फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Four year old promises are still the same, the mayor will face five challenges

Ambala News: चार वर्ष पुराने वादे आज भी वहीं, मेयर के सामने होंगी पांच चुनौतियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:34 AM IST
विज्ञापन
Four year old promises are still the same, the mayor will face five challenges
शहर के रामबाग रोड पर खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद - फोटो : kathua news
सतनाम सिंह
विज्ञापन

अंबाला सिटी। नगर निगम में मेयर पद के लिए उपचुनाव हो चुके हैं। आने वाली 12 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। खास बात यह है कि चुने जाने वाले मेयर पद का कार्यकाल महज 10 महीने का होगा।
शहर की पांच बड़ी समस्याएं नवनियुक्त मेयर के सामने होंगी, जो समस्याएं चार वर्ष पहले से चल रही हैं। इन समस्याओं को 2020 के आम चुनाव में भी दूर करने के वायदे किए गए थे, लेकिन यह समस्याएं दूर तो नहीं हुई, बल्कि पहले से ज्यादा बढ़ी ही हैं। इन समस्याओं में शहर की साफ-सफाई, बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्ते, संपत्ति कर आईडी और एनडीसी शामिल है।
विज्ञापन

नंबर एक
करोड़ों खर्च के बाद भी शहर में गंदगी
नगर निगम हर महीने शहर की सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करता है। उसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। निगम के बनाए गए डंपिंग जोन पर भी बेसहारा गोवंश मुंह मारते रहते हैं और कई जगह तो ऐसी हैं, जहां निगम कर्मचारी रोजाना सफाई नहीं करते। वार्डों में भी गंदगी फैली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नंबर दो
बेसहारा गोवंश कर रहे चोटिल
शहर के हर वार्ड में बेसहारा गोवंश की समस्या सबसे ज्यादा है। खास तौर पर बाजारों और सड़कों पर भी बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। जिससे लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह गोवंश लोगों को चोटिल कर रहे हैं और वाहनों के आगे आने से भी सड़क हादसे हो रहे हैं। निगम की ओर से बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में भी भेजा गया था, लेकिन फिर भी शहर में बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। निगम की अभी तक अपनी गोशाला भी नहीं बनी। कई वर्षों से कागजों में गोशाला बनाने का वायदा चल रहा है।
नंबर तीन
लोगों को काट रहे आवारा कुत्ते
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या काफी हो गई है। यह आवारा कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। रोजाना सिविल अस्पताल में कुत्ते के काटने के मरीज पहुंच रहे हैं। निगम की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान भी चलाया गया था। यह अभियान बीच में ही दम तोड़ गया। कुत्तों की समस्या को लेकर लोग निगम में शिकायत करते हैं। अभी तक निगम ने इस समस्या को भी कोई समाधान नहीं किया है।
नंबर चार
संपत्ति कर आईडी में गलती से परेशानी
शहर में करीब एक लाख 23 हजार संपत्ति कर आईडी हैं। इन आईडी में से ज्यादातर संपत्ति कर आईडी में नाम, वर्गगज, पता, मोबाइल नंबर सहित कई गलती की गई है। यह गलती पहले किए गए सर्वे में की गई। इन गलती को निगम की ओर से ठीक करने के लिए कई बार अभियान भी चलाया जा चुका है और शिविर भी लगाए गए हैं। अभी तक करीब 27 हजार संपत्ति कर आईडी ही सत्यापित हुई है। इस वजह से लोगों को अपनी एनडीसी लेने में भी दिक्कत आती हैं।
वर्जन
अगर मुझे जनता मौका देती है तो सबसे पहले प्राथमिकता के तौर पर शहर के नालों की सफाई करवाई जाएगी ताकि आने वाले समय में बरसाती पानी की दिक्कत न हो। सड़कों से बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों को मुक्त करने के लिए नियमानुसार कार्यवाही करेंगे, जिससे कि शहर के लोगों को परेशानी न हो।

शैलजा सचदेवा, भाजपा से मेयर पद की उम्मीदवार।
वर्जन
अगर उनको कार्य करने का मौका मिलता है तो शहर में बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाएंगे। अगर कोई शेल्टर होम होगा तो कई लोग इनकी सेवा करने के लिए आगे आएंगे। शहर की साफ-सफाई उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए निगम कर्मचारियों के सहयोग से कार्य करेंगे।
अमीषा चावला, कांग्रेस से मेयर पद की उम्मीदवार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed