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Ambala News: ट्रैक से हटे किसान, अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर दौड़ने लगी ट्रेनें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 04:39 AM IST
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Farmers moved off the track, trains started running on Ambala-Ludhiana rail section
अंबाला। अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक पिछले 34 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार शाम को रेलवे ट्रैक खाली कर दिया। सूचना मिलते ही रेलवे ट्रेनों के संचालन में जुट गया और शाम लगभग 4:30 बजे खाली इंजन दौड़ाकर रेल सेक्शन को चेक किया।
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क्लियरेंस मिलते ही शाम लगभग 5:15 बजे सहारनपुर की तरफ से आई मालगाड़ी को अंबाला से लुधियाना की तरफ रवाना कर दिया गया और इसके पीछे कोलकाता से आई अकाल तख्त एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12317 को अमृतसर की तरफ संचालित किया। 34 दिन तक चले किसान आंदोलन के कारण रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और रेलवे इसके आंकलन में जुट गया है।
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प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि किसान आंदोलन के कारण 27 हजार यात्रियों ने टिकट रिफंड करवाया और रेलवे ने सवा करोड़ के करीब रिफंड यात्रियों को दिया। हालांकि इसके कुल खर्च की रिपोर्ट बाद में सामने आएगी कि मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के न चलने से रेलवे को कितने का नुकसान हुआ है।
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रेलवे और यात्रियों के लिए राहत
अंबाला-लुधियाना रेलवे ट्रैक खाली होने से जहां रेलवे ने राहत की सांस ली है, वहीं यात्रियों की परेशानी भी कम हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान घूमने-फिरने और अपने घरों की तरफ जाने वाले यात्रियों को होगा, जिन्होंने तीन माह पहले ही ट्रेनों में आरक्षण करवा लिया था, जिससे कि वो बिना किसी परेशानी के ट्रेन में सफर कर सकें, लेकिन किसान आंदोलन के कारण उनकी बनाई योजना पर पानी फिरने के आसार लग रहे थे। ऐसे में कंफर्म टिकट यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है।
17 अप्रैल से 20 मई तक प्रभावित रहा संचालन
रेलवे की मुख्य लाइन पर किसानों के बैठने से ट्रेनों का संचालन काफी बुरी तरीके से प्रभावित हो गया था। इसका असर 5655 ट्रेनों पर हुआ। सुरक्षा कारणों से रेलवे ने 1032 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द, 193 को बीच रास्ते रद्द करके 183 का पुन: संचालन और 2226 ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया। जबकि पैसेंजर ट्रेनों में से 1178 को पूर्ण तौर पर रद्द, 29 को बीच रास्ते रद्द, 26 को बीच रास्ते से पुन: संचालित और एक ट्रेन को बदले मार्ग से चलाया। वहीं 787 मालगाड़ियों को भी बदले मार्ग से संचालित किया गया। इस प्रकार रेलवे ने 34 दिनों के अंतराल में 2210 ट्रेनों को रद्द, 222 को बीच रास्ते रद्द, 1,209 को बीच रास्ते संचालित, 2227 को बदले मार्ग और 787 मालगाड़ियों को संचालित किया।
आज से शुरू होगा ट्रेनों का संचालन
किसान आंदोलन के कारण लोकल रूट पर चलने वाली 70 के करीब ट्रेनों का संचालन सोमवार रात से आरंभ हो जाएगा। ट्रेनों के संबंध में रेलवे सिस्टम को भी अपडेट कर दिया गया है और अनारक्षित टिकट केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वो लोकल रूट पर चलने वाली ट्रेनों की टिकटों की प्रक्रिया आरंभ कर दें और इसकी उद्धोषणा भी लगातार रेलवे के सहयोग केंद्र से करते रहें ताकि यात्रियों की परेशानी को कुछ कम किया जा सके।

वर्जन
अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइन पर बैठे किसानों ने धरना खत्म कर दिया है। शाम 4.30 बजे क्लियरेंस मिलते ही पहले मालगाड़ी और फिर अकालतख्त एक्सप्रेस का संचालन किया गया। पिछले 34 दिनों में 5655 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। इसमें 787 मालगाड़ियों को बदले मार्ग से, 2210 ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद्द, 431 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित और 2227 ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया गया। रेलवे को हुए राजस्व के नुकसान को लेकर आंकलन किया जा रहा है। जल्द ही इसकी जानकारी साझा कर दी जाएगी।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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