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पल्स ऑक्सीमीटर से बताते थे गर्भ में लड़का है या लड़की , दबोचे
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Fetal examination
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। लिंग भ्रूण जांच की आड़ में लोगों को बेवकूफ बनाकर उनसे रुपये ऐंठने वाले दो लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबोचा है। उनके कब्जे से एक पल्स मीटर और कुछ उपकरण बरामद किए हैं। यह गोरखधंधा शहर के विष्णु विहार स्थित एक घर में चल रहा था।
लिंग भ्रूण जांच की आड़ में गर्भवती महिलाओं से ठगी करने वाले गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को भंडाफोड़ कर दिया। पल्स ऑक्सीमीटर रखकर जुगाड़ से महिलाओं को स्क्रीन पर कुछ दिखाते और अंदाजे से लड़का-लड़की बताकर ठगी कर लेते। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के विष्णु विहार पहुंची और कार्रवाई करते हुए जफरपुर बराड़ा निवासी सोहन लाल और अंबाला के रामदास नगर निवासी सुरेंद्र को रंगे हाथ काबू कर लिया। मौके पर आरोपियों से 20 हजार रुपये भी बरामद किए गए जोकि स्वास्थ्य विभाग ने महिला को दिए थे। हालांकि 5 हजार रुपये कहां गए यह जांच में स्पष्ट हो सकेगा। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर, एएसएमओ डॉ विजय वर्मा, एमओ डॉ. हितार्थ की अगुवाई में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। समाचार लिखे जाने तक सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
25 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिलने के बाद विभाग ने एक गर्भवती महिला जांच के लिए तैयार की। महिला दलाल के संपर्क में आई। सौदा 25 हजार रुपये में तय हो गया। शुक्रवार दोपहर को महिला 25 हजार रुपये लेकर मानव चौक पर पहुंची। यहां से दलाल सोहन महिला को बादशाही बाग कॉलोनी से होते हुए सोनिया कालोनी से निकालकर विष्णु विहार में ले गया। इससे पहले उसने महिला से मानव चौक पर ही 25 हजार रुपये भी ले लिए।
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इस तरह लेते थे झांसे में
विष्णु विहार में आरोपी सुरेंद्र का घर था। वहां पर जाते ही महिला को एक कमरे में ले जाया गया। यहां पर आरोपियों ने महिला के पेट पर माउस टाइप के एक उपकरण को घुमाया और पल्स ऑक्सीमीटर की स्क्रीन पर देखकर कहा कि आपके पेट में पल रहा बच्चा लड़का है। बता दें कि पल्स ऑक्सीमीटर की स्क्रीन को जुगाड़ से मॉडिफाई किया गया था जिससे की अल्ट्रासाउंड करने जैसी आकृतियां बन रही थी। इससे जांच करवाने वाला आसानी से जाल में फंस जाता था।
हमने इस मामले में दो आरोपियों को काबू किया है। उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। आरोपी सुरेंद्र और सोहन के साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं यह जांच के बाद ही पता चलेगा।
-डॉ. बलविंद्र कौर, डिप्टी सिविल सर्जन।
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लिंग भ्रूण जांच की आड़ में गर्भवती महिलाओं से ठगी करने वाले गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को भंडाफोड़ कर दिया। पल्स ऑक्सीमीटर रखकर जुगाड़ से महिलाओं को स्क्रीन पर कुछ दिखाते और अंदाजे से लड़का-लड़की बताकर ठगी कर लेते। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के विष्णु विहार पहुंची और कार्रवाई करते हुए जफरपुर बराड़ा निवासी सोहन लाल और अंबाला के रामदास नगर निवासी सुरेंद्र को रंगे हाथ काबू कर लिया। मौके पर आरोपियों से 20 हजार रुपये भी बरामद किए गए जोकि स्वास्थ्य विभाग ने महिला को दिए थे। हालांकि 5 हजार रुपये कहां गए यह जांच में स्पष्ट हो सकेगा। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर, एएसएमओ डॉ विजय वर्मा, एमओ डॉ. हितार्थ की अगुवाई में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। समाचार लिखे जाने तक सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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25 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिलने के बाद विभाग ने एक गर्भवती महिला जांच के लिए तैयार की। महिला दलाल के संपर्क में आई। सौदा 25 हजार रुपये में तय हो गया। शुक्रवार दोपहर को महिला 25 हजार रुपये लेकर मानव चौक पर पहुंची। यहां से दलाल सोहन महिला को बादशाही बाग कॉलोनी से होते हुए सोनिया कालोनी से निकालकर विष्णु विहार में ले गया। इससे पहले उसने महिला से मानव चौक पर ही 25 हजार रुपये भी ले लिए।
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इस तरह लेते थे झांसे में
विष्णु विहार में आरोपी सुरेंद्र का घर था। वहां पर जाते ही महिला को एक कमरे में ले जाया गया। यहां पर आरोपियों ने महिला के पेट पर माउस टाइप के एक उपकरण को घुमाया और पल्स ऑक्सीमीटर की स्क्रीन पर देखकर कहा कि आपके पेट में पल रहा बच्चा लड़का है। बता दें कि पल्स ऑक्सीमीटर की स्क्रीन को जुगाड़ से मॉडिफाई किया गया था जिससे की अल्ट्रासाउंड करने जैसी आकृतियां बन रही थी। इससे जांच करवाने वाला आसानी से जाल में फंस जाता था।
हमने इस मामले में दो आरोपियों को काबू किया है। उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। आरोपी सुरेंद्र और सोहन के साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं यह जांच के बाद ही पता चलेगा।
-डॉ. बलविंद्र कौर, डिप्टी सिविल सर्जन।