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जौहरियों का हंगामा, हाइवे जाम, पुलिस ने खदेड़ा
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:35 AM IST
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पिछले पच्चीस दिनों से सड़क पर बैठकर भूखहड़ताल कर रहे सराफा कारोबारियों का सब्र शनिवार शाम को टूट गया। जिसके चलते ये जौहरी जत्था बनाकर नेशनल हाइवे नंबर 444-ए (अंबाला-जगाधरी मुख्यमार्ग) पर परशुराम चौराहे पर पहुंच गए और वहां उन्होंने नेशनल हाइवे जाम कर दिया। लेकिन वहां से पुलिस ने जबरन उठा दिया। मगर उसके बाद भी जौहरी नहीं माने और उन्होंने गीता गोपाल चौराहे पर जाकर फिर से हाइवे जाम कर दिया। उसके बाद अंबाला कैंट के एसीपी जगदीप दून तुरंत मौके पर पहुंच गए और उन्होंने चेतावनी देकर अन्य पुलिस बल के साथ जौहरियों को जबरन हाइवे से हटा दिया। एसीपी ने पहले तो आते ही जौहरियों की वीडियो बनाई और फिर उन्हे चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने धरना स्थल पर चुपचाप लौट जाएं, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, जौहरी भी सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। अतत: एसीपी ने जबरन पुलिस बल से उन्हे सड़क से हटवा दिया। उसके बाद गुस्साए जौहरियों ने कैंट के बाजारों में खूब सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए रोष जुलूस निकाला और धरना स्थल पर पहुंचकर फिर से भूखहड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान जौहरियों ने गीता गोपाल चौक और परशुराम चौक पर करीबन बीस मिनट हाइवे को जाम रखा, लेकिन पुलिस बल की वजह से उन्हे हाइवे से हटना पड़ा।
जौहरी बोले, हक लेकर ही आंदोलन से हटेंगे
इस प्रदर्शन के दौरान अंबाला की सराफा एसोसिएशन और स्वर्णकार संघ के काफी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। जौहरियों के नेता शीशपाल भोला, नरेश कुमार, राजेश कुमार, प्रमोद कुमार इत्यादि ने कहा कि सराफा कारोबारी व स्वर्णकार कभी सड़कों पर आकर आंदोलन नहीं करना चाहता, लेकिन सरकार विरोधी नीतियों की वजह से उन्हे आज सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने जौहरियों की मांग पर विचार करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है, लेकिन जब तक कमेटी जौहरियों के पक्ष में अपना फैसला नहीं सुनाती, तब तक उनका संघर्ष और आंदोलन जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि अंबाला को जौहरी अंबाला कैंट व सिटी में सड़कों पर तंबू गाड़कर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनका कहना है कि सरकार सोने की खरीद-फरोख्त पर इस आम बजट में लगाई गई एक्साइज ड्यूटी को खत्म करे और दो लाख से ज्यादा खरीद-फरोख्त पर पैन कार्ड की अनिवार्यता को भी हटाए। इसी मांग को बुलंद करते हुए शनिवार शाम को जौहरियों ने तमाम मुख्य बाजारों में रोष जुलूस भी निकाला और आम जनता से भी अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगा।
उधर, सिटी में भी जारी रहा जौहरियों का आंदोलन
उधर, अंबाला सिटी में भी जौहरियों की हड़ताल पच्चीसवें दिन भी जारी रही। हालांकि सिटी में दो एसोसिएशन ने अलग-अलग होकर अपना-अपना धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है, लेकिन दोनों एक जैसी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठने वालों में सर्राफा व्यापारियों में राजेश लूथरा, राकेश लूथरा, रमेश गर्ग, सुमित जैन, शंकर मराठा, विकास मराठा, जयप्रकाश तथा वरिंदर कुमार जैन शामिल रहे। इनके साथ दीपक
भोला, सुरेंद्र बॉबी, अश्वनी ट्रामा, राजा राम, कपिल सेखड़ी, सुरेंद्र, गुरदेव सिंह, कीमती लाल आदि ने समर्थन देते हुए धरने पर बैठे। इसी प्रकार अंबाला शहर स्वर्णकार संघ के बैनर के नीचे हलवाई बाजार में सभी कारीगर एसोसिएशन के लोगों ने धरनादेकर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी।
शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठने वालों में गुलशन सेखडी, जय राम, विशाल वर्मा, धर्मवीर वर्मा व कृष्ण गोपाल चड्ड शामिल रहे। इनके अलावा धरने पर बैठने वालों में संघ के प्रधान जोगिंद्र वर्मा, विनोद वर्मा, दविंद्र वर्मा, गुलशन कुमार,राकेश वर्मा आदि शामिल रहे। दोनों ही स्थानों पर आंदोलनरत सोना कारोबारियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। र्राफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश अग्रवाल और उपप्रधान मुकेश सिंगला ने बताया कि आंदोलन सरकार द्वारा निर्णय वापस लिए जाने तक जारी रखा जाएगा।
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जौहरी बोले, हक लेकर ही आंदोलन से हटेंगे
इस प्रदर्शन के दौरान अंबाला की सराफा एसोसिएशन और स्वर्णकार संघ के काफी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। जौहरियों के नेता शीशपाल भोला, नरेश कुमार, राजेश कुमार, प्रमोद कुमार इत्यादि ने कहा कि सराफा कारोबारी व स्वर्णकार कभी सड़कों पर आकर आंदोलन नहीं करना चाहता, लेकिन सरकार विरोधी नीतियों की वजह से उन्हे आज सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने जौहरियों की मांग पर विचार करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है, लेकिन जब तक कमेटी जौहरियों के पक्ष में अपना फैसला नहीं सुनाती, तब तक उनका संघर्ष और आंदोलन जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि अंबाला को जौहरी अंबाला कैंट व सिटी में सड़कों पर तंबू गाड़कर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनका कहना है कि सरकार सोने की खरीद-फरोख्त पर इस आम बजट में लगाई गई एक्साइज ड्यूटी को खत्म करे और दो लाख से ज्यादा खरीद-फरोख्त पर पैन कार्ड की अनिवार्यता को भी हटाए। इसी मांग को बुलंद करते हुए शनिवार शाम को जौहरियों ने तमाम मुख्य बाजारों में रोष जुलूस भी निकाला और आम जनता से भी अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगा।
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उधर, सिटी में भी जारी रहा जौहरियों का आंदोलन
उधर, अंबाला सिटी में भी जौहरियों की हड़ताल पच्चीसवें दिन भी जारी रही। हालांकि सिटी में दो एसोसिएशन ने अलग-अलग होकर अपना-अपना धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है, लेकिन दोनों एक जैसी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठने वालों में सर्राफा व्यापारियों में राजेश लूथरा, राकेश लूथरा, रमेश गर्ग, सुमित जैन, शंकर मराठा, विकास मराठा, जयप्रकाश तथा वरिंदर कुमार जैन शामिल रहे। इनके साथ दीपक
भोला, सुरेंद्र बॉबी, अश्वनी ट्रामा, राजा राम, कपिल सेखड़ी, सुरेंद्र, गुरदेव सिंह, कीमती लाल आदि ने समर्थन देते हुए धरने पर बैठे। इसी प्रकार अंबाला शहर स्वर्णकार संघ के बैनर के नीचे हलवाई बाजार में सभी कारीगर एसोसिएशन के लोगों ने धरनादेकर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी।
शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठने वालों में गुलशन सेखडी, जय राम, विशाल वर्मा, धर्मवीर वर्मा व कृष्ण गोपाल चड्ड शामिल रहे। इनके अलावा धरने पर बैठने वालों में संघ के प्रधान जोगिंद्र वर्मा, विनोद वर्मा, दविंद्र वर्मा, गुलशन कुमार,राकेश वर्मा आदि शामिल रहे। दोनों ही स्थानों पर आंदोलनरत सोना कारोबारियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। र्राफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश अग्रवाल और उपप्रधान मुकेश सिंगला ने बताया कि आंदोलन सरकार द्वारा निर्णय वापस लिए जाने तक जारी रखा जाएगा।