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चौड़मस्तपुर बिजली घर पर किसानों का धरना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 12:36 AM IST
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Farmers' strike at Chaudmastpur power house
अंबाला सिटी। चौड़मस्तपुर स्थित बिजली घर पर किसानों ने वीरवार को एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया। करीब 11 गांवों से भारी संख्या में पहुंचे किसान बिजली घर पर पहुंचे। वहां उन्होंने निगम की लापरवाही के कारण सूख रही धान की फसल को लेकर रोष जताया। किसानों ने पर्याप्त बिजली न मिलने पर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि चौड़मस्पुर बिजली घर के अंतर्गत पड़ने वाले करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की धान की फसल सूखने के कगार पर है। इन गांवों में खैरा, बकनौर, बंबा, महमूदपुर, मियां माजरा, खन्ना माजरा, निहारसा, निहारसी आदि शामिल हैं। किसानों ने साथ लगते बिजली घर में अधिकारियों को रूटीन में बिजली देने के लिए कई बार कहा। उन्हें नियमानुसार बिजली न मिलने के कारण उनकी धान के खेत में गहरी दरारें पड़ी हुई हैं।
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किसानों का कहना है कि उन्होंने बुधवार को कार्यालय में जाकर उपायुक्त से बिजली देने की गुहार लगाई थी। डीसी ने धान की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई नहीं दी गई, इससे उनमें रोष है। किसानों ने कहा कि उनका जीवन खेती पर ही निर्वाह करता है। इसके अलावा उनकी धान की फसल इस समय गोभ में है। इस दौरान यदि धान की फसल की सिंचाई में देरी हो जाती है तो सीधे किसानों को लाखों का नुकसान होगा। किसानों ने कहा कि अगर उन्हें नुकसान होता है तो इसका जिम्मेदार बिजली निगम के अधिकारी होंगे।
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किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बिजली निगम के एक्सईएन सुखबीर मौके पर पहुंचे। उनसे लंबी बातचीत के बाद किसानों को जल्द बिजली चालू करने का आश्वासन मिला। किसानों ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई नहीं दी गई तो वे दोबारा से जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में किसानों का साथ देने भाकियू टिकैत ग्रुप से नेता गुलाब सिंह व समाज सेवक शरण पाल सचदेवा पहुंचे।
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लाखों का होगा नुकसान
गांव बंबा के किसान हैप्पी ने बताया कि उसने 20 एकड़ में धान की फसल लगाई हुई है। उनमें से 10 एकड़ ठेके पर लिए हुए हैं। इसका भुगतान उसने जून में कर दिया है। ऐसे में यदि उसकी फसल सूख जाती है तो उसे लाखों रुपये का नुकसान होगा।
फसल में आ रहा निसार
गांव महमूदपुर के किसान जगतार सिंह ने बताया उसने 17 एकड़ में धान की फसल लगाई है। उसकी फसल में बालियां आ रही हैं। ऐसे में उसे पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन वह उपलब्ध न होने के कारण फसल सूखने के कगार पर है
जीवन खेती पर निर्भर
गांव महमूदपुर के किसान रघुवीर सिंह ने बताया कि उनका जीवन खेती पर ही निर्भर है। इसके अलावा उनके पास आय का कोई विकल्प नहीं है। विभाग द्वारा बिजली न देना उनके लिए घाटे का सौदा है। उन्हें मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
खेत में पड़ी दरारें
बकनौर के किसान अरुण सिंह ने बताया कि 15 एकड़ में उसने धान लगाई है। कई दिनों से लाइट की कमी के कारण उनकी फसल में गहरी दरारें पड़ गई हैं। धान की फसल सूखने के कगार पर है। प्रदर्शन के बाद उन्हें बिजली मिलने का आश्वासन मिला है।
किसानों की हो रही बेकद्री
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गुलाब सिंह मानकपुर ने बताया कि धरती पुत्रों की बदौलत ही पूरे देश को रोटी मिल पाती है। आज इनकी बेकद्री हो रही है। जहां भी किसानों के हितों का हनन होगा वे उनके साथ खड़े दिखेंगे।
खत्म हो रही खेती
समाजसेवक शरण पाल सचदेवा ने बताया कि यह सरकार पूंजी वादियों की है। बिजली न मिलने के कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं। इस कारण खेती खत्म होती जा रही है। किसान अन्नदाता है इसलिए उनको खेती संबंधी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

सिस्टम में फॉल्ट पड़ने के कारण दो-तीन घंटे के करीब बिजली बाधित रही है जो चालू कर दी गई है। जो दो-तीन घंटे के कट लगे थे इसके लिए अतिरिक्त बिजली छोड़ दी गई है।
-सुखबीर, एक्सईएन, बिजली वितरण निगम अंबाला
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