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Ambala News: मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बढ़ेंगे जनरल कोच
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अंबाला। वंदे भारत जैसी ट्रेनों के संचालन के बाद रेलवे को जब जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों की याद आई है। इसलिए रेलवे ने फैसला किया है कि जिन मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में दो कोच जनरल हैं, वहां चार और जहां तीन कोच जनरल के हैं, वहां छह कोच लगाए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जिस प्रकार ट्रेनों में भीड़ है और यात्री मजबूरन जनरल कोच की जगह आरक्षित स्लीपर और एसी कोच में सफर करने को मजबूर हैं। इससे इन आरक्षित कोच में सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ऐसी शिकायतें फोटो के साथ अपलोड करके यात्री रेलवे बोर्ड सहित मंत्रालय को भेज रहे हैं और रेलवे की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं कि आरक्षण के बाद भी इन कोचों में बद से बद्दतर हालात हैं।
इससे रेलवे की छवि भी खराब हो रही थी। इसलिए रेलवे ने शिकायतों और यात्रियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में बढ़ोतरी का फैसला किया है और बाकायदा इसके लिए रेल कोच फैक्ट्रियों को लगभग 2500 नए जनरल रेल कोच तैयार करने के निर्देश दिए है जोकि बराबर हिस्से में भी मंडलों को बांटे जाएंगे ताकि वो अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों में जरूरत अनुसार जनरल कोच की संख्या में बढ़ोतरी कर सकें।
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आकलन में जुटा रेलवे, सूची हो रही तैयार
रेलवे से निर्देश मिलते ही सभी मंडल अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों के आंकलन में जुट गए हैं कि किन-किन ट्रेनों में लगातार भीड़ बढ़ रही है और जनरल कोच कितने लगे हुए हैं। इनमें सबसे बुरा हाल बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों का है। इसमें अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से निकलने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस सबसे प्रमुख ट्रेन है। रेलवे ने कुछ समय पहले इस ट्रेन से चार जनरल कोच हटाकर एसी कोच जोड़ दिए थे, लेकिन जब यात्रियों को परेशानी हुई तो दोबारा से दो जरनल कोच जोड़ दिए गए। हालांकि शुरुआत में इस ट्रेन में छ से सात जनरल कोच लगे होते थे।
वर्जन
रेलवे ने मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसलिए अंबाला मंडल भी इस कार्यवाही में जुट गया है और अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों का आंकलन किया जा रहा है कि किस ट्रेन में कितने जनरल कोच जोड़ने की आवश्यकता है।
मंदीप सिंह, डीआरएम अंबाला।
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प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जिस प्रकार ट्रेनों में भीड़ है और यात्री मजबूरन जनरल कोच की जगह आरक्षित स्लीपर और एसी कोच में सफर करने को मजबूर हैं। इससे इन आरक्षित कोच में सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ऐसी शिकायतें फोटो के साथ अपलोड करके यात्री रेलवे बोर्ड सहित मंत्रालय को भेज रहे हैं और रेलवे की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं कि आरक्षण के बाद भी इन कोचों में बद से बद्दतर हालात हैं।
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इससे रेलवे की छवि भी खराब हो रही थी। इसलिए रेलवे ने शिकायतों और यात्रियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में बढ़ोतरी का फैसला किया है और बाकायदा इसके लिए रेल कोच फैक्ट्रियों को लगभग 2500 नए जनरल रेल कोच तैयार करने के निर्देश दिए है जोकि बराबर हिस्से में भी मंडलों को बांटे जाएंगे ताकि वो अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों में जरूरत अनुसार जनरल कोच की संख्या में बढ़ोतरी कर सकें।
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आकलन में जुटा रेलवे, सूची हो रही तैयार
रेलवे से निर्देश मिलते ही सभी मंडल अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों के आंकलन में जुट गए हैं कि किन-किन ट्रेनों में लगातार भीड़ बढ़ रही है और जनरल कोच कितने लगे हुए हैं। इनमें सबसे बुरा हाल बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों का है। इसमें अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से निकलने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस सबसे प्रमुख ट्रेन है। रेलवे ने कुछ समय पहले इस ट्रेन से चार जनरल कोच हटाकर एसी कोच जोड़ दिए थे, लेकिन जब यात्रियों को परेशानी हुई तो दोबारा से दो जरनल कोच जोड़ दिए गए। हालांकि शुरुआत में इस ट्रेन में छ से सात जनरल कोच लगे होते थे।
वर्जन
रेलवे ने मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसलिए अंबाला मंडल भी इस कार्यवाही में जुट गया है और अपने अधीन चलने वाली ट्रेनों का आंकलन किया जा रहा है कि किस ट्रेन में कितने जनरल कोच जोड़ने की आवश्यकता है।
मंदीप सिंह, डीआरएम अंबाला।