बिना रूट सवारियां ढोने के गोरखधंधे का पर्दाफाश, सरकार को चूना
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अंबाला रोडवेज में बिना रूट के सवारियां ढोने के गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। रोडवेज बस के चालक व परिचालक ने बिना टिकट दिए सवारियों को बिठाया और ले गए। जो राजस्व सरकार के खाते में रूट पर जाना चाहिए था वह नहीं गया, जबकि इस संबंध में चालक व परिचालक से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल जीएम रोडवेज ने दोनों कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
यह है मामला चालक और परिचालक को अंबाला-लुधियाना-बहादुरगढ़ का रूट मिला हुआ है। बहादुरगढ़ पंजाब का ही गांव है। मंगलवार को कुछ कर्मचारी संगठनों द्वारा चक्का जाम के आह्वान के दृष्टिगत दोनों को सोमवार रात को ही बस अंबाला छावनी में खड़ी करने के लिए दे दी गई थी। कर्मचारियों को सुबह साढ़े चार बजे अंबाला कैंट के बस स्टैंड से उक्त रूट पर निकलना था, जिसके लिए बस में पूरा डीजल भी भरवा दिया गया था। लेकिन यह बस अपने निर्धारित रूट की बजाए किसी और रूट पर चली गई। कहां गई, इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। बताया जाता है कि यह बस सवारियों से भरी थी। यात्रियों को टिकट नहीं दिए गए, बल्कि उनसे किराया वसूला गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार को हजारों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
पहले भी कई मामले सामने आ चुके इसी से मिलते जुलते कई मामले सामने आ चुके हैं। अंबाला कैंट ओवरब्रिज के पास बसों की पर्ची काटने के मामले में पंजाब से आई टीम ने भी इनक्वायरी की थी, जबकि विगत दिनों एक कर्मचारी पुरानी टिकटें यात्रियों को थमाते हुए पकड़ा गया था। इसी तरह एक कर्मचारी को पुरानी टिकटों के साथ जालंधर बस स्टैंड से काबू किया गया था।
बस चालक व परिचालक रोडवेज की बस को अपने रूट से हटाकर दूसरे रूट पर ले गए। येह दोनों टिकटें भी लेकर नहीं गए। फिलहाल दोनों कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। मामले की जांच की जाएगी और उसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -कुलधीर सिंह, जीएम, हरियाणा रोडवेज, अंबाला डिपो