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उपचार के लिए भटकती रही छात्रा, बहता रहा खून
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ागरिक अस्पताल में घायल छात्रा का उपचार करते हुए चिकित्सक
- फोटो : AMBALA
अंबाला। सेवा समिति स्कूल में बैंच पर बैठते ही एक छात्र नीचे गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गई। स्कूल में प्राथमिक उपचार की कोई सुविधा नहीं थी। इसी वजह से परिजन उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में लेकर आए। उपचार के दौरान छात्रा को दस टांके लगे। अस्पताल में दाखिल बारहवीं कक्षा की छात्रा भाषिका ने बताया कि वह 12 क्रॉस रोड स्थित सेवा समिति स्कूल में पढ़ती है। हर रोज की तरह वह वीरवार सुबह स्कूल गई थी। जब वह कक्षा मेें अपने बैंच पर बैठने लगी तो नट निकल जाने के कारण वह पलटकर नीचे गिर गई। इस दौरान नुकीला नट भाषिका की टांग में घुस गए, जिसके कारण छात्रा लहूलुहान हो गई। काफी देर तक वह दर्द से कराहती रही। मगर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। फिर सूचना छात्रा के परिजनों तक पहुंची। परिजन ही छात्रा को रिक्शा में लेकर अस्पताल पहुंचे।
उधर भाषिका के मामले में पुलिस स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस सिलसिले में पुलिस ने छात्रा के बयान दर्ज किए। छात्रा ने बताया कि उपचार के लिए उसकी सहयोगी उसे पहले स्कूल में फर्स्ट एड के लिए लेकर घूमती रही। फिर सहयोगी उसे लेकर सेवा समिति के प्रबंधन में चल रहे दूसरे स्कूल में लेकर गई। यहां भी उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। गहरे जख्म की वजह से उसकी टांग से निरंतर खून बहता रहा। तभी बाजार में किसी काम से आए उसके पापा सुनील ने उसे देख लिया। तब उसके पापा उसे तुरंत ई रिक्शा में लेकर अस्पताल पहुंचे। पिता सुनील ने बताया कि यह स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही है। दुख की बात है कि स्कूल में फर्स्ट एड तक की सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में तो स्कूल में किसी भी बच्चे की जान सुरक्षित नहीं है।
प्रिंसिपल के साथ अस्पताल पहुंचे प्रबंधक
नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन छात्रा भाषिका का हाल जानने के लिए प्रिंसिपल पूनम आनंद भी पहुंची थीं। तब उनके साथ स्कूल प्रबंधन समिति के कुछ सदस्य भी थे। पिता सुनील ने बताया कि हालचाल पूछने के बाद सभी चले गए।
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उधर भाषिका के मामले में पुलिस स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस सिलसिले में पुलिस ने छात्रा के बयान दर्ज किए। छात्रा ने बताया कि उपचार के लिए उसकी सहयोगी उसे पहले स्कूल में फर्स्ट एड के लिए लेकर घूमती रही। फिर सहयोगी उसे लेकर सेवा समिति के प्रबंधन में चल रहे दूसरे स्कूल में लेकर गई। यहां भी उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। गहरे जख्म की वजह से उसकी टांग से निरंतर खून बहता रहा। तभी बाजार में किसी काम से आए उसके पापा सुनील ने उसे देख लिया। तब उसके पापा उसे तुरंत ई रिक्शा में लेकर अस्पताल पहुंचे। पिता सुनील ने बताया कि यह स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही है। दुख की बात है कि स्कूल में फर्स्ट एड तक की सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में तो स्कूल में किसी भी बच्चे की जान सुरक्षित नहीं है।
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प्रिंसिपल के साथ अस्पताल पहुंचे प्रबंधक
नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन छात्रा भाषिका का हाल जानने के लिए प्रिंसिपल पूनम आनंद भी पहुंची थीं। तब उनके साथ स्कूल प्रबंधन समिति के कुछ सदस्य भी थे। पिता सुनील ने बताया कि हालचाल पूछने के बाद सभी चले गए।
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