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Ambala News: नाले की सफाई में खामियां, ठेकेदारों, पर जुर्माना
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अंबाला छावनी के केडी अस्पताल के पास बिना उपकरणों के सफाई का काम करते मुट्टीभर कर्मचारी। फाइल फो
अंबाला। नाले की सफाई में खामियां मिलने पर नगर परिषद ने दो ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। उन दोनों पर 38 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों ठेकेदारों को तीन दिन के अंदर जुर्माना जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
उनसे लापरवाही को लेकर भी जवाब मांगा गया है। अगर वो तय समय पर कोई भी जवाब और कार्रवाई नहीं करते तो उनके सफाई के ठेके को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे कि नालों की स्थिति में सुधार किया जा सके।
रेटगेल कंपनी पर गिरी गाज
नगर परिषद ने नालों की सफाई को लेकर दो अलग-अलग ठेकेदारों को क्षेत्र के हिसाब से काम सौंपा हुआ है। पहले नंबर पर कुरुक्षेत्र की रेटगेल कंपनी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है जोकि अलग-अलग श्रेणी में है। इसमें गुड़गुड़िया नाले से गाद न निकालने को लेकर छह हजार रुपये, बिना उपकरणों के कार्य को लेकर दस हजार रुपये और बिना निर्धारित कर्मचारियों के काम करने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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श्रीओम कोआपरेटिव को भी थमाया नोटिस
दूसरे नंबर पर नगर परिषद ने छावनी के अंदरूनी नालों की सफाई का कार्य अंबाला छावनी के सिकलीगर मोहल्ला स्थित कंपनी श्रीओम कोआपरेटिव को दिया हुआ है जोकि केडी अस्पताल के पास नाले की सफाई का काम कर रही है। इस कंपनी पर भी 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कंपनी भी निर्धारित मापदंडों पर खरी नहीं उतरी। इसलिए बिना मशीनरी और कर्मचारियों के काम करने पर 10 हजार और बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मंत्री ने जताई थी नाराजगी
मानसून से पहले अंबाला छावनी के नालों में सफाई की हकीकत को जानने के लिए हरियाणा के उर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री वीरवार को निरीक्षण पर निकले थे। सबसे पहला निरीक्षण उन्होंने गुड़गुडि़या नाले का किया जोकि उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद जब वो केडी अस्पताल के पास नाले का निरीक्षण करने पहुंचे तो यहां भी चार से पांच कर्मचारियों के सहारे गाद निकालने की खानापूर्ति हो रही थी। इस पर उन्होंने दोनों ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
वर्जन
कैबिनेट मंत्री के निरीक्षण के दौरान गुड़गुडि़या नाले व केडी अस्पताल के पास नाले की सफाई निर्धारित मापदंडों के तहत नहीं मिली। यहां नाममात्र कर्मचारी बिना उपकरणों के काम कर रहे थे। इसलिए नियमों के तहत दो ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया है। जबकि अन्य खामियों का भी आंकलन किया जा रहा है। इसमें जो भी लापरवाह कर्मचारी संलिप्त होंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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उनसे लापरवाही को लेकर भी जवाब मांगा गया है। अगर वो तय समय पर कोई भी जवाब और कार्रवाई नहीं करते तो उनके सफाई के ठेके को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे कि नालों की स्थिति में सुधार किया जा सके।
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रेटगेल कंपनी पर गिरी गाज
नगर परिषद ने नालों की सफाई को लेकर दो अलग-अलग ठेकेदारों को क्षेत्र के हिसाब से काम सौंपा हुआ है। पहले नंबर पर कुरुक्षेत्र की रेटगेल कंपनी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है जोकि अलग-अलग श्रेणी में है। इसमें गुड़गुड़िया नाले से गाद न निकालने को लेकर छह हजार रुपये, बिना उपकरणों के कार्य को लेकर दस हजार रुपये और बिना निर्धारित कर्मचारियों के काम करने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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श्रीओम कोआपरेटिव को भी थमाया नोटिस
दूसरे नंबर पर नगर परिषद ने छावनी के अंदरूनी नालों की सफाई का कार्य अंबाला छावनी के सिकलीगर मोहल्ला स्थित कंपनी श्रीओम कोआपरेटिव को दिया हुआ है जोकि केडी अस्पताल के पास नाले की सफाई का काम कर रही है। इस कंपनी पर भी 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कंपनी भी निर्धारित मापदंडों पर खरी नहीं उतरी। इसलिए बिना मशीनरी और कर्मचारियों के काम करने पर 10 हजार और बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मंत्री ने जताई थी नाराजगी
मानसून से पहले अंबाला छावनी के नालों में सफाई की हकीकत को जानने के लिए हरियाणा के उर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री वीरवार को निरीक्षण पर निकले थे। सबसे पहला निरीक्षण उन्होंने गुड़गुडि़या नाले का किया जोकि उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद जब वो केडी अस्पताल के पास नाले का निरीक्षण करने पहुंचे तो यहां भी चार से पांच कर्मचारियों के सहारे गाद निकालने की खानापूर्ति हो रही थी। इस पर उन्होंने दोनों ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
वर्जन
कैबिनेट मंत्री के निरीक्षण के दौरान गुड़गुडि़या नाले व केडी अस्पताल के पास नाले की सफाई निर्धारित मापदंडों के तहत नहीं मिली। यहां नाममात्र कर्मचारी बिना उपकरणों के काम कर रहे थे। इसलिए नियमों के तहत दो ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया है। जबकि अन्य खामियों का भी आंकलन किया जा रहा है। इसमें जो भी लापरवाह कर्मचारी संलिप्त होंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।