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Ambala News: साइकिल ट्रैक सुविधा पर ग्रहण, ट्रेड फेयर के लिए फिर दी जगह
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गांधी मैदान में रखा ट्रेड फेयर का सामान। संवाद
अंबाला। गांधी मैदान में मिलने वाली साइक्लिंग ट्रैक की सुविधा लंबित होती जा रही है। लाखों रुपये की इस योजना पर ग्रहण लग गया है। साइकिल ट्रैक के साथ की खाली जगह को अब ट्रेड फेयर के लिए किराये पर दे दिया है।
ऐसे में एक बार फिर साइकिल ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने का डर बन गया है। इससे पहले भी कई कार्यक्रमों के आयोजन से साइकिल ट्रैक क्षतिग्रस्त हो चुका है। हालांकि नप अधिकारियों ने बताया था कि गांधी मैदान को अब किराए पर नहीं दिया जाएगा। बावजूद इसके ट्रेड फेयर लगाने के निर्देश किस विभाग ने जारी किए हैं। इसे लेकर भी इंजीनियरिंग विभाग नाराजगी जता रहा है कि वो बार-बार गांधी मैदान की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवाते हैं और फिर उसे किसी न किसी को किराए पर देकर दोबारा से खराब कर दिया जाता है।
पहले 15 तो अब 18 लाख से हो रहा काम
साइकिल ट्रैक का निर्माण लगभग तीन साल पहले गांधी मैदान में किया था। इस पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च हुए थे। लेकिन गांधी मैदान के साथ निर्माणाधीन बैंक स्कवेयर के चलते यह ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे दोबारा से दुरुस्त करने और गांधी मैदान की चारदीवारी के निर्माण को लेकर लगभग 18 लाख की लागत से कार्य शुरु करवाया गया। जहां-जहां से साइकिल ट्रैक क्षतिग्रस्त था, उसे दुरुस्त कराया।
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ट्रेड फेयर भी नहीं हुआ शुरू
वहीं दूसरी तरफ ट्रेड फेयर के संचालक ने बताया कि गांधी मैदान में उन्होंने अपना सामान रखा तो दिया है और लगभग 2 लाख रुपये किराया भी जमा करवा दिया है। बावजूद उसे अभी ट्रेड फेयर के तहत खेल-खिलौने व स्टाल आदि लगाने की इजाजत नहीं मिली है क्योंकि अधिकारी कहते हैैं कि आचार संहिता की वजह से यह इजाजत नहीं दी जा सकती। उसे अभी एक माह इंतजार करना होगा। ऐसे में उसके वर्कर अपने-अपने घर चले गए हैं और उसे अब आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वर्जन
ट्रेड फेयर को लेकर गांधी मैदान में उस जगह को निर्धारित किया गया है जो खाली है और साइकिल ट्रैक से दूर है। वैसे अभी आचार संहिता के कारण ट्रेड फेयर की इजाजत नहीं दी गई है। बेशक संचालक ने अपना सामान रख लिया है।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
वर्जन
गांधी मैदान में चारदीवारी का काम पूरा हो गया है और साइकिल ट्रैक को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। लेकिन कार्यक्रमों के लिए गांधी मैदान में दी जा रही जगह से ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने का डर बना हुआ है। ऐसे में यह कार्य लंबित हो सकता है।
मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।
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ऐसे में एक बार फिर साइकिल ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने का डर बन गया है। इससे पहले भी कई कार्यक्रमों के आयोजन से साइकिल ट्रैक क्षतिग्रस्त हो चुका है। हालांकि नप अधिकारियों ने बताया था कि गांधी मैदान को अब किराए पर नहीं दिया जाएगा। बावजूद इसके ट्रेड फेयर लगाने के निर्देश किस विभाग ने जारी किए हैं। इसे लेकर भी इंजीनियरिंग विभाग नाराजगी जता रहा है कि वो बार-बार गांधी मैदान की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवाते हैं और फिर उसे किसी न किसी को किराए पर देकर दोबारा से खराब कर दिया जाता है।
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पहले 15 तो अब 18 लाख से हो रहा काम
साइकिल ट्रैक का निर्माण लगभग तीन साल पहले गांधी मैदान में किया था। इस पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च हुए थे। लेकिन गांधी मैदान के साथ निर्माणाधीन बैंक स्कवेयर के चलते यह ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे दोबारा से दुरुस्त करने और गांधी मैदान की चारदीवारी के निर्माण को लेकर लगभग 18 लाख की लागत से कार्य शुरु करवाया गया। जहां-जहां से साइकिल ट्रैक क्षतिग्रस्त था, उसे दुरुस्त कराया।
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ट्रेड फेयर भी नहीं हुआ शुरू
वहीं दूसरी तरफ ट्रेड फेयर के संचालक ने बताया कि गांधी मैदान में उन्होंने अपना सामान रखा तो दिया है और लगभग 2 लाख रुपये किराया भी जमा करवा दिया है। बावजूद उसे अभी ट्रेड फेयर के तहत खेल-खिलौने व स्टाल आदि लगाने की इजाजत नहीं मिली है क्योंकि अधिकारी कहते हैैं कि आचार संहिता की वजह से यह इजाजत नहीं दी जा सकती। उसे अभी एक माह इंतजार करना होगा। ऐसे में उसके वर्कर अपने-अपने घर चले गए हैं और उसे अब आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वर्जन
ट्रेड फेयर को लेकर गांधी मैदान में उस जगह को निर्धारित किया गया है जो खाली है और साइकिल ट्रैक से दूर है। वैसे अभी आचार संहिता के कारण ट्रेड फेयर की इजाजत नहीं दी गई है। बेशक संचालक ने अपना सामान रख लिया है।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
वर्जन
गांधी मैदान में चारदीवारी का काम पूरा हो गया है और साइकिल ट्रैक को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। लेकिन कार्यक्रमों के लिए गांधी मैदान में दी जा रही जगह से ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने का डर बना हुआ है। ऐसे में यह कार्य लंबित हो सकता है।
मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।