{"_id":"294e84d85b78fb894620c781699f7bda","slug":"fourteen-year-old-girl-s-death-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवा साल की बच्ची की मौत का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवा साल की बच्ची की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला
Updated Mon, 12 May 2014 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। एक मई को सवा साल की बच्ची की दर्दनाक मौत का रहस्य अब तक बरकरार है। पुलिस इस मामले को जहां पूरी तरह से निपटाने में तुली हुई है, वहीं बच्ची की मौत का रहस्य अब केवल बच्ची के स्वैब सैंपल की रिपोर्ट पर ही टिका है।
उधर, इस घटना को ग्यारह दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक पुलिस की स्वैब सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस का दावा है कि बच्ची की मौत घटना ही है, क्योंकि एक बयान में यह बात सामने आ चुकी है लेकिन स्वास्थ्य महकमे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार होने की बात का खुलासा किया गया है। स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि इस मामले में बच्ची के साथ कुछ गलत जरूर हुआ है।
मालूम हो कि एक मई को सिटी के मनमोहन नगर में देर शाम को मासूम बच्ची की दादी ने बच्ची को गंभीर अवस्था में खून से लथपथ पाया था। बच्ची को लहूलुहान अवस्था में एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। गंभीर हालत के चलते बच्ची को शहर सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया था जहां बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में परिजनों ने बच्ची के साथ कुछ गलत होने की आशंका जताई थी। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी कहा था कि इस मामले में रेप की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इस घटना में बच्ची के शरीर पर दो चोटें थीं। एक उसके शरीर पर थी और दूसरी चोट उसके गुप्तांग पर थी। इसी को लेकर सिविल अस्पताल के डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ रेप की पूरी आशंका जताई थी। बच्ची की हालत देख पिता सिविल अस्पताल में ही बेहोश हो गया था और पुलिस की छह टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई थीं।
दूसरी ओर घटना की एक ही रात में पुलिस ने इस बच्ची की मौत की कहानी ही पलट दी। अगले दिन पुलिस का बयान आया कि बच्ची की मौत पिता के ऑटो के नीचे आने से हुई है। स्वास्थ्य महकमे को पुलिस का यह दावा हजम नहीं हुआ, क्योंकि पुलिस ने स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया था। इसीलिए स्वास्थ्य महकमे ने घटना के अगले दिन पुलिस का बयान आने के बाद पुलिस को दोबारा बच्ची के पोस्टमार्टम की सपलीमेंटरी रिपोर्ट भेजी और बच्ची के साथ कुछ गलत होने की आशंका जताई।
खैर, स्वास्थ्य महकमे के दबाव में पुलिस ने उसी दिन बच्ची के स्वैब सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिए थे लेकिन अभी तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण बच्ची की मौत का रहस्य बरकरार बना हुआ है। एसीपी हितेश यादव के अनुसार इस मामले में स्वैब सैंपल की रिपोर्ट अभी आई नहीं है, यह रिपोर्ट कब तक आती है, कुछ कहा नहीं जा सकता। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, उसके मुताबिक ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य महकमे ने करवा रखी है वीडियोग्राफी
यह मामला काफी पेचिदा है, इसीलिए स्वास्थ्य महकमे ने बच्ची की पोस्टमार्टम की बाकायदा वीडियोग्राफी भी करवा रखी है। महकमे के अफसरों को मालूम है कि स्वैब सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद यदि कुछ गड़बड़ी सामने आई तो पोस्टमार्टम का यही वीडियो स्वास्थ्य महकमे के पास बतौर प्रमाण काम आएगा। इसीलिए महकमे ने पोस्टमार्टम का वीडियो अपने पास रखा हुआ है।
विज्ञापन
उधर, इस घटना को ग्यारह दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक पुलिस की स्वैब सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस का दावा है कि बच्ची की मौत घटना ही है, क्योंकि एक बयान में यह बात सामने आ चुकी है लेकिन स्वास्थ्य महकमे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार होने की बात का खुलासा किया गया है। स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि इस मामले में बच्ची के साथ कुछ गलत जरूर हुआ है।
विज्ञापन
मालूम हो कि एक मई को सिटी के मनमोहन नगर में देर शाम को मासूम बच्ची की दादी ने बच्ची को गंभीर अवस्था में खून से लथपथ पाया था। बच्ची को लहूलुहान अवस्था में एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। गंभीर हालत के चलते बच्ची को शहर सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया था जहां बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में परिजनों ने बच्ची के साथ कुछ गलत होने की आशंका जताई थी। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी कहा था कि इस मामले में रेप की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इस घटना में बच्ची के शरीर पर दो चोटें थीं। एक उसके शरीर पर थी और दूसरी चोट उसके गुप्तांग पर थी। इसी को लेकर सिविल अस्पताल के डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम में बच्ची के साथ रेप की पूरी आशंका जताई थी। बच्ची की हालत देख पिता सिविल अस्पताल में ही बेहोश हो गया था और पुलिस की छह टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई थीं।
दूसरी ओर घटना की एक ही रात में पुलिस ने इस बच्ची की मौत की कहानी ही पलट दी। अगले दिन पुलिस का बयान आया कि बच्ची की मौत पिता के ऑटो के नीचे आने से हुई है। स्वास्थ्य महकमे को पुलिस का यह दावा हजम नहीं हुआ, क्योंकि पुलिस ने स्वास्थ्य महकमे की रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया था। इसीलिए स्वास्थ्य महकमे ने घटना के अगले दिन पुलिस का बयान आने के बाद पुलिस को दोबारा बच्ची के पोस्टमार्टम की सपलीमेंटरी रिपोर्ट भेजी और बच्ची के साथ कुछ गलत होने की आशंका जताई।
खैर, स्वास्थ्य महकमे के दबाव में पुलिस ने उसी दिन बच्ची के स्वैब सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिए थे लेकिन अभी तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण बच्ची की मौत का रहस्य बरकरार बना हुआ है। एसीपी हितेश यादव के अनुसार इस मामले में स्वैब सैंपल की रिपोर्ट अभी आई नहीं है, यह रिपोर्ट कब तक आती है, कुछ कहा नहीं जा सकता। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, उसके मुताबिक ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य महकमे ने करवा रखी है वीडियोग्राफी
यह मामला काफी पेचिदा है, इसीलिए स्वास्थ्य महकमे ने बच्ची की पोस्टमार्टम की बाकायदा वीडियोग्राफी भी करवा रखी है। महकमे के अफसरों को मालूम है कि स्वैब सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद यदि कुछ गड़बड़ी सामने आई तो पोस्टमार्टम का यही वीडियो स्वास्थ्य महकमे के पास बतौर प्रमाण काम आएगा। इसीलिए महकमे ने पोस्टमार्टम का वीडियो अपने पास रखा हुआ है।