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गुरुघरों की रक्षक है टास्क फोर्स : मक्कड़
ब्यूरो/अमर उजाला/ अंबाला
Updated Tue, 22 Jul 2014 12:53 AM IST
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एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि हरियाणा के गुरुघरों में जो टास्क फोर्स के सदस्य पहरा दे रहे हैं, वे एसजीपीसी के पेड गुंडे नहीं, बल्कि सच्चे सिख हैं जो अपने गुरुघरों की रक्षा के लिए यहां रक्षक बनकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी तो हरियाणा में सीएम हुड्डा, झींडा और उनके समर्थकों ने फैला रखी है। उन्हाेंने कहा कि असंवैधानिक रूप से किसी भी कमेटी के एक्ट को ताक पर रखकर खुद अपनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी धक्के से बना लेना, ऊपर से इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह सचिव के पत्र को भी अनदेखा कर देना, यह सब गुंडागर्दी नहीं है तो क्या है? मक्कड़ हरियाणा में टास्क फोर्स के सदस्यों से मिलकर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। सोमवार शाम को मक्कड़ अंबाला मंजी साहिब गुरुद्वारे पहुंचे और वहां उन्होंने टास्क फोर्स से बातचीत की।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में मक्कड़ ने कहा कि जो एक्ट 1925 में बन चुका है और केंद्र सरकार के अधीन है, उस एक्ट में यदि बदलाव लाना है तो भी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाता है। उसके बाद उस पर सदन में चर्चा होगी, तब जाकर एक्ट में बदलाव होगा लेकिन यहां तो हुड्डा सरकार ने खुद ही हरियाणा के गुरुद्वारों का नया एक्ट तैयार कर खुद ही मुहर लगा ली। इससे पता चलता है कि हरियाणा के सीएम को सिख कौम के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि एचएसजीपीसी का गठन हरियाणा सरकार की सीधे तौर पर सिख कौम को चुनौती है। उनके अनुसार सिखों के लिए अकाल तख्त सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जिसने भी आज तक अकाल तख्त की बेअदबी की है, वह खुद ही खत्म हो गया है। इस अवसर पर अकाली नेता सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, निरंजन सिंह भानोखेड़ी, भोपाल सिंह, चरणजीत टक्कर, एडवोकेट साधु सिंह भंगू, अमरजीत अरोड़ा, गुरदयाल सिंह मौजूद रहे।
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चंडीगढ़ की बैठक पर निगाह
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि मंगलवार को चंडीगढ़ में एसजीपीसी के तमाम पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। वहां इसी मसले पर बैठक की जाएगी और सभी की राय जानी जाएगी। इसके बाद पंजाब सरकार इस मसले पर अपनी अगली रणनीति तय करेगी, इसीलिए चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
साढ़े नौ साल से सो रही थी सरकार : हीरा
अंबाला सिटी/नग्गल। पंजाब के पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया ने कहा कि आज चुनाव से ठीक पहले हरियाणा सरकार को अलग एसजीपीसी की याद आ गई। क्या साढ़े नौ साल से इस मसले पर सरकार सो रही थी। उन्होंने कहा कि यह सारा मामला चुनावी स्टंट है, इसीलिए कोई भी सिख हुड्डा सरकार और झींडा ग्रुप के साथ नहीं है। झींडा कहते हैं कि पंजाब की नजरें गुरुद्वारों के गुल्लक पर है, लेकिन झींडा को यह बात कहते शर्म नहीं आई, क्योंकि यह बात जगजाहिर है कि गुरुद्वारों में एकत्रित होने वाला पैसा गुरुद्वारों की कायाकल्प, स्कूल, कॉलेज व इंस्टीट्यूट चलाने में लग रहा है। बिना मतलब के आधारहीन आरोप लगाना केवल सस्ती लोकप्रियता का तरीका है।
शहर में पांच जगह सभाएं करेंगी बीबी जागीर
अंबाला सिटी। शिरोमणि अकाली दल बादल की बैठक पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष अजीत सिंह सौंडा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 25 जुलाई को बीबी जागीर कौर के अंबाला में होने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने बारे चर्चा की गई। सौंडा ने कहा कि बीबी जागीर 25 जुलाई को अंबाला में पांच स्थानों पर संगतों को संबोधित करेंगी। उन्होंने कहा कि जो बिल विधानसभा में पेश किया गया है वह बिल पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि सिख कौम कांग्रेस के इस धोखे को समझे। प्रदेश के सिख इस धोखे को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, मक्खन सिंह लबाना, कर्नल अमरजीत सिंह, अतर सिंह मुलतानी, गुरविंदर सिंह जीत, सुखमाल, कुलदीप सिंह, जसवंत सिंह मौजूद रहे।
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इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में मक्कड़ ने कहा कि जो एक्ट 1925 में बन चुका है और केंद्र सरकार के अधीन है, उस एक्ट में यदि बदलाव लाना है तो भी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाता है। उसके बाद उस पर सदन में चर्चा होगी, तब जाकर एक्ट में बदलाव होगा लेकिन यहां तो हुड्डा सरकार ने खुद ही हरियाणा के गुरुद्वारों का नया एक्ट तैयार कर खुद ही मुहर लगा ली। इससे पता चलता है कि हरियाणा के सीएम को सिख कौम के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि एचएसजीपीसी का गठन हरियाणा सरकार की सीधे तौर पर सिख कौम को चुनौती है। उनके अनुसार सिखों के लिए अकाल तख्त सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जिसने भी आज तक अकाल तख्त की बेअदबी की है, वह खुद ही खत्म हो गया है। इस अवसर पर अकाली नेता सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, निरंजन सिंह भानोखेड़ी, भोपाल सिंह, चरणजीत टक्कर, एडवोकेट साधु सिंह भंगू, अमरजीत अरोड़ा, गुरदयाल सिंह मौजूद रहे।
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चंडीगढ़ की बैठक पर निगाह
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि मंगलवार को चंडीगढ़ में एसजीपीसी के तमाम पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। वहां इसी मसले पर बैठक की जाएगी और सभी की राय जानी जाएगी। इसके बाद पंजाब सरकार इस मसले पर अपनी अगली रणनीति तय करेगी, इसीलिए चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
साढ़े नौ साल से सो रही थी सरकार : हीरा
अंबाला सिटी/नग्गल। पंजाब के पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया ने कहा कि आज चुनाव से ठीक पहले हरियाणा सरकार को अलग एसजीपीसी की याद आ गई। क्या साढ़े नौ साल से इस मसले पर सरकार सो रही थी। उन्होंने कहा कि यह सारा मामला चुनावी स्टंट है, इसीलिए कोई भी सिख हुड्डा सरकार और झींडा ग्रुप के साथ नहीं है। झींडा कहते हैं कि पंजाब की नजरें गुरुद्वारों के गुल्लक पर है, लेकिन झींडा को यह बात कहते शर्म नहीं आई, क्योंकि यह बात जगजाहिर है कि गुरुद्वारों में एकत्रित होने वाला पैसा गुरुद्वारों की कायाकल्प, स्कूल, कॉलेज व इंस्टीट्यूट चलाने में लग रहा है। बिना मतलब के आधारहीन आरोप लगाना केवल सस्ती लोकप्रियता का तरीका है।
शहर में पांच जगह सभाएं करेंगी बीबी जागीर
अंबाला सिटी। शिरोमणि अकाली दल बादल की बैठक पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष अजीत सिंह सौंडा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 25 जुलाई को बीबी जागीर कौर के अंबाला में होने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने बारे चर्चा की गई। सौंडा ने कहा कि बीबी जागीर 25 जुलाई को अंबाला में पांच स्थानों पर संगतों को संबोधित करेंगी। उन्होंने कहा कि जो बिल विधानसभा में पेश किया गया है वह बिल पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि सिख कौम कांग्रेस के इस धोखे को समझे। प्रदेश के सिख इस धोखे को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, मक्खन सिंह लबाना, कर्नल अमरजीत सिंह, अतर सिंह मुलतानी, गुरविंदर सिंह जीत, सुखमाल, कुलदीप सिंह, जसवंत सिंह मौजूद रहे।