फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Five areas, including Naggal, report poor sex ratio

Ambala News: लिंगानुपात में नग्गल सहित पांच क्षेत्रों की रिपोर्ट खराब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 02:38 AM IST
विज्ञापन
Five areas, including Naggal, report poor sex ratio
अंबाला सिटी। लिंगानुपात में अभी भी जिले में सुधार नहीं हो पा रहा है। यह खुलासा जिला प्रशासन द्वारा लिंगानुपात को लेकर की गई बैठक में हुआ, जिसकी अध्यक्षता खुद उपायुक्त अजय सिंह तोमर कर रहे थे।
विज्ञापन

समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिला में लिंगानुपात का आंकड़ा इस साल नवंबर तक 912 पर ही पहुंच सका है। जबकि यह आंकड़ा बीते तीन वर्षों की तुलना में सबसे कम है। वर्ष 2022 में 934, वर्ष 2023 में 919, वर्ष 2024 में 913 तो इस साल नवंबर तक 912 लिंगानुपात दर्ज किया गया है। ऐसी स्थिति तब है जब इस साल लिंगानुपात को 920 तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था।
विज्ञापन

अब वर्ष समाप्त होने वाला है और यह लक्ष्य पूरा होगा या नहीं इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे खराब स्थिति नग्गल, साहा, समलेहड़ी, नारायणगढ़ और कैंटोनमेंट बोर्ड की है। हालांकि कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में तो डिलीवरी भी कम है। पर नग्गल सहित अन्य चार क्षेत्रों के लिंगानुपात ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार नग्गल में नवंबर तक 643, साहा में 720, समलेहड़ी में 520, नारायणगढ़ में 813 तो कैंटोनमेंट बोर्ड में 706 लिंगानुपात दर्ज किया गया है। वहीं शहजादपुर में बीते समय की तुलना में लिंगानुपात में सुधार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवंबर में पिछले वर्ष की तुलना में गिरा लिंगानुपात : बीते दो महीनों अक्तूबर और नवंबर के लिंगानुपात की पिछले वर्ष से तुलना करें तो भी इसमें अधिक सुधार नहीं दिखता है। वर्ष 2024 में अक्तूबर में 877 लिंगानुपात था, जबकि इस बार 908 है। इस माह सुधार करने में कामयाबी मिली। इसके बाद नवंबर में 2024 में 941 के सापेक्ष इस बार लिंगानुपात 931 अंक पर गिरकर पहुंच गया है। बैठक में पीएनडीटी के तहत चल रहे कानूनी मामलों की भी समीक्षा की गई।

नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश ने बताया कि जिले में इस विषय के तहत कुल 40 केस दर्ज हैं, जिनमें से 29 का फैसला हो चुका है और 11 मामले अभी लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, पीएनडीटी और एमटीपी एक्ट के तहत 2 और 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं एमटीपी सेंटर, पीएनडीटी केस और रिवर्स ट्रेकिंग के माध्यम से लिंगानुपात सुधार की दिशा में काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed