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सरहद पर तनाव के बाद अंबाला सैन्य क्षेत्र में हाईअर्लट
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:14 AM IST
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Indian-American Army hold mock encounter during Joint military exercise in Ranikhet
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरहद पर बने तनावग्रस्त माहौल के चलते सेना ने अलर्ट और ज्यादा बढ़ा दिया है। गत दिवस गुजरात तट के पास भी पाकिस्तानी सवार लोगों की नाव पकड़ने के बाद से तो केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने ऐहतिहातन छावनियों को ज्यादा चौकसी बरतने को कहा है। यहां अंबाला में नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े आर्मी बेस कैंप में भी इस वक्त हाईअलर्ट का माहौल बना हुआ है।
आर्मी जहां अपनी सिक्योरिटी एस्सेमेंट में जुटी हुई है, वहीं कई महत्वपूर्ण स्ट्राइकर यूनिटों को भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस तरह यहां उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरफोर्स स्टेशन 7 विंग में भी हाईअलर्ट जारी किया गया है। लेकिन स्ट्राइकर हमले के बाद जो माहौल सरहदों पर बने हुए हैं, उससे घुसपैठ और बड़ी आतंकी हमले का खतरा काफी बना हुआ है।
इसी को देखते हुए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को विशेष तौर पर ऐहतिहात बरतने और तैयार रहने के आदेश हैं। लेकिन एयरफोर्स अथॉरिटी को यहां इस वक्त एयरफोर्स स्टेशन के आसपास बसी कॉलोनियों में लोगों की नजरअंदाजी से बड़ा खतरा महसूस हो रहा है। एयरफोर्स इस बात से आशंकित है कि यहां लोगों का गलत इस्तेमाल कर कोई संदिग्ध आदमी भीतर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम न दे दे।
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क्योंकि पहले भी एक आतंकी मेजर सिंह टुंडा एयरफोर्स स्टेशन में घुस चुका है, जिसे मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि इसके अलावा भी कई बार संदिग्ध लोग एयरफोर्स की कंटीली तारें फांदकर भीतर घुसे हैं, जिन्हें एयरफोर्स के जवानों ने पकड़ा है। दो पाकिस्तान जासूस अंबाला मिलिट्री एरिया व एयरफोर्स एरिया की जासूसी के आरोप में पहले से ही जेल में हैं। जबकि इस साल मार्च में भी एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में आर्मी की इंटेलीजेंस विंग ने काबू किया था।
अफसरों ने जनता, जनप्रतिनिधियों से मांगा सहयोग
मौजूदा तनावग्रस्त हालातों को देखते हुए अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी ने पहली बार जनता और जनप्रतिनिधियों से खुलकर उनका सहयोग सुरक्षा हेतु मांगा है। बता दें कि करीबन 16 किलोमीटर से ज्यादा दायरे में बने एयरफोर्स का एक बड़ा हिस्सा आबादी क्षेत्र के साथ सटा हुआ है। एयरफोर्स इसी प्वाइंट को सबसे संवेदनशील मानती है।
इसलिए एयरफोर्स अथॉरिटी ने इन्ही रिहायशी इलाकों के जनप्रतिनिधियों व अन्य मौअजिज लोगों को बाकायदा एयरफोर्स स्टेशन में बुलवाया और उनके साथ बैठक कर उनसे आग्रह किया कि अजनबी लोगों के प्रति खुद भी जागरूक बने और अपने इलाकों में दूसरों को भी जागरूक बनाए। एयरफोर्स अफसरों ने लोगों से सहयोग मांगते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध अजनबी को देखते ही सूचना एयरफोर्स अथारिटी व इलाका पुलिस को इसकी सूचना दें।
लोग इन इलाकों में कोई भी व्यक्ति को यदि किराए पर भी रखते हैं, तो उसकी वेरीफिकेशन सिविल पुलिस से करवाने के बाद इसकी सूचना एयरफोर्स को भी दें। लोगों ने भी बैठक में एयरफोर्स अथारिटी को सुरक्षा मसले पर अपना पूरा सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया है।
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आर्मी जहां अपनी सिक्योरिटी एस्सेमेंट में जुटी हुई है, वहीं कई महत्वपूर्ण स्ट्राइकर यूनिटों को भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस तरह यहां उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरफोर्स स्टेशन 7 विंग में भी हाईअलर्ट जारी किया गया है। लेकिन स्ट्राइकर हमले के बाद जो माहौल सरहदों पर बने हुए हैं, उससे घुसपैठ और बड़ी आतंकी हमले का खतरा काफी बना हुआ है।
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इसी को देखते हुए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को विशेष तौर पर ऐहतिहात बरतने और तैयार रहने के आदेश हैं। लेकिन एयरफोर्स अथॉरिटी को यहां इस वक्त एयरफोर्स स्टेशन के आसपास बसी कॉलोनियों में लोगों की नजरअंदाजी से बड़ा खतरा महसूस हो रहा है। एयरफोर्स इस बात से आशंकित है कि यहां लोगों का गलत इस्तेमाल कर कोई संदिग्ध आदमी भीतर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम न दे दे।
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क्योंकि पहले भी एक आतंकी मेजर सिंह टुंडा एयरफोर्स स्टेशन में घुस चुका है, जिसे मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि इसके अलावा भी कई बार संदिग्ध लोग एयरफोर्स की कंटीली तारें फांदकर भीतर घुसे हैं, जिन्हें एयरफोर्स के जवानों ने पकड़ा है। दो पाकिस्तान जासूस अंबाला मिलिट्री एरिया व एयरफोर्स एरिया की जासूसी के आरोप में पहले से ही जेल में हैं। जबकि इस साल मार्च में भी एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में आर्मी की इंटेलीजेंस विंग ने काबू किया था।
अफसरों ने जनता, जनप्रतिनिधियों से मांगा सहयोग
मौजूदा तनावग्रस्त हालातों को देखते हुए अंबाला एयरफोर्स अथॉरिटी ने पहली बार जनता और जनप्रतिनिधियों से खुलकर उनका सहयोग सुरक्षा हेतु मांगा है। बता दें कि करीबन 16 किलोमीटर से ज्यादा दायरे में बने एयरफोर्स का एक बड़ा हिस्सा आबादी क्षेत्र के साथ सटा हुआ है। एयरफोर्स इसी प्वाइंट को सबसे संवेदनशील मानती है।
इसलिए एयरफोर्स अथॉरिटी ने इन्ही रिहायशी इलाकों के जनप्रतिनिधियों व अन्य मौअजिज लोगों को बाकायदा एयरफोर्स स्टेशन में बुलवाया और उनके साथ बैठक कर उनसे आग्रह किया कि अजनबी लोगों के प्रति खुद भी जागरूक बने और अपने इलाकों में दूसरों को भी जागरूक बनाए। एयरफोर्स अफसरों ने लोगों से सहयोग मांगते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध अजनबी को देखते ही सूचना एयरफोर्स अथारिटी व इलाका पुलिस को इसकी सूचना दें।
लोग इन इलाकों में कोई भी व्यक्ति को यदि किराए पर भी रखते हैं, तो उसकी वेरीफिकेशन सिविल पुलिस से करवाने के बाद इसकी सूचना एयरफोर्स को भी दें। लोगों ने भी बैठक में एयरफोर्स अथारिटी को सुरक्षा मसले पर अपना पूरा सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया है।