। इसका खामियाजा महिला को भुगतना पड़ता है। सोशल मीडिया पर पति दूसरी महिलाओं के साथ बातचीत शुरू करता है और बातचीत से अवैध संबंधों तक बात पहुंच जाती है। इसके कारण भी पति पत्नी के रिश्तों में खटास आ जाती है। ऐसे में आपसी विवाद और भी अधिक बढ़ रहे है।
सुकून केंद्र कर रहा मदद
सुकून केंद्र की टीम ऐसे मामलों में महिला और पुरुष दोनों की काउंसलिंग करती है और उन्हें समझाने का प्रयास करती है। इतना ही नहीं मामला शांत होने के बाद भी पीड़ित महिला के साथ सुकून केंद्र की टीम संपर्क में रहती है और समय समय पर महिला से जानकारी लेती रहती है। इसी प्रकार पॉक्सो के मामलों में भी सुकून केंद्र मदद का सहारा बनकर आगे आता है। कई बार किशोरियों के परिजन पीड़ित पर ही आरोप लगाने लग जाते है। ऐसे में सुकून की टीम आगे आती है और पीड़िता के परिजनों को बुलाकर समझाती है और पीड़िता के लिए सहारा बनती है।
पहला मामला
साली से हुआ प्रेम
हाल ही में सुकून केंद्र में एक मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी ही साली के साथ प्रेम संबंध बना लिए और अपनी पत्नी को छोड़ने का फैसला ले लिया। इसके चलते पति-पत्नी के संबंध बिगड़ते गए। इसके बाद मामला सुकून केंद्र पहुंचा जहां टीम की ओर से की काउंसिलिंग से मामला सुलझाया।
दूसरा मामला
दहेज के लिए संबंध तोड़ रहे
एक महिला के पति ने दहेज के लिए अपनी पत्नी के साथ संबंध तोड़ने का फैसला लिया। जिसके बाद महिला मदद के लिए सुकून केंद्र पहुंची जहां पर महिला के पति और परिजनों को समझाया जा रहा है।
मामले और उनका फॉलोअप
वर्ष 2015-2016 में 187 मामले आए, जिसमें से 249 बार फाॅलोअप किया। वहीं, वर्ष 2016- 2017 में 259 मामले आए और 581 फॉलोअप हुए। इसी प्रकार वर्ष 2017- 2018 तक 295 मामले, 484 फाॅलोअप, वर्ष 2018-2019 में 338 मामले, 650 फॉलोअप, वर्ष 2019-2020 में 309 मामले, 531 फाॅओअप, 2020- 2021 तक 249 मामले, 835 फॉलोअप, वर्ष 2022- 2023 तक 326 मामले, 552 फाॅलोअप और वर्ष 2023 से अब तक 340 मामले और 589 फाॅलोअप चल रहे हैं।
वर्जन
जो भी पीड़ित महिलाएं केंद्र में आती हैं उनकी मदद की जाती है। काउंसलिंग के जरिये केंद्र के सलाहकार दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करते हैं।
-डाॅ. संगीता गोयल, पीएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर
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इन विवादों में दोनों पक्षों को समझाकर केंद्र के सलाहकार रिश्तों को पाटने का काम कर रहे हैं। अहम बात यह है केंद्र के सामने ऐसे भी मामले आ रहे हैं, जिसमें शादी के बाद पति ने किसी और महिला से प्रेम संबंध बना लिया और अब वह अपनी पत्नी को छोड़ना चाहता है।
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ऐसे मामलों का बढ़ना हर किसी को चिंता में डाल रहा है। गौरतलब है कि घरेलू विवादों और यौन हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को सुकून केंद्र में डाक्टरी जांच, खानपान, शिकायत संबंधी मदद, सरकारी सेवाएं, अधिकारों की जानकारी और कानूनी मदद भी मिल रही है। इसके साथ ही मामला शांत होने के बाद भी केंद्र की टीम की ओर से महिला से संपर्क बनाया जाता है और उसके बारे में फॉलोअप लिया जाता है। इससे भविष्य में भी कोई विवाद होता है तो उसका पता लगाया जा सके।
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नशा, बेरोजगारी, इंटरनेट बिगाड़ रहा रिश्ता
कोरोना काल के बाद से महिलाओं के साथ होने वाले घरेलू विवादों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका मुख्य कारण नशा और बेरोजगारी है। नशे की आदत से अक्सर ही पति पैसों के लिए महिला और उसके परिजनों पर पैसों के लिए दबाव बनाता और महिला के साथ मारपीट करता है। वहीं इंटरनेट के माध्यम से पति किसी गैर महिला के साथ अवैध संबंध बना लेता है। जिसके चलते पति पत्नी के बीच मन मुटाव बढ़ जाते है। इसका खामियाजा महिला को भुगतना पड़ता है। सोशल मीडिया पर पति दूसरी महिलाओं के साथ बातचीत शुरू करता है और बातचीत से अवैध संबंधों तक बात पहुंच जाती है। इसके कारण भी पति पत्नी के रिश्तों में खटास आ जाती है। ऐसे में आपसी विवाद और भी अधिक बढ़ रहे है।
सुकून केंद्र कर रहा मदद
सुकून केंद्र की टीम ऐसे मामलों में महिला और पुरुष दोनों की काउंसलिंग करती है और उन्हें समझाने का प्रयास करती है। इतना ही नहीं मामला शांत होने के बाद भी पीड़ित महिला के साथ सुकून केंद्र की टीम संपर्क में रहती है और समय समय पर महिला से जानकारी लेती रहती है। इसी प्रकार पॉक्सो के मामलों में भी सुकून केंद्र मदद का सहारा बनकर आगे आता है। कई बार किशोरियों के परिजन पीड़ित पर ही आरोप लगाने लग जाते है। ऐसे में सुकून की टीम आगे आती है और पीड़िता के परिजनों को बुलाकर समझाती है और पीड़िता के लिए सहारा बनती है।
पहला मामला
साली से हुआ प्रेम
हाल ही में सुकून केंद्र में एक मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी ही साली के साथ प्रेम संबंध बना लिए और अपनी पत्नी को छोड़ने का फैसला ले लिया। इसके चलते पति-पत्नी के संबंध बिगड़ते गए। इसके बाद मामला सुकून केंद्र पहुंचा जहां टीम की ओर से की काउंसिलिंग से मामला सुलझाया।
दूसरा मामला
दहेज के लिए संबंध तोड़ रहे
एक महिला के पति ने दहेज के लिए अपनी पत्नी के साथ संबंध तोड़ने का फैसला लिया। जिसके बाद महिला मदद के लिए सुकून केंद्र पहुंची जहां पर महिला के पति और परिजनों को समझाया जा रहा है।
मामले और उनका फॉलोअप
वर्ष 2015-2016 में 187 मामले आए, जिसमें से 249 बार फाॅलोअप किया। वहीं, वर्ष 2016- 2017 में 259 मामले आए और 581 फॉलोअप हुए। इसी प्रकार वर्ष 2017- 2018 तक 295 मामले, 484 फाॅलोअप, वर्ष 2018-2019 में 338 मामले, 650 फॉलोअप, वर्ष 2019-2020 में 309 मामले, 531 फाॅओअप, 2020- 2021 तक 249 मामले, 835 फॉलोअप, वर्ष 2022- 2023 तक 326 मामले, 552 फाॅलोअप और वर्ष 2023 से अब तक 340 मामले और 589 फाॅलोअप चल रहे हैं।
वर्जन
जो भी पीड़ित महिलाएं केंद्र में आती हैं उनकी मदद की जाती है। काउंसलिंग के जरिये केंद्र के सलाहकार दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करते हैं।
-डाॅ. संगीता गोयल, पीएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर