{"_id":"6802ab9b7591c3dcbe042445","slug":"god-comes-when-religion-is-in-trouble-pramod-das-ambala-news-c-36-1-amb1001-141135-2025-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म पर विपदा आने पर आते हैं प्रभु : प्रमोद दास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म पर विपदा आने पर आते हैं प्रभु : प्रमोद दास
विज्ञापन
अंबाला। एकता विहार स्थित कीर्ति नगर के श्री शिव कुटीर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान विष्णु से संबंधित कथाओं का वर्णन किया गया। कथा वाचक श्री वृंदावन धाम से आए आचार्य प्रमोद दास महाराज ने बताया कि जब जब धर्म पर विपदा आती है, तो उस विपदा को दूर करने के लिए तब-तब भगवान का अवतार होता है।
पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु के दो भक्त जय और विजय शापित होकर हाथी व मगरमच्छ के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार गंडक नदी में एक दिन कोनहारा के तट पर जब हाथी पानी पीने आया तो मगरमच्छ ने उसे पकड़ लिया। फिर हाथी मगरमच्छ से छुटकारा पाने के लिए कई वर्षों तक लड़ता रहा। इसके बाद वामन अवतार प्रसंग में बताया कि हमारे पास जो है, वह सब कुछ भगवान का ही है। भगवान की वस्तुओं को भगवान को समर्पित कर जीवन मुक्ति को प्राप्त कर सकता है। जिस प्रकार महाराज बलि ने सब कुछ भगवान वामन को समर्पित कर भगवान को ही प्राप्त कर लिया।
कथा व्यास ने मत्स्य अवतार का भी सुंदर ढंग से वर्णन किया। मौके पर झांकी प्रस्तुत कर भगवान श्रीकृष्ण का आविर्भाव एवं जन्मोत्सव मनाया गया।
श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन सभी ने भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव उत्साह और उमंग के साथ मनाया। कथा व्यास द्वारा नंद बाबा के घर पर उत्सव के माहौल का सुंदर वर्णन किया गया।श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव का आनंद मनाते हुए भक्तों के बीच मिठाई व टॉफियां आदि बांटी गई। मूल पाठ एवं यज्ञकर्ता पं सतीश शांडिल्य ने श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व यजमान गौरव अग्रवाल-तन्नू अग्रवाल, संजीव अरोड़ा-सरिता अरोड़ा, लक्षित अरोड़ा से पूजा विधि पूर्वक संपन्न करवाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु के दो भक्त जय और विजय शापित होकर हाथी व मगरमच्छ के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार गंडक नदी में एक दिन कोनहारा के तट पर जब हाथी पानी पीने आया तो मगरमच्छ ने उसे पकड़ लिया। फिर हाथी मगरमच्छ से छुटकारा पाने के लिए कई वर्षों तक लड़ता रहा। इसके बाद वामन अवतार प्रसंग में बताया कि हमारे पास जो है, वह सब कुछ भगवान का ही है। भगवान की वस्तुओं को भगवान को समर्पित कर जीवन मुक्ति को प्राप्त कर सकता है। जिस प्रकार महाराज बलि ने सब कुछ भगवान वामन को समर्पित कर भगवान को ही प्राप्त कर लिया।
विज्ञापन
कथा व्यास ने मत्स्य अवतार का भी सुंदर ढंग से वर्णन किया। मौके पर झांकी प्रस्तुत कर भगवान श्रीकृष्ण का आविर्भाव एवं जन्मोत्सव मनाया गया।
श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन सभी ने भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव उत्साह और उमंग के साथ मनाया। कथा व्यास द्वारा नंद बाबा के घर पर उत्सव के माहौल का सुंदर वर्णन किया गया।श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव का आनंद मनाते हुए भक्तों के बीच मिठाई व टॉफियां आदि बांटी गई। मूल पाठ एवं यज्ञकर्ता पं सतीश शांडिल्य ने श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व यजमान गौरव अग्रवाल-तन्नू अग्रवाल, संजीव अरोड़ा-सरिता अरोड़ा, लक्षित अरोड़ा से पूजा विधि पूर्वक संपन्न करवाई।
विज्ञापन