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Ambala News: पांच महिलाएं पहली बार में बन गईं थी विधायक
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। 57 वर्ष के चुनावी इतिहास में 1968 से ही महिलाओं ने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों को पटकनी दी है। मुलाना और नारायणगढ़ सीट पर महिला प्रत्याशियों का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन शहर सीट पर 1968 और छावनी सीट पर 1977 से महिला प्रत्याशी चुनाव में सक्रिय हो गई थीं।
शहर सीट की बात करें तो लेखवती जैन कांग्रेस से 1968 और 1972 में लगातार दो बार विधायक बनीं। 1977 में वह तीसरी बार चुनाव हार गईं। इसी तरह अंबाला छावनी सीट पर सुषमा स्वराज ही ऐसी महिला प्रत्याशी थीं, जो जीत दर्ज कर पाई थीं। सुषमा स्वराज ने 1977 में जनता पार्टी से पहला चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद उन्होंने 1987 में दूसरी बार भाजपा से चुनाव लड़ा और र विधायक बनीं। इसी तरह मुलाना सीट पर 2014 में भाजपा से संतोष सारवान पहली महिला रहीं, जिन्होंने चुनाव लड़ा और जीती भी। नारायणगढ़ सीट पर 2019 में पहली बार महिला विधायक शैली चौधरी बनी थी। खास बात यह है कि इन चारों सीट पर अभी तक 17 महिलाओं ने चुनाव लड़ा। इनमें से विधायक बनने वाली यह पांचों महिला प्रत्याशी पहली बार में ही जीत गई थी।
इस बार ये महिला प्रत्याशी मैदान में
-शहर सीट पर कोई महिला प्रत्याशी नहीं है।
-छावनी सीट पर आम आदमी पार्टी से राजकौर गिल, निर्दलीय चित्रा सरवारा।
-मुलाना में कांग्रेस से पूजा चौधरी, भाजपा से संतोष सारवान।
-नारायणगढ़ में कांग्रेस से शैली चौधरी, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से प्रत्याशी सीमा देवी, निर्दलीय नीतू चुनावी मैदान में हैं। वहीं, इस बार चारों विधानसभा में कुल 39 प्रत्याशी मैदान में हैं।
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अभी तक मैदान में उतरी महिला प्रत्याशी
अंबाला शहर सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1968 कांग्रेस लेखवती जैन 14 हजार 552 जीती
1972 कांग्रेस लेखवती जैन 16 हजार 932 जीती
1977 कांग्रेस लेखवती जैन 8 हजार 279 हारी
1996 निर्दलीय निर्मला संधू 448 हारी
2000 भाजपा वीना छिब्बड़ 29 हजार 949 जीती
2000 कांग्रेस किरण बाला 23 हजार 840 हारी
2005 भाजपा वीना छिब्बड़ 9 हजार 387 हारी
2009 शिअद बीबी चरणजीत कौर मलौर 33 हजार 885 हारी
अंबाला छावनी
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1977 जनता पार्टी सुषमा स्वराज 19 हजार 639 जीती
1987 भाजपा सुषमा स्वराज 22 हजार 473 जीती
1991 जनता दल सुदेश 350 हारी
1996 सीपीआई पुष्पा 454 हारी
1996 कांग्रेस राजरानी 16 हजार 645 हारी
2019 कांग्रेस वेनू सिंगला 8 हजार 534 हारी
2019 निर्दलीय चित्रा सरवारा 44 हजार 406 हारी
2019 बीजेएसपी लतिका 632 हारी
नारायणगढ़ सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1996 निर्दलीय शारदा रानी एक हजार हारी
2005 निर्दलीय हरबंस कौर 743 हारी
2019 कांग्रेस शैली चौधरी 53 हजार 470 लेकर जीती
मुलाना सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
2014 भाजपा संतोष चौहान 49 हजार 970 जीती
2019 इनेलो दया रानी 4 हजार 479 हारी
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अंबाला सिटी। 57 वर्ष के चुनावी इतिहास में 1968 से ही महिलाओं ने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों को पटकनी दी है। मुलाना और नारायणगढ़ सीट पर महिला प्रत्याशियों का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन शहर सीट पर 1968 और छावनी सीट पर 1977 से महिला प्रत्याशी चुनाव में सक्रिय हो गई थीं।
शहर सीट की बात करें तो लेखवती जैन कांग्रेस से 1968 और 1972 में लगातार दो बार विधायक बनीं। 1977 में वह तीसरी बार चुनाव हार गईं। इसी तरह अंबाला छावनी सीट पर सुषमा स्वराज ही ऐसी महिला प्रत्याशी थीं, जो जीत दर्ज कर पाई थीं। सुषमा स्वराज ने 1977 में जनता पार्टी से पहला चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद उन्होंने 1987 में दूसरी बार भाजपा से चुनाव लड़ा और र विधायक बनीं। इसी तरह मुलाना सीट पर 2014 में भाजपा से संतोष सारवान पहली महिला रहीं, जिन्होंने चुनाव लड़ा और जीती भी। नारायणगढ़ सीट पर 2019 में पहली बार महिला विधायक शैली चौधरी बनी थी। खास बात यह है कि इन चारों सीट पर अभी तक 17 महिलाओं ने चुनाव लड़ा। इनमें से विधायक बनने वाली यह पांचों महिला प्रत्याशी पहली बार में ही जीत गई थी।
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इस बार ये महिला प्रत्याशी मैदान में
-शहर सीट पर कोई महिला प्रत्याशी नहीं है।
-छावनी सीट पर आम आदमी पार्टी से राजकौर गिल, निर्दलीय चित्रा सरवारा।
-मुलाना में कांग्रेस से पूजा चौधरी, भाजपा से संतोष सारवान।
-नारायणगढ़ में कांग्रेस से शैली चौधरी, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से प्रत्याशी सीमा देवी, निर्दलीय नीतू चुनावी मैदान में हैं। वहीं, इस बार चारों विधानसभा में कुल 39 प्रत्याशी मैदान में हैं।
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अभी तक मैदान में उतरी महिला प्रत्याशी
अंबाला शहर सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1968 कांग्रेस लेखवती जैन 14 हजार 552 जीती
1972 कांग्रेस लेखवती जैन 16 हजार 932 जीती
1977 कांग्रेस लेखवती जैन 8 हजार 279 हारी
1996 निर्दलीय निर्मला संधू 448 हारी
2000 भाजपा वीना छिब्बड़ 29 हजार 949 जीती
2000 कांग्रेस किरण बाला 23 हजार 840 हारी
2005 भाजपा वीना छिब्बड़ 9 हजार 387 हारी
2009 शिअद बीबी चरणजीत कौर मलौर 33 हजार 885 हारी
अंबाला छावनी
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1977 जनता पार्टी सुषमा स्वराज 19 हजार 639 जीती
1987 भाजपा सुषमा स्वराज 22 हजार 473 जीती
1991 जनता दल सुदेश 350 हारी
1996 सीपीआई पुष्पा 454 हारी
1996 कांग्रेस राजरानी 16 हजार 645 हारी
2019 कांग्रेस वेनू सिंगला 8 हजार 534 हारी
2019 निर्दलीय चित्रा सरवारा 44 हजार 406 हारी
2019 बीजेएसपी लतिका 632 हारी
नारायणगढ़ सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
1996 निर्दलीय शारदा रानी एक हजार हारी
2005 निर्दलीय हरबंस कौर 743 हारी
2019 कांग्रेस शैली चौधरी 53 हजार 470 लेकर जीती
मुलाना सीट
वर्ष पार्टी प्रत्याशी वोट मिले परिणाम
2014 भाजपा संतोष चौहान 49 हजार 970 जीती
2019 इनेलो दया रानी 4 हजार 479 हारी