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दो भाइयों को सिंगापुर भेजने के नाम पर सवा दो लाख रुपये की धोखाधड़ी
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अंबाला। सिंगापुर भेजने के नाम पर दो भाइयों से करीब सवा दो लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। सेक्टर-10 निवासी राजीव तुकनायत ने खुद के साथ हुई धोखाधड़ी के बाद थाना अंबाला सिटी पुलिस को शिकायत सौंपी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एजेंट धर्मबीर, शिवानी, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मनदीप और बिट्टू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजीव तुकनायत ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिनेश कुमार और वह दोनों वर्क परमिट पर सिंगापुर जाना चाहते थे। उन्होंने फेसबुक पर जगाधरी गेट स्थित ऑफिस देखा था। नौ अप्रैल को दोनों भाई उसके पिता सुरेंद्र पाल को लेकर उक्त ऑफिस में गए थे। यहां धर्मबीर शर्मा, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मनदीप, बिट्टू व शिवानी मिले। बातचीत करने पर इन्होंने आश्वासन दिया कि वह वर्क वीजा पर दोनों भाइयों को सिंगापुर भेज देंगे। आरोपियों ने दोनों भाइयों से दो लाख 40 हजार रुपये मांगे। एजेंट ने दोनों भाइयों को मेडिकल कराने के लिए कुरुक्षेत्र स्थित इंडो अमेरिकन हेल्थ केयर सेंटर में भेज दिया। यहां 12 अप्रैल को दोनों ने मेडिकल कराया। 15 अप्रैल को आरोपियों ने कहा कि उनका ऑफर लेटर मंगवाना है, जिसकी 5-5 हजार रुपये फीस लगेगी। उन्होंने 10 हजार रुपये एजेंट को दे दिए। आरोपियों ने दोनों भाइयों के पासपोर्ट रखकर ऑफर लेटर के बदले रशीद दे दी थी, जिस पर धर्मबीर ने अपने हस्ताक्षर किए थे।
वीजा आने की बात कह वसूले दो लाख 15 हजार रुपये
राजीव ने बताया कि एजेंट धर्मबीर और शिवानी ने उनके पास कई बार फोन किए। उन्होंने कहा कि उनका वर्क वीजा आ गया है, लेकिन सारी पेमेंट जमा करानी होगी। सात मई को उन्होंने एक लाख रुपये नकद धर्मबीर शर्मा, शिवानी व विजय शर्मा को दिए। इसके बाद नौ मई को एक लाख 15 हजार रुपये फिर दिए। इस दौरान शिवानी ने अपने ऑफिस के लेटर पैड पर दो लाख 15 हजार रुपये प्राप्त करने के बारे में अपने हस्ताक्षर करके रशीद भी दी। साथ ही पासपोर्ट व सिंगापुर का वीजा दिया, लेकिन जब टिकट देने की बात आई तो आरोपियों ने अपना ऑफिस बंद कर लिया। वे बार-बार चक्कर काटते रहे। यहां उन्होंने दुकान मालिक संदीप सिंह मिला, जिन्होंने सारी बात बताई। बताया कि इन आरोपियों ने अन्य कई लोगों के साथ भी विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की हुई है।
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राजीव तुकनायत ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिनेश कुमार और वह दोनों वर्क परमिट पर सिंगापुर जाना चाहते थे। उन्होंने फेसबुक पर जगाधरी गेट स्थित ऑफिस देखा था। नौ अप्रैल को दोनों भाई उसके पिता सुरेंद्र पाल को लेकर उक्त ऑफिस में गए थे। यहां धर्मबीर शर्मा, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मनदीप, बिट्टू व शिवानी मिले। बातचीत करने पर इन्होंने आश्वासन दिया कि वह वर्क वीजा पर दोनों भाइयों को सिंगापुर भेज देंगे। आरोपियों ने दोनों भाइयों से दो लाख 40 हजार रुपये मांगे। एजेंट ने दोनों भाइयों को मेडिकल कराने के लिए कुरुक्षेत्र स्थित इंडो अमेरिकन हेल्थ केयर सेंटर में भेज दिया। यहां 12 अप्रैल को दोनों ने मेडिकल कराया। 15 अप्रैल को आरोपियों ने कहा कि उनका ऑफर लेटर मंगवाना है, जिसकी 5-5 हजार रुपये फीस लगेगी। उन्होंने 10 हजार रुपये एजेंट को दे दिए। आरोपियों ने दोनों भाइयों के पासपोर्ट रखकर ऑफर लेटर के बदले रशीद दे दी थी, जिस पर धर्मबीर ने अपने हस्ताक्षर किए थे।
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वीजा आने की बात कह वसूले दो लाख 15 हजार रुपये
राजीव ने बताया कि एजेंट धर्मबीर और शिवानी ने उनके पास कई बार फोन किए। उन्होंने कहा कि उनका वर्क वीजा आ गया है, लेकिन सारी पेमेंट जमा करानी होगी। सात मई को उन्होंने एक लाख रुपये नकद धर्मबीर शर्मा, शिवानी व विजय शर्मा को दिए। इसके बाद नौ मई को एक लाख 15 हजार रुपये फिर दिए। इस दौरान शिवानी ने अपने ऑफिस के लेटर पैड पर दो लाख 15 हजार रुपये प्राप्त करने के बारे में अपने हस्ताक्षर करके रशीद भी दी। साथ ही पासपोर्ट व सिंगापुर का वीजा दिया, लेकिन जब टिकट देने की बात आई तो आरोपियों ने अपना ऑफिस बंद कर लिया। वे बार-बार चक्कर काटते रहे। यहां उन्होंने दुकान मालिक संदीप सिंह मिला, जिन्होंने सारी बात बताई। बताया कि इन आरोपियों ने अन्य कई लोगों के साथ भी विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की हुई है।
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