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कुत्तों के लिए जल्द चिह्नित करें शेल्टर होम, सर्वोच्च अदालत के निर्देश का करें पालन : मेयर
Fri, 22 Aug 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 22 Aug 2025 11:50 PM IST
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नगर निगम मेयर सैलजा सचदेवा। फाइल फोट
अंबाला सिटी। मेयर सैलजा सचदेवा ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए नगर निगम अधिकारियों को कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए निर्देश दिए। मेयर सचदेवा ने नगर निगम अधिकारियों को तुरंत अंबाला नगर निगम क्षेत्र में स्थान चिन्हित करके शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया शुरू करने और उसके साथ-साथ कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को लेकर एक ठोस रणनीति बनाने के बारे में पत्र लिखा।
मेयर सैलजा सचदेवा ने कहा कि आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गाइडलाइन आ चुकी हैं कि वह उसका स्वागत करती हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अनुसार जो कुत्ते बीमार हैं, जो आक्रामक हो चुके हैं और जिनको रैबिज हो चुका है। उनको शेल्टर होम में रखा जाएगा और बाकी जो कुत्ते ठीक हैं, उनकी नसबंदी व उनको वैक्सीनेट कर वापस उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उनको ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक ओर गाइडलाइन दी है कि आवारा कुत्तों को खाना डालने के लिए विशेष जगह चिन्हित की जाए, वहीं पर कुत्तों को खाना डाला जाए।
नगर निगम में करीब एक वर्ष से ज्यादा समय होने के बावजूद भी अभी तक कुत्तों की नसबंदी की निविदा अमल में नहीं आ पाई है, जिसके पीछे कारण रहा कि कोई भी एजेंसी अंबाला नगर निगम क्षेत्र में निविदा भरने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। वहीं, रोजाना अस्पताल में 10 से 12 मामले आवारा कुत्तों के काटने के सामने आ रहे हैं। जिससे लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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मेयर सैलजा सचदेवा ने कहा कि आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गाइडलाइन आ चुकी हैं कि वह उसका स्वागत करती हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अनुसार जो कुत्ते बीमार हैं, जो आक्रामक हो चुके हैं और जिनको रैबिज हो चुका है। उनको शेल्टर होम में रखा जाएगा और बाकी जो कुत्ते ठीक हैं, उनकी नसबंदी व उनको वैक्सीनेट कर वापस उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उनको ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक ओर गाइडलाइन दी है कि आवारा कुत्तों को खाना डालने के लिए विशेष जगह चिन्हित की जाए, वहीं पर कुत्तों को खाना डाला जाए।
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नगर निगम में करीब एक वर्ष से ज्यादा समय होने के बावजूद भी अभी तक कुत्तों की नसबंदी की निविदा अमल में नहीं आ पाई है, जिसके पीछे कारण रहा कि कोई भी एजेंसी अंबाला नगर निगम क्षेत्र में निविदा भरने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। वहीं, रोजाना अस्पताल में 10 से 12 मामले आवारा कुत्तों के काटने के सामने आ रहे हैं। जिससे लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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