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Ambala News: निगम सीमा में 12 साल से लग रहे होर्डिंग्स, आमदनी कुछ भी नहीं
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शहर के मानव चौक पर लगे होर्डिंग्स।
अंबाला सिटी। शहर में चौक-चौराहों, सरकारी इमारतों, शौचालयों पर निजी लोगों की ओर से होर्डिंग्स और विज्ञापन लगाए जा रहे हैं। यह स्थिति पूरे शहर की है। इससे नगर निगम को आय भी नहीं हो रही। शहर की सुंदरता भी खराब हो रही है।
हालात ये हैं कि एक चौक पर चार से पांच होर्डिंग्स लगे हैं। अब शहर में होर्डिंग्स और विज्ञापन के लिए पॉलिसी लागू नहीं होने से नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा ने सवाल खड़े किए। मेयर ने इस संबंध में कमिश्नर को पत्र लिखकर पॉलिसी लागू कराने की मांग की है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया को भी जल्द शुरू कराने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन का पैसा नहीं हो रहा जमा : मेयर
मेयर शक्ति रानी शर्मा ने निगम कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि चार अक्टूबर 2022 को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन निगम की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि नगर निगम का गठन 2010 में हुआ था और 2013 में इसकी कार्रवाई शुरू हो गई थी, लेकिन अभी तक निगम में विज्ञापन पॉलिसी लागू नहीं की गई।
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अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
शहर में बहुत से होर्डिंग्स विज्ञापन सरकारी इमारतों और शौचालयों पर लगे हैं, जिससे शहर की सुंदरता खराब हो रही है। नगर निगम के पास विज्ञापन का पैसा भी नहीं आ रहा। इस बारे में न तो किसी कर्मचारी और न ही किसी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया। इससे निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है। इससे पहले पत्र में भी इस बारे में कर्मचारी, अधिकारियों को लापरवाही का उल्लेख किया था कि यह किसकी मिलीभगत से चल रहा है।
लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि यह भी लिखा गया था कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाए और विज्ञापन पॉलिसी को तुरंत प्रभाव से लागू करवाया जाए। इस पॉलिसी को लागू न करवाए जाने बारे निगम को भारी हानि का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि इस विषय पर तुरंत कार्रवाई करें और टेंडर की प्रक्रिया शुरू करें, जिससे कि निगम को हो रही हानि से बचाया जा सके।
होर्डिंग्स और बैनरों से अटा है शहर
दरअसल, शहर के चौक-चौराहों, बिजली पोल, स्ट्रीट लाइट पोल, शौचालयों की इमारतों पर प्राइवेट होर्डिंग्स और विज्ञापनों की भरमार है। शहर के पॉलीटेक्निक चौक, अग्रसेन चौक, मानव चौक पर हालात ज्यादा खराब है। निगम इन होर्डिंग्स को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करता। जिससे इन चौक-चौराहों की सुंदरता खराब हो रही है और लोग भी हादसों का शिकार हो रहे हैं, क्योंकि इन होर्डिंग्स व विज्ञापनों की तरफ देखकर लोगों का ध्यान भटकता है। इन होर्डिंग्स को लगाने के लिए निगम ने जगह चयनित नहीं की है, बल्कि कोई भी व्यक्ति कहीं भी होर्डिंग्स लगा देता है।
कोट्स
निगम ने होर्डिंग्स और विज्ञापन के लिए जगह निर्धारित की है। 32 विज्ञापन साइट के लिए ऑनलाइन टेंडर भी लगा दिए हैं। इसमें शहर और कैंट दोनों शामिल हैं। पहले भी टेंडर लगाया था, मगर टेंडर में कोई नहीं आया था। शहर में हाईवे पर लगे होर्डिंग्स को हटाने के लिए निगम ने पिछले महीने में कार्रवाई की थी। अब दोबारा टीम गठित की है। अगले सप्ताह इन होर्डिंग्स को हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। नोटिस भी देंगे और जुर्माना भी लगाएंगे
-अंजू चौधरी, कमिश्नर, नगर निगम।
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हालात ये हैं कि एक चौक पर चार से पांच होर्डिंग्स लगे हैं। अब शहर में होर्डिंग्स और विज्ञापन के लिए पॉलिसी लागू नहीं होने से नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा ने सवाल खड़े किए। मेयर ने इस संबंध में कमिश्नर को पत्र लिखकर पॉलिसी लागू कराने की मांग की है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया को भी जल्द शुरू कराने के लिए कहा गया है।
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विज्ञापन का पैसा नहीं हो रहा जमा : मेयर
मेयर शक्ति रानी शर्मा ने निगम कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि चार अक्टूबर 2022 को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन निगम की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि नगर निगम का गठन 2010 में हुआ था और 2013 में इसकी कार्रवाई शुरू हो गई थी, लेकिन अभी तक निगम में विज्ञापन पॉलिसी लागू नहीं की गई।
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अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
शहर में बहुत से होर्डिंग्स विज्ञापन सरकारी इमारतों और शौचालयों पर लगे हैं, जिससे शहर की सुंदरता खराब हो रही है। नगर निगम के पास विज्ञापन का पैसा भी नहीं आ रहा। इस बारे में न तो किसी कर्मचारी और न ही किसी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया। इससे निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है। इससे पहले पत्र में भी इस बारे में कर्मचारी, अधिकारियों को लापरवाही का उल्लेख किया था कि यह किसकी मिलीभगत से चल रहा है।
लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि यह भी लिखा गया था कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाए और विज्ञापन पॉलिसी को तुरंत प्रभाव से लागू करवाया जाए। इस पॉलिसी को लागू न करवाए जाने बारे निगम को भारी हानि का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि इस विषय पर तुरंत कार्रवाई करें और टेंडर की प्रक्रिया शुरू करें, जिससे कि निगम को हो रही हानि से बचाया जा सके।
होर्डिंग्स और बैनरों से अटा है शहर
दरअसल, शहर के चौक-चौराहों, बिजली पोल, स्ट्रीट लाइट पोल, शौचालयों की इमारतों पर प्राइवेट होर्डिंग्स और विज्ञापनों की भरमार है। शहर के पॉलीटेक्निक चौक, अग्रसेन चौक, मानव चौक पर हालात ज्यादा खराब है। निगम इन होर्डिंग्स को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करता। जिससे इन चौक-चौराहों की सुंदरता खराब हो रही है और लोग भी हादसों का शिकार हो रहे हैं, क्योंकि इन होर्डिंग्स व विज्ञापनों की तरफ देखकर लोगों का ध्यान भटकता है। इन होर्डिंग्स को लगाने के लिए निगम ने जगह चयनित नहीं की है, बल्कि कोई भी व्यक्ति कहीं भी होर्डिंग्स लगा देता है।
कोट्स
निगम ने होर्डिंग्स और विज्ञापन के लिए जगह निर्धारित की है। 32 विज्ञापन साइट के लिए ऑनलाइन टेंडर भी लगा दिए हैं। इसमें शहर और कैंट दोनों शामिल हैं। पहले भी टेंडर लगाया था, मगर टेंडर में कोई नहीं आया था। शहर में हाईवे पर लगे होर्डिंग्स को हटाने के लिए निगम ने पिछले महीने में कार्रवाई की थी। अब दोबारा टीम गठित की है। अगले सप्ताह इन होर्डिंग्स को हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। नोटिस भी देंगे और जुर्माना भी लगाएंगे
-अंजू चौधरी, कमिश्नर, नगर निगम।

शहर के मानव चौक पर लगे होर्डिंग्स।