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ब्रह्म ज्ञान की औषधि से होता है विकार का निवारण : भारती
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शहर के मॉडल टाऊन स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में सत्संग में मौजूद श्रद्धालु। संस्थ
- फोटो : School
मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी भारती ने मानव जीवन में ईर्ष्या और अहंकार जैसे मानसिक विकारों पर अपने विचार व्यक्त किए।
साध्वी ने कहा कि हीन भावना से ईर्ष्या और श्रेष्ठता के भाव से अहंकार जन्म लेता है। यह दोनों विकार मनुष्य की मन की शांति को नष्ट कर उसे अपने वास्तविक आत्मिक स्वरूप से दूर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी परिस्थितियों को बदलने से पहले अपने भीतर झांकना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना ही मन के सभी विकारों को मिटाने की अचूक औषधि है। जब मनुष्य आत्मज्ञान की ओर बढ़ता है, तो उसके भीतर प्रेम, करुणा, सहनशीलता और विनम्रता के गुण स्वत विकसित होने लगते हैं। प्रवचनों व भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद विश्व शांति के लिए आयोजित सामूहिक ध्यान-साधना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी भारती ने मानव जीवन में ईर्ष्या और अहंकार जैसे मानसिक विकारों पर अपने विचार व्यक्त किए।
साध्वी ने कहा कि हीन भावना से ईर्ष्या और श्रेष्ठता के भाव से अहंकार जन्म लेता है। यह दोनों विकार मनुष्य की मन की शांति को नष्ट कर उसे अपने वास्तविक आत्मिक स्वरूप से दूर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी परिस्थितियों को बदलने से पहले अपने भीतर झांकना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना ही मन के सभी विकारों को मिटाने की अचूक औषधि है। जब मनुष्य आत्मज्ञान की ओर बढ़ता है, तो उसके भीतर प्रेम, करुणा, सहनशीलता और विनम्रता के गुण स्वत विकसित होने लगते हैं। प्रवचनों व भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद विश्व शांति के लिए आयोजित सामूहिक ध्यान-साधना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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