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किसानों ने मिल गेट पर जड़ा ताला
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2015 12:50 AM IST
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शुगर मिल नारायणगढ़ से करोड़ों की बकाया पेमेंट को लेकर किसानों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। किसानों ने मिल गेट पर जहां ताला जड़ दिया, वहीं हाइवे जाम करने की भी कोशिश की।
जाम लगाने की कोशिश कर रहे किसानों को पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझाया। मौके पर एसडीएम सहित भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया, जबकि मामला सीएम दरबार में पहुंच गया।
इसी को लेकर मंगलवार को सीएम को ओएसडी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों, मिल प्रबंधन, किसान संगठनों व बैंक अधिकारियों की बैठक होगी।
यह है मामला
गन्ने की बकाया पेमेंट को लेकर क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले पिछले पंद्रह दिनों से मिल गेट के समक्ष धरना दे रहे हैं। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने 10 जुलाई को मिल प्रबंधन को 19 जुलाई तक पेमेंट करने का अल्टीमेटम दिया था।
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साथ ही कहा था कि यदि किसानों को गन्ने की बकाया पेमेंट की अदायगी नहीं हुई, तो 20 जुलाई को रोड जाम होगा। इससे पहले कईं बार किसानों के प्रतिनिधिमंडल विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुके थे।
किसानों ने किया जमकर हंगामा
सोमवार को शुगर मिल नारायणगढ़ के गेट के समक्ष राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 72 पर सुबह से ही गन्ना उत्पादक किसानों का जमावड़ा शुरु हो गया। भाकियू के जिला प्रधान रूप सिंह बख्तुआ की अगुवाई में मिल गेट पर ताले जड़ मिल प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
थोड़ी ही देर के बाद भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को संबोधित किया। किसी भी संभावित बड़े हंगामे की संभावनाओं के चलते पुलिस बल भी तैनात रहा, जबकि बाद में एसडीएम रुचि सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। यहां पर किसानों ने रोड जाम करने की कोशिश भी की, जिसे अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत किया। किसानों ने इस दोरान सरकार व मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
'पिछले काफी समय से गन्ना उत्पादक अपना हक मांग रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। अब मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि सरकार व प्रशासन अपने निर्णय पर खरा नहीं उतरा तो किसान किसी भी हद तक जा सकते हैं, जबकि मिल गेट के समक्ष चल रहा क्रमिक अनशन लगातार जारी रहेगा।
- गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
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जाम लगाने की कोशिश कर रहे किसानों को पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझाया। मौके पर एसडीएम सहित भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया, जबकि मामला सीएम दरबार में पहुंच गया।
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इसी को लेकर मंगलवार को सीएम को ओएसडी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों, मिल प्रबंधन, किसान संगठनों व बैंक अधिकारियों की बैठक होगी।
यह है मामला
गन्ने की बकाया पेमेंट को लेकर क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले पिछले पंद्रह दिनों से मिल गेट के समक्ष धरना दे रहे हैं। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने 10 जुलाई को मिल प्रबंधन को 19 जुलाई तक पेमेंट करने का अल्टीमेटम दिया था।
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साथ ही कहा था कि यदि किसानों को गन्ने की बकाया पेमेंट की अदायगी नहीं हुई, तो 20 जुलाई को रोड जाम होगा। इससे पहले कईं बार किसानों के प्रतिनिधिमंडल विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुके थे।
किसानों ने किया जमकर हंगामा
सोमवार को शुगर मिल नारायणगढ़ के गेट के समक्ष राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 72 पर सुबह से ही गन्ना उत्पादक किसानों का जमावड़ा शुरु हो गया। भाकियू के जिला प्रधान रूप सिंह बख्तुआ की अगुवाई में मिल गेट पर ताले जड़ मिल प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
थोड़ी ही देर के बाद भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को संबोधित किया। किसी भी संभावित बड़े हंगामे की संभावनाओं के चलते पुलिस बल भी तैनात रहा, जबकि बाद में एसडीएम रुचि सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। यहां पर किसानों ने रोड जाम करने की कोशिश भी की, जिसे अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत किया। किसानों ने इस दोरान सरकार व मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
'पिछले काफी समय से गन्ना उत्पादक अपना हक मांग रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। अब मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि सरकार व प्रशासन अपने निर्णय पर खरा नहीं उतरा तो किसान किसी भी हद तक जा सकते हैं, जबकि मिल गेट के समक्ष चल रहा क्रमिक अनशन लगातार जारी रहेगा।
- गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन