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Ambala News: बेसहारा गोवंश से धुंध में हादसों का डर

Wed, 08 Nov 2023 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Wed, 08 Nov 2023 01:11 AM IST
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Fear of accidents due to helpless cattle in fog
संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। शहर में बेसहारा गोवंश सड़क पर घूम रहे हैं। नगर निगम ने अभी तक बेसहारा गोवंश को गोशाला में शिफ्ट करने के लिए कोई टेंडर लगाया गया है। आने वाली दिनों में धुंध होगी और बेसहारा गोवंशों से रात में हादसों का डर बना रहेगा।
हालांकि निगम ने डंगडेहरी गांव में गोशाला बनाने के लिए जमीन देखी है, मगर अभी यह कागजी प्रक्रिया ही है। इस योजना को धरातल पर आने के लिए समय लगेगा। वहीं, आने वाली 16 नवंबर को नगर निगम की हाउस बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में बेसहारा गोवंश का मुद्दा गूंजेगा। शहर के सेक्टरों की बात करें या कॉलोनियों की, हर तरफ बेसहारा गोवंश की समस्या को लेकर लोगों को परेशानी हो रही है।
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शहर के जंडली पुल से लेकर इंको चौक, मॉडल टाउन, प्रेम नगर, सेक्टर-7, 8, 9,10 और जलबेड़ा रोड, घासमंडी क्षेत्र में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। यही नहीं, शहर के अन्य जगहों पर भी बेसहारा गोवंश से लोगों की परेशानी बढ़ी है। रात के अंधेरे में बेसहारा गोवंश सड़क पर बैठे नहीं दिखते, जिससे हादसे होने का डर बना रहता है। नगर निगम के बनाए गए डंपिंग प्वाइंट के पास तो बेसहारा गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। शाम होते ही यह गोवंश सड़कों पर जमा हो जाते हैं।
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डंगडेहरी में नगर निगम अधिकारियों ने गोशाला बनाने के लिए करीब पौने सात एकड़ जमीन पिछले दिनों देखी है। इस जमीन पर गोशाला बनाने को लेकर एस्टीमेट बनाया जा रहा है। यह एस्टीमेट सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद फंड आने पर गोशाला बनाने की योजना है। अभी इस प्रोजेक्ट को लंबा समय लग सकता है। वहीं, शहर व गांव में बनी गोशाला संचालकों ने बेसहारा गोवंशों को लेने से मना कर दिया है, क्योंकि उनके पास इतने संसाधन भी नहीं है और फंड की भी कमी रहती है।
निगम ने अपनी जमीन से कब्जा छुड़वाया
नगर निगम ने लोहगढ़ गांव में अपनी जमीन पर हुए कब्जे को छुड़ा लिया है। निगम अब गांवों में अपनी जमीनों को निशानदेही करेगा। निगम की गांवों के एरिया में 100 एकड़ से ज्यादा जमीन है। इस जमीन पर फेंसिंग और पापुलर के पेड़ लगाने के लिए मुद्दा हाउस की बैठक में रखा जाएगा ताकि बजट मिलने पर फेंसिंग करवाई जा सके और पापुलर के पेड़ लगाए जा सकें।

निगम ने अभी तक नंदीशाला नहीं बनाई है। बेसहारा गोवंशों के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं। कई लोग अपनी जान भी गवां चुके हैं। शहर में हर चौक-चौराहे पर गोवंश देखे जा सकते हैं। पहले तो बेसहारा गोवंशों को पकड़ने के लिए टेंडर भी होता था, मगर इस बार तो टेंडर भी नहीं हुआ। निगम को एजेंसी को पशु पकड़ने के लिए टेंडर देना चाहिए। निगम की बैठक के एजेंडे में यह पहला बिंदु होना चाहिए। - विजय चौधरी टोनी, पार्षद, वार्ड-4।
शहर में बेसहारा गोवंश इधर से उधर घूम रहे हैं। अभी तक निगम ने इन गोवंशों के समाधान को लेकर किसी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया। सिर्फ कागजों में आवारा गोवंशों को लेकर योजनाएं बन रही हैं। निगम को गंभीरता से इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि इस समस्या से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। - राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम।

निगम हाउस की बैठक 16 नवंबर को होनी है। एजेंडे में नगर निगम की करीब 100 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फेंसिंग व पापुलर के पेड़ लगाने का मुद्दा रखा जाएगा। इसके साथ ही मुद्दों पर विचार विमर्श किया जा रहा है। बेसहारा गोवंशों को लेकर डंगडेहरी में निगम ने गोशाला बनाने के लिए जमीन देखी है। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभी कोई टेंडर नहीं हुआ है।- डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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