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हिसार हाईवे तीन घंटे जाम, शाम को घर पहुंचे बच्चे
अंबाला
Updated Tue, 08 Oct 2013 11:53 PM IST
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अंबाला शहर की नई अनाज मंडी में फसल का सही समर्थन मूल्य नहीं मिलने और उठान नहीं होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर जमकर बवाल काटा।
नाराज किसानों ने अंबाला-हिसार हाईवे पर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। इस कारण शहर की अंदरूनी सड़कें भी जाम से घिर गई। कई किलोमीटर तक लगे जाम के कारण खासतौर पर स्कूली बच्चों को खासी परेशानी हुई। जाम के कारण बच्चों तकरीबन शाम छह बजे तक घर पहुंचे।
इस दौरान छोटे बच्चों का काफी बुरा हाल रहा। जाम की खबर मिलने के बाद अभिभावक आकर अपने बच्चों को ले गए। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोला।
फसल के उठान में ज्यादती का आरोप
किसानों का आरोप था कि उन्हें सरकार ने 1345 रुपये धान का समर्थन मूल्य देना तय किया था। लेकिन शहर मंडी में किसानों से नमी कट के नाम पर 250 रुपये का चूना प्रति क्विंटल लगाया जा रहा है। इसके अलावा किसानों का कहना था कि प्रशासन ने प्रति आढ़ती 4-4 शैलर फिक्स कर दिए हैं यह उन्हें मंजूर नहीं है।
सभी शैलरों को छूट होनी चाहिए कि जो शैलर जिस आढ़ती के माध्यम से फसल खरीदना चाहे वह खरीद सकता है। किसानों का आरोप है कि फसल के उठान के नाम पर भी उनसे ज्यादती हो रही है। किसानों ने मांग की कि उनका समर्थन मूल्य सरकार बढ़ाए और फसलों का उठान समय पर करे।
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परिजनों को लेने आना पड़ा बच्चों को
जाम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा। जाम के कारण स्कूली बच्चे 3 बजे से साढ़े 6 बजे तक जाम में फंसी बसों में ही बैठे रहे। बच्चों के स्कूल से घर न पहुंचने पर परिजन परेशान होकर अध्यापकों को फोन करते रहे जिसके बाद उन्हें जाम की सूचना मिलने पर वह स्वयं अपने बच्चों को जाम में लेने पहुुंचे।
शहरवासी बहुत ज्यादा दुखी
हिसार हाईवे का बहुत बड़ा हिस्सा शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरता है। लेकिन पूरी सड़क पर दूर-दूर तक जाम ही जाम था। इसी वजह से शहर की सड़कें भी जाम हो गई। लोगों को शहर के बीचोंबीच से सेक्टरों व सिविल अस्पताल के दूसरी ओर जाने में बहुत परेशानी हुई। कुछ लोग मानव चौक से वाया सेक्टर नौ मॉडल टाउन से हाइवे नंबर एक तक पहुंचे। देरशाम तक हालात खराब ही रहे।
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नाराज किसानों ने अंबाला-हिसार हाईवे पर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। इस कारण शहर की अंदरूनी सड़कें भी जाम से घिर गई। कई किलोमीटर तक लगे जाम के कारण खासतौर पर स्कूली बच्चों को खासी परेशानी हुई। जाम के कारण बच्चों तकरीबन शाम छह बजे तक घर पहुंचे।
इस दौरान छोटे बच्चों का काफी बुरा हाल रहा। जाम की खबर मिलने के बाद अभिभावक आकर अपने बच्चों को ले गए। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोला।
फसल के उठान में ज्यादती का आरोप
किसानों का आरोप था कि उन्हें सरकार ने 1345 रुपये धान का समर्थन मूल्य देना तय किया था। लेकिन शहर मंडी में किसानों से नमी कट के नाम पर 250 रुपये का चूना प्रति क्विंटल लगाया जा रहा है। इसके अलावा किसानों का कहना था कि प्रशासन ने प्रति आढ़ती 4-4 शैलर फिक्स कर दिए हैं यह उन्हें मंजूर नहीं है।
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सभी शैलरों को छूट होनी चाहिए कि जो शैलर जिस आढ़ती के माध्यम से फसल खरीदना चाहे वह खरीद सकता है। किसानों का आरोप है कि फसल के उठान के नाम पर भी उनसे ज्यादती हो रही है। किसानों ने मांग की कि उनका समर्थन मूल्य सरकार बढ़ाए और फसलों का उठान समय पर करे।
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परिजनों को लेने आना पड़ा बच्चों को
जाम का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा। जाम के कारण स्कूली बच्चे 3 बजे से साढ़े 6 बजे तक जाम में फंसी बसों में ही बैठे रहे। बच्चों के स्कूल से घर न पहुंचने पर परिजन परेशान होकर अध्यापकों को फोन करते रहे जिसके बाद उन्हें जाम की सूचना मिलने पर वह स्वयं अपने बच्चों को जाम में लेने पहुुंचे।
शहरवासी बहुत ज्यादा दुखी
हिसार हाईवे का बहुत बड़ा हिस्सा शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरता है। लेकिन पूरी सड़क पर दूर-दूर तक जाम ही जाम था। इसी वजह से शहर की सड़कें भी जाम हो गई। लोगों को शहर के बीचोंबीच से सेक्टरों व सिविल अस्पताल के दूसरी ओर जाने में बहुत परेशानी हुई। कुछ लोग मानव चौक से वाया सेक्टर नौ मॉडल टाउन से हाइवे नंबर एक तक पहुंचे। देरशाम तक हालात खराब ही रहे।