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Ambala News: बाढ़ से बचाव की कवायद शुरू, अफसरों का मंथन
Fri, 07 Jun 2024 03:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 07 Jun 2024 03:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पंचायत भवन में वीरवार को उपायुक्त डॉ. शालीन ने बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक ली। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से बचाव के लिए जो भी जरूरी कदम हैं और व्यवस्थाएं की जानी हैं, वे संबंधित विभाग समय रहते पूरी कर लें। पिछली बार बाढ़ से हुए अनुभवों को समेटते हुए एक्शन प्लान अधिकारियों से साझा किया।
उपायुक्त ने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान किस प्रकार से संबंधित विभागों द्वारा आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करना है, इस बारे में उन्हें विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, बीडीपीओ एवं एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट की गाड़ी में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, टार्च तथा कम से कम 100 फीट लंबाई की रस्सी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करें, इसके लिए रोस्टर अनुसार कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाए।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार ने उपायुक्त को बताया कि कंट्रोल रूम बना दिया गया है। जिस पर कर्मचारियों की डयूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम का फोन नंबर 0171-4023613 काम कर रहा है। उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से संबंधित एक कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार किया जाए तथा जो कर्मचारी कंट्रोल रूम पर डयूटी पर रहेंगे, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि बाढ़ आने पर किस प्रकार से काम करते हुए जानकारी देनी है।
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डीसी ने कहा कि सिंचाई विभाग, नगर निगम, एचएसवीपी, पब्लिक हैल्थ, रेलवे सहित संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र में नालों एवं ड्रेनों और सीवरेज की सुचारू रूप से सफाई करवाएं तथा नालों से निकलने वाली गाद आदि को वहां से उठवाएं। ताकि बारिश के दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े और निचले क्षेत्रों में पानी का जमाव न हो। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए पंप सैट तथा किश्ती/बोट की व्यवस्था सुचारू रखें।
अंबाला के तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे पंचकूला जिले के तहसीलदार के साथ तालमेल बनाएं कि जो नदियां पंचकूला जिला से होकर जिला अंबाला में आती हैं, उनमें जब अधिक मात्रा में पानी आए तो वे इसकी जानकारी समय रहते दें। डीसी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुद्वारा साहिब तथा धर्मशालाओं में ऐसी व्यवस्था रखी जाए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में यहां पर लोगों को ठहराने की आवश्यकता पड़े, तो उन्हें प्रयोग में लाया जा सके।
पीडब्लयूडी विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़कों पर बारिश के दिनों में पानी का जमाव न हो तथा किन-किन क्षेत्रों में सड़कों पर पानी का जमाव होने की संभावना है, इसका भी निरीक्षण करके 15 जून तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके लिए बीडीपीओ के साथ तालमेल बनाकर काम करें। उपायुक्त ने डीएसपी को निर्देश दिए कि वे पुलिस चौकी इंचार्ज तथा थाना प्रबंधकों की बैठक लेकर उन्हें कंट्रोल रूम का नंबर देने के साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति में किस प्रकार से दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाकर काम करना है, इस बारे में जानकारी दें।
बिजली निगम निचले इलाकों में खंभों की करे जांच
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संजीव सिवाच द्वारा हेल्प लाइन नंबर 1912 के बारे में बताया गया। जिस पर उपायुक्त ने 1912 को डायल कर इस हेल्प लाइन की वास्तविकता जांचने के लिए टेस्ट काल करके देखा तो इसे ठीक पाया। उन्होंने कहा कि नदी-नालों एवं निचले क्षेत्रों में बिजली के पोल और कम ऊंचाई की लाइनें अगर हैं, उनको जांच लें कि बारिश एवं बाढ़ जैसी स्थिति में पोल एवं लाइनें गिरने की समस्या तो नहीं आएगी।
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अंबाला। पंचायत भवन में वीरवार को उपायुक्त डॉ. शालीन ने बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक ली। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से बचाव के लिए जो भी जरूरी कदम हैं और व्यवस्थाएं की जानी हैं, वे संबंधित विभाग समय रहते पूरी कर लें। पिछली बार बाढ़ से हुए अनुभवों को समेटते हुए एक्शन प्लान अधिकारियों से साझा किया।
उपायुक्त ने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान किस प्रकार से संबंधित विभागों द्वारा आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करना है, इस बारे में उन्हें विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, बीडीपीओ एवं एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट की गाड़ी में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, टार्च तथा कम से कम 100 फीट लंबाई की रस्सी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करें, इसके लिए रोस्टर अनुसार कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाए।
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सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार ने उपायुक्त को बताया कि कंट्रोल रूम बना दिया गया है। जिस पर कर्मचारियों की डयूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम का फोन नंबर 0171-4023613 काम कर रहा है। उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से संबंधित एक कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार किया जाए तथा जो कर्मचारी कंट्रोल रूम पर डयूटी पर रहेंगे, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि बाढ़ आने पर किस प्रकार से काम करते हुए जानकारी देनी है।
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डीसी ने कहा कि सिंचाई विभाग, नगर निगम, एचएसवीपी, पब्लिक हैल्थ, रेलवे सहित संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र में नालों एवं ड्रेनों और सीवरेज की सुचारू रूप से सफाई करवाएं तथा नालों से निकलने वाली गाद आदि को वहां से उठवाएं। ताकि बारिश के दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े और निचले क्षेत्रों में पानी का जमाव न हो। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए पंप सैट तथा किश्ती/बोट की व्यवस्था सुचारू रखें।
अंबाला के तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे पंचकूला जिले के तहसीलदार के साथ तालमेल बनाएं कि जो नदियां पंचकूला जिला से होकर जिला अंबाला में आती हैं, उनमें जब अधिक मात्रा में पानी आए तो वे इसकी जानकारी समय रहते दें। डीसी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुद्वारा साहिब तथा धर्मशालाओं में ऐसी व्यवस्था रखी जाए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में यहां पर लोगों को ठहराने की आवश्यकता पड़े, तो उन्हें प्रयोग में लाया जा सके।
पीडब्लयूडी विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़कों पर बारिश के दिनों में पानी का जमाव न हो तथा किन-किन क्षेत्रों में सड़कों पर पानी का जमाव होने की संभावना है, इसका भी निरीक्षण करके 15 जून तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके लिए बीडीपीओ के साथ तालमेल बनाकर काम करें। उपायुक्त ने डीएसपी को निर्देश दिए कि वे पुलिस चौकी इंचार्ज तथा थाना प्रबंधकों की बैठक लेकर उन्हें कंट्रोल रूम का नंबर देने के साथ ही बाढ़ जैसी स्थिति में किस प्रकार से दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाकर काम करना है, इस बारे में जानकारी दें।
बिजली निगम निचले इलाकों में खंभों की करे जांच
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संजीव सिवाच द्वारा हेल्प लाइन नंबर 1912 के बारे में बताया गया। जिस पर उपायुक्त ने 1912 को डायल कर इस हेल्प लाइन की वास्तविकता जांचने के लिए टेस्ट काल करके देखा तो इसे ठीक पाया। उन्होंने कहा कि नदी-नालों एवं निचले क्षेत्रों में बिजली के पोल और कम ऊंचाई की लाइनें अगर हैं, उनको जांच लें कि बारिश एवं बाढ़ जैसी स्थिति में पोल एवं लाइनें गिरने की समस्या तो नहीं आएगी।