{"_id":"673911ec32a16e64ca00bba4","slug":"fear-of-accidents-due-to-illegal-cuts-danger-is-more-in-villages-ambala-news-c-36-1-sknl1003-132871-2024-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: अवैध कटों से हादसे का डर, गांवों में खतरा ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: अवैध कटों से हादसे का डर, गांवों में खतरा ज्यादा
विज्ञापन
अजय शर्मा, चालक। संवाद
अंबाला। धुंध के समय में राजमार्गों पर सफर करना भारी पड़ रहा है। यहां पर हरदम जान जोखिम में रहती है। अंबाला से जगाधरी जा रहे राजमार्ग पर सबसे अधिक खतरा नजर आती है।
इस राजमार्ग पर कई स्थानों पर अवैध कट लोगों ने बना रखे हैं तो वहीं कई जगहों पर सफेद पट्टी सड़क पर नहीं है। ऐसे में रात्रि के समय यमुनानगर को जाने वाले लोग अपनी जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं। इसमें भी सबसे अधिक खतरा ग्रामीण क्षेत्र में बना हुआ है। क्योंकि इन्ही क्षेत्रों में अवैध कट अधिक हैं।
साहा से एनएच 344 पर यात्रा सबसे कठिन
साहा से एनएच 344 तक लोगों की यात्रा सबसे अधिक जोखिम भरी है। यह राजमार्ग एकल है और काफी क्षतिग्रस्त हालत में है। इसके साथ ही इस पर सफेद पट्टियां भी नहीं हैं। एकल मार्ग होने के कारण रात्रि या सुबह के समय यहां से गुजरने वालों को अत्यधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। सामने दिखाई नहीं देता है और एक दूसरे वाहन से आगे निकलने की होड़ में कई बार हादसे से वाहन चालक बच रहे हैं।
विज्ञापन
शहर में भी अवैध कट, किसी का नहीं ध्यान
अंबाला जगाधरी राजमार्ग पर टांगरी बांध से पहले और गांधी मैदान के सामने भी एक अवैध कट बना हुआ है। दिन व रात्रि के समय भी यहां से लोग अपने वाहनों को लेकर निकलते हैं। वहीं रात्रि के समय में यह अवैध कट काफी नुकसान देह बन जाते हैं। वहीं छावनी के उपमंडल कार्यालय के आगे राजमार्ग पर सफेद पट्टी नहीं मिली। इसके साथ ही स्टॉफ रोड के समीप भी मध्य में राजमार्ग पर सफेद पट्टी नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि यह वह स्थान हैं जहां पर तीन स्कूल के बच्चे गुजरते हैं। इसके साथ ही यहां पर हमेशा हादसे का खतरा रहता है।
फोटो: 14
हाईवे के बीच में सफेद पट्टी को मानते हैं आधार
अजय शर्मा ने बताया कि कोहरे में उनके लिए गाड़ी चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। हाईवे के बीच में बनी सफेद पट्टी को ही आधार मानकर चलते है और इस पट्टी के सहारे ही वह अपने वाहन को दाएं से बाएं या अन्य दिशा में ले जाते हैं। कई बार कोहरे में चार से छह फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं देता है।
फोटो: 15
ओवरलोड वाहन बनते हादसों का कारण
मोनू ने बताया कि कोहरे के दौरान हाईवे पर तूड़ी से ओवरलोड ट्राली चलती हैं न ही इन वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगा होता है। इसके कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है।
फोटो: 16
कोहरे में 20 की स्पीड से चलाते हैं गाड़ी
मनदीप सिंह ने बताया कि कई बार हाईवे के बीच में बनी पट्टी गायब होती है, या फिर हाइवे पर काम चल रहा होता है है, ऐसे में कोहरे में वह अपनी गाड़ी को 20 से 30 की स्पीड पर चलाते हैं, कई बार हाइवे पर बने डाइवर्जन पर लाइट नहीं और वहां पर रिबन की पट्टी बांधकर काम चलाया जाता है
फोटो: 17
गोवंश से टकराने का रहता खतरा
बब्बू ने बताया कि कई बार हाइवे पर कोहरे के दौरान अचानक गोवंश आ जाते हैं। इस कारण गाड़ी असंतुलित हो जाती है और हादसा होने का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
इस राजमार्ग पर कई स्थानों पर अवैध कट लोगों ने बना रखे हैं तो वहीं कई जगहों पर सफेद पट्टी सड़क पर नहीं है। ऐसे में रात्रि के समय यमुनानगर को जाने वाले लोग अपनी जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं। इसमें भी सबसे अधिक खतरा ग्रामीण क्षेत्र में बना हुआ है। क्योंकि इन्ही क्षेत्रों में अवैध कट अधिक हैं।
विज्ञापन
साहा से एनएच 344 पर यात्रा सबसे कठिन
साहा से एनएच 344 तक लोगों की यात्रा सबसे अधिक जोखिम भरी है। यह राजमार्ग एकल है और काफी क्षतिग्रस्त हालत में है। इसके साथ ही इस पर सफेद पट्टियां भी नहीं हैं। एकल मार्ग होने के कारण रात्रि या सुबह के समय यहां से गुजरने वालों को अत्यधिक जोखिम का सामना करना पड़ता है। सामने दिखाई नहीं देता है और एक दूसरे वाहन से आगे निकलने की होड़ में कई बार हादसे से वाहन चालक बच रहे हैं।
विज्ञापन
शहर में भी अवैध कट, किसी का नहीं ध्यान
अंबाला जगाधरी राजमार्ग पर टांगरी बांध से पहले और गांधी मैदान के सामने भी एक अवैध कट बना हुआ है। दिन व रात्रि के समय भी यहां से लोग अपने वाहनों को लेकर निकलते हैं। वहीं रात्रि के समय में यह अवैध कट काफी नुकसान देह बन जाते हैं। वहीं छावनी के उपमंडल कार्यालय के आगे राजमार्ग पर सफेद पट्टी नहीं मिली। इसके साथ ही स्टॉफ रोड के समीप भी मध्य में राजमार्ग पर सफेद पट्टी नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि यह वह स्थान हैं जहां पर तीन स्कूल के बच्चे गुजरते हैं। इसके साथ ही यहां पर हमेशा हादसे का खतरा रहता है।
फोटो: 14
हाईवे के बीच में सफेद पट्टी को मानते हैं आधार
अजय शर्मा ने बताया कि कोहरे में उनके लिए गाड़ी चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। हाईवे के बीच में बनी सफेद पट्टी को ही आधार मानकर चलते है और इस पट्टी के सहारे ही वह अपने वाहन को दाएं से बाएं या अन्य दिशा में ले जाते हैं। कई बार कोहरे में चार से छह फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं देता है।
फोटो: 15
ओवरलोड वाहन बनते हादसों का कारण
मोनू ने बताया कि कोहरे के दौरान हाईवे पर तूड़ी से ओवरलोड ट्राली चलती हैं न ही इन वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगा होता है। इसके कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है।
फोटो: 16
कोहरे में 20 की स्पीड से चलाते हैं गाड़ी
मनदीप सिंह ने बताया कि कई बार हाईवे के बीच में बनी पट्टी गायब होती है, या फिर हाइवे पर काम चल रहा होता है है, ऐसे में कोहरे में वह अपनी गाड़ी को 20 से 30 की स्पीड पर चलाते हैं, कई बार हाइवे पर बने डाइवर्जन पर लाइट नहीं और वहां पर रिबन की पट्टी बांधकर काम चलाया जाता है
फोटो: 17
गोवंश से टकराने का रहता खतरा
बब्बू ने बताया कि कई बार हाइवे पर कोहरे के दौरान अचानक गोवंश आ जाते हैं। इस कारण गाड़ी असंतुलित हो जाती है और हादसा होने का खतरा बना रहता है।

अजय शर्मा, चालक। संवाद

अजय शर्मा, चालक। संवाद

अजय शर्मा, चालक। संवाद