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गन्ने का भुगतान न होने के खफा किसान अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे
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शहजादपुर। नारायणगढ़ चीनी मिल बनौंदी के वर्तमान पेराई सत्र की गन्ने की पेमेंट वायदे अनुसार न किए जाने से रोषित किसानों ने सोमवार को मिल के समक्ष पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में पहुंचे एसडीएम नारायणगढ़ नीरज कुमार ने 10 दिन में भुगतान करने की बात कही। इससे किसान संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद किसानों ने चीनी मिल के समक्ष स्थाई धरना शुरू कर दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को सुबह से किसान 21 सदस्यीय संयुक्त किसान कमेटी के बैनर तले नारायणगढ़ चीनी मिल के समक्ष एकत्रित होने शुरू हो गए। कुछ ही समय में काफी संख्या में किसान मिल के समक्ष पहुंच गए। किसानों का कहना था कि हर बार किसानों को स्थानीय प्रशासन व मिल प्रबंधन की तरफ से केवल आश्वासन ही मिला है। बार-बार धरने-प्रदर्शन व पंचायत करने के बावजूद गन्ने की पेमेंट नहीं मिल रही है। किसानों ने कहा कि गत 9 मार्च को किसानों द्वारा नारायणगढ़ चीनी मिल बनौंदी के समक्ष पंचायत का आयोजन कर रोष व्यक्त किया था। उस समय एसडीएम नारायणगढ़ नीरज कुमार ने आश्वासन देते हुए कहा था कि 15 जनवरी तक गिराए गए गन्ने की पेमेंट 20 मार्च तक कर दी जाएगी। इसी प्रकार जनवरी के अंत तक गिराए गए गन्ने की पेमेंट 31 मार्च तक कर दी जाएगी। किसानों का कहना था कि आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक तय समय से गन्ने की पेमेंट किसानों को नहीं मिली है।
किसानों ने फैसला लिया है कि जब तक गन्ने की पूरी बकाया पेमेंट का समाधान नहीं होता है, तब तक उनका स्थाई धरना 24 घंटे दिन-रात मिल के गेट के बाहर चलेगा। आने वाले दिनों में धरने के दौरान रणनीति बनाकर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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मिल की अटकी 29 करोड़ की पेमेंट : एसडीएम
एसडीएम नारायणगढ़ नीरज कुमार ने किसानों से कहा कि मार्केट में चीनी का भाव कम था। इसलिए चीनी समय पर नहीं बिक पाई और मिल के 29 करोड़ रुपये मार्केट में बकाया है। यह पेमेंट जल्द ही शुगर मिल को मिल जाएगी। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि अगले 10 दिन तक 15 जनवरी तक आए गन्ने की पेमेंट किसानों को कर दी जाएगी। उसके अगले 10 दिन बाद 31 जनवरी तक आए गन्ने की पेमेंट कर दी जाएगी।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को सुबह से किसान 21 सदस्यीय संयुक्त किसान कमेटी के बैनर तले नारायणगढ़ चीनी मिल के समक्ष एकत्रित होने शुरू हो गए। कुछ ही समय में काफी संख्या में किसान मिल के समक्ष पहुंच गए। किसानों का कहना था कि हर बार किसानों को स्थानीय प्रशासन व मिल प्रबंधन की तरफ से केवल आश्वासन ही मिला है। बार-बार धरने-प्रदर्शन व पंचायत करने के बावजूद गन्ने की पेमेंट नहीं मिल रही है। किसानों ने कहा कि गत 9 मार्च को किसानों द्वारा नारायणगढ़ चीनी मिल बनौंदी के समक्ष पंचायत का आयोजन कर रोष व्यक्त किया था। उस समय एसडीएम नारायणगढ़ नीरज कुमार ने आश्वासन देते हुए कहा था कि 15 जनवरी तक गिराए गए गन्ने की पेमेंट 20 मार्च तक कर दी जाएगी। इसी प्रकार जनवरी के अंत तक गिराए गए गन्ने की पेमेंट 31 मार्च तक कर दी जाएगी। किसानों का कहना था कि आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक तय समय से गन्ने की पेमेंट किसानों को नहीं मिली है।
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किसानों ने फैसला लिया है कि जब तक गन्ने की पूरी बकाया पेमेंट का समाधान नहीं होता है, तब तक उनका स्थाई धरना 24 घंटे दिन-रात मिल के गेट के बाहर चलेगा। आने वाले दिनों में धरने के दौरान रणनीति बनाकर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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मिल की अटकी 29 करोड़ की पेमेंट : एसडीएम
एसडीएम नारायणगढ़ नीरज कुमार ने किसानों से कहा कि मार्केट में चीनी का भाव कम था। इसलिए चीनी समय पर नहीं बिक पाई और मिल के 29 करोड़ रुपये मार्केट में बकाया है। यह पेमेंट जल्द ही शुगर मिल को मिल जाएगी। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि अगले 10 दिन तक 15 जनवरी तक आए गन्ने की पेमेंट किसानों को कर दी जाएगी। उसके अगले 10 दिन बाद 31 जनवरी तक आए गन्ने की पेमेंट कर दी जाएगी।