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Ambala News: पहली से तीसरी कक्षा के लिए योजना, गिनती और दिशाओं के ज्ञान पर जोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:56 AM IST
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For grades 1 to 3, emphasis is placed on planning, counting, and knowledge of directions.
अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के कार्य योजना तैयार की है। इस योजना के तहत मार्च के प्रथम सप्ताह की शैक्षणिक गतिविधियां साझा की हैं। इस सप्ताह का मुख्य फोकस बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को ओर मजबूत करने पर है। विभाग ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पिछले सप्ताह के छूटे हुए कार्यों को पूरा करवाएं और पिछड़ रहे बच्चों पर विशेष ध्यान दें।
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ग्रेड-वार पढ़ाई का मुख्य एजेंडा:
कक्षा 1 के छात्र इस सप्ताह ऋतुओं से जुड़ी कविताएं गाएंगे और चित्रों के माध्यम से कपड़ों की पहचान करना सीखेंगे। गणित में बच्चों को एक अंकीय संख्याओं का जोड़ और 50 रुपये तक के नोट-सिक्कों की पहचान करना सिखाया जाएगा। इसी प्रकार कक्षा 2 के विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व पर अपनी राय व्यक्त करने और शब्दों के मेल का अभ्यास कराया जाएगा। गणित में समय का अनुमान लगाना और चारों दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) की अवधारणा को खेल-खेल में समझाया जाएगा। कक्षा 3 में अंग्रेजी भाषा के सही उपयोग के साथ-साथ गणनीय और अगणनीय वस्तुओं की पहचान सिखाई जाएगी। गणित में आकृतियों के पैटर्न समझना और सूरजकुंड मेले के संदर्भ में वस्तुओं को अलग-अलग दिशाओं से देखने का अभ्यास होगा।
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पिछड़ रहे बच्चों के लिए दोहराव अनिवार्य
तीनों ही कक्षाओं में हिंदी विषय के लिए विभाग ने विशेष रणनीति अपनाई है। इस सप्ताह नया अध्याय शुरू करने के बजाय सप्ताह 25-26 के कार्य का दोहराव कराया जाएगा। शिक्षकों से कहा गया है कि जो बच्चे सीखने के स्तर में पीछे रह गए हैं, उनके साथ उपचारात्मक शिक्षण किया जाए।
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शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश
विभाग द्वारा जारी नोट में स्पष्ट किया गया है कि यदि स्कूल में अनुशंसित पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, तो शिक्षक ग्रेड-उपयुक्त वैकल्पिक सामग्री का उपयोग कर सकते हैं, साथ ही किसी भी कारणवश स्कूल बंद होने की स्थिति में शिक्षकों को अपने विवेक से योजना को आगे बढ़ाने की छूट दी गई है।



प्राथमिक स्कूलों से ही बच्चों के ज्ञान में वृद्धि को लेकर समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं। इससे शिक्षक रोचक तरीके से बच्चों को पढ़ाई करवाने में सक्षम होते हैं जोकि माध्यमिक कक्षा तक पहुंचने का सरल व सुगम मार्ग है।
- सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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